{"_id":"7ece16a1a49ca4aa32c1a989e497b03e","slug":"given-declining-water-to-sun-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया
अमर उजाला ब्यूरो/ सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 17 Nov 2015 09:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोक आस्था के महापर्व पर मंगलवार को छठ घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। पुत्र प्राप्ति और परिवार की मंगल कामना के साथ सैकड़ों व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को छठ का पहला अर्घ्य दिया।
इस दौरान छठ के पारंपरिक गीतों से वातावरण गुंजायमान रहा। बुधवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ तीन दिवसीय छठ व्रत का समापन होगा। दिवाली के बाद से ही शुरू हुआ छठ पूजा का उत्साह मंगलवार को चरम पर रहा। आस्था से सराबोर श्रद्धालु सुबह से ही पूजन की तैयारियों में जुट गए थे।
परिवार के पुरुष सदस्य दिनभर बाजारों में खरीदारी कर पूजन सामान जुटाने में लगे हुए थे तो घर में महिला प्रसाद सामग्री तैयार कर रही थीं।
नगर के बैकुंठधाम छठ घाट पर तीन बजे से ही श्रद्धालुओं के उमड़ने का सिलसिला शुरू हो गया था। सिर पर बहंगी और हाथों में पूजा की थाली लेकर श्रद्धालुओं की टोली छठ घाटों की ओर रवाना हो गई।
विज्ञापन
वेदी पूजन के बाद व्रती महिलाओं ने पानी के बीच खड़े होकर छठी मइया की आराधना की। करीब डेढ़ घंटे की प्रतीक्षा के बाद जैसे ही भगवान भास्कर अस्ताचल हुए अर्घ्य देने का क्रम शुरू हो गया।
नगर पालिका अध्यक्ष मोहम्मद जमील सिद्दीकी की अगुवाई में नगर पालिका की टीम श्रद्धालुओं की सेवा में जुटी रही। इसके अलावा स्वयंसेवी संस्थाओं के लोगों समेत विभिन्न व्यापारी भी यहां व्यवस्था में लगे थे।
इस दौरान तरह-तरह की दुकानें भी सजाई गई थीं। बांसी।
सूर्योपासना के महापर्व छठ पर राप्ती नदी के रानी लक्ष्मी मोह भक्त घाट पर सैकड़ों की संख्या मे मंगलवार की शाम व्रती महिलाओं ने डूबते सूर्य को अघ्र्य दिया।
पर्व को कस्बे मे लगभग दो दशक से बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। घाट पर मेले जैसा माहौल था। नपाध्यक्ष प्रतिनिधि मो.इदरीस पटवारी, सभासद रामगति मौर्या, अरुण गुप्ता, प्रमोद अग्रहरी व्यवस्था बनाने में लगे रहे। घाट पर पूर्व नपाध्यक्ष ध्रूवचंद्र जायसवाल, भाजपा नेता रामशरण मौर्या, अजय वर्मा, राजेश अग्रहरी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
इस दौरान छठ के पारंपरिक गीतों से वातावरण गुंजायमान रहा। बुधवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ तीन दिवसीय छठ व्रत का समापन होगा। दिवाली के बाद से ही शुरू हुआ छठ पूजा का उत्साह मंगलवार को चरम पर रहा। आस्था से सराबोर श्रद्धालु सुबह से ही पूजन की तैयारियों में जुट गए थे।
विज्ञापन
परिवार के पुरुष सदस्य दिनभर बाजारों में खरीदारी कर पूजन सामान जुटाने में लगे हुए थे तो घर में महिला प्रसाद सामग्री तैयार कर रही थीं।
नगर के बैकुंठधाम छठ घाट पर तीन बजे से ही श्रद्धालुओं के उमड़ने का सिलसिला शुरू हो गया था। सिर पर बहंगी और हाथों में पूजा की थाली लेकर श्रद्धालुओं की टोली छठ घाटों की ओर रवाना हो गई।
विज्ञापन
वेदी पूजन के बाद व्रती महिलाओं ने पानी के बीच खड़े होकर छठी मइया की आराधना की। करीब डेढ़ घंटे की प्रतीक्षा के बाद जैसे ही भगवान भास्कर अस्ताचल हुए अर्घ्य देने का क्रम शुरू हो गया।
नगर पालिका अध्यक्ष मोहम्मद जमील सिद्दीकी की अगुवाई में नगर पालिका की टीम श्रद्धालुओं की सेवा में जुटी रही। इसके अलावा स्वयंसेवी संस्थाओं के लोगों समेत विभिन्न व्यापारी भी यहां व्यवस्था में लगे थे।
इस दौरान तरह-तरह की दुकानें भी सजाई गई थीं। बांसी।
सूर्योपासना के महापर्व छठ पर राप्ती नदी के रानी लक्ष्मी मोह भक्त घाट पर सैकड़ों की संख्या मे मंगलवार की शाम व्रती महिलाओं ने डूबते सूर्य को अघ्र्य दिया।
पर्व को कस्बे मे लगभग दो दशक से बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। घाट पर मेले जैसा माहौल था। नपाध्यक्ष प्रतिनिधि मो.इदरीस पटवारी, सभासद रामगति मौर्या, अरुण गुप्ता, प्रमोद अग्रहरी व्यवस्था बनाने में लगे रहे। घाट पर पूर्व नपाध्यक्ष ध्रूवचंद्र जायसवाल, भाजपा नेता रामशरण मौर्या, अजय वर्मा, राजेश अग्रहरी आदि मौजूद रहे।