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चौकीदार मोर्चा ने कलेक्ट्रेट परिसर में दिया धरना
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 05 Aug 2016 10:52 PM IST
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कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देते चौकीदार।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सिद्धार्थनगर। ग्रामीण चौकीदार अधिकार मोर्चा ने शुक्रवार को कलेक्टे्रट परिसर में मांगों को लेकर धरना दिया। इस दौरान थानों में चौकीदारों के उत्पीड़न पर अंकुश सहित अन्य मांगों को लेकर डीएम को ज्ञापन देकर समाधान की मांग की। समस्याएं दूर न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
जिलाध्यक्ष हरिराम यादव ने कहा कि चौकीदारों पर थानों में पुलिस कर्मियों के द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न को अब अधिक दिनों तक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि थानों में चौकीदारों से बाथरूम की सफाई करवाई जाती है जूता पॉलिस कराया जाता है इसके साथ गाली भी दी जाती है। जो अब चौकीदारों को बर्दाश्त नहीं है, कहा कि चौकीदारों को राज्य कर्मचारी घोषित करते हुए पूरा लाभ दिया जाए।
चौकीदार नाम को हटाकर क्राइम कंट्रोलर या पुलिस नाम दिया जाए। चौकीदारों को पांच लाख रुपये दुर्घटना बीमा दिया जाए। चौकीदारों के लिए अलग से भवन व कार्यालय निर्माण कराया जाए, जिससे वह अपनी बात को प्रशासन तक पहुंचा सके। चौकीदारों को थाने पर हाजिरी बनाने की व्यवस्था को स्वत: करने की छूट दी जाए, जिससे पुलिसिया उत्पीड़न बंद हो सके। जोगिया कोतवाली में तैनात दीवान व मुंशी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान रामानंद मौर्य, बालमुकुंद त्रिपाठी, जगन्नाथ यादव, भगेलू, बाबूराम, ओंकार, रामबृक्ष, रामबहाल आदि मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष हरिराम यादव ने कहा कि चौकीदारों पर थानों में पुलिस कर्मियों के द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न को अब अधिक दिनों तक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि थानों में चौकीदारों से बाथरूम की सफाई करवाई जाती है जूता पॉलिस कराया जाता है इसके साथ गाली भी दी जाती है। जो अब चौकीदारों को बर्दाश्त नहीं है, कहा कि चौकीदारों को राज्य कर्मचारी घोषित करते हुए पूरा लाभ दिया जाए।
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चौकीदार नाम को हटाकर क्राइम कंट्रोलर या पुलिस नाम दिया जाए। चौकीदारों को पांच लाख रुपये दुर्घटना बीमा दिया जाए। चौकीदारों के लिए अलग से भवन व कार्यालय निर्माण कराया जाए, जिससे वह अपनी बात को प्रशासन तक पहुंचा सके। चौकीदारों को थाने पर हाजिरी बनाने की व्यवस्था को स्वत: करने की छूट दी जाए, जिससे पुलिसिया उत्पीड़न बंद हो सके। जोगिया कोतवाली में तैनात दीवान व मुंशी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान रामानंद मौर्य, बालमुकुंद त्रिपाठी, जगन्नाथ यादव, भगेलू, बाबूराम, ओंकार, रामबृक्ष, रामबहाल आदि मौजूद रहे।
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