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Siddharthnagar News: ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक इलाज के लिए मारामारी, परेशान दिखे मरीज
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मेडिकल काॅलेज में स्ट्रैचर पर मरीज।
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पडरौना। मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को मरीजों की भीड़ अधिक होने के कारण व्यवस्था लड़खड़ा गई। एक्सरे और अल्ट्रासाउंड में देरी होने पर तीमारदारों ने हंगामा खड़ा कर दिया। गार्डों ने तीमारदारों को शांत कराया। बावजूद 100 से अधिक मरीजों को बिना एक्सरे और अल्ट्रासाउंड कराए लौटना पड़ा। वहीं ओपीडी और इमरजेंसी में भी भीड़ रही। एक्सरे कक्ष के बाहर गैलरी में स्ट्रेचर और व्हीलचेयर पर मरीजों को लेकर दो से तीन घंटे तीमारदारों को इंतजार करना पड़ा।
होली के बाद मरीजों की भीड़ मेडिकल कॉलेज में बढ़ गई है। शुक्रवार को 1536 नए मरीजों ने इलाज के लिए रजिस्ट्रेशन कराया, जबकि 800 से अधिक पुराने मरीज पहुंचे थे, दिन में करीब 12.10 बजे ओपीडी कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ अधिक रही, हड्डी रोग विभाग में कतार में मरीज लगे थे, जबकि इमरजेंसी में मेडिको लीगल कराने वालों के अलावा हादसे में घायल और पेट दर्द के मरीज इलाज के लिए मौजूद रहे, 1 बजे एक्सरे कक्ष के बाहर हाल में मरीजों की इतनी भीड़ रही कि पैर रखने की जगह नहीं थी। सिसवा पकड़ियार गांव की कमली देवी, भगवती देवी चलने में असमर्थ हैं, दोनों महिला वार्ड में भर्ती थी, स्ट्रेचर पर कमर का एक्सरे कराने के लिए घर की महिलाएं सुबह 10 बजे वार्ड से लेकर एक्सरे कक्ष में आई, पर्ची जमा करने के दो घंटे बाद तक नंबर नहीं आया था, दोनों मरीजों को स्ट्रेचर पर रखकर गैलरी में अपने नंबर का इंतजार कर रही थीं। एक्सरे कराने में देरी होने पर मरीज जमा किए गए पर्ची उपर नीचे करने का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। शोर सुनकर गार्ड पहुंचे और लोगों को शांत कराया। वहीं अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर 60 से अधिक मरीज मौजूद रहे, भीड़ अधिक होने के कारण 35 से अधिक मरीज वापस लौट गए। डॉक्टर अल्ट्रासाउंड करने से मना कर दिए, भीड़ की वजह से पर्ची काउंटर से लेकर दवा काउंटर, वार्ड, ओपीडी, इमरजेंसी, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और खून की जांच कराने के लिए परेशान दिखे।
होली को लेकर एक दिन मेडिकल कॉलेज बंद रहा, शुक्रवार को मरीजों की संख्या अधिक रही, बिना एक्सरे और अल्ट्रासाउंड लौटने वाले मरीजों को दूसरे दिन बुलाया जाता है, जो व्यवस्था है उससे
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अधिक प्रति दिन एक्सरे और अल्ट्रासाउंड होता है। इसमें सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण तीमारदार हंगामा किए थे, बाद में गार्ड समझाकर शांत करा दिया।
डॉ. दिलीप कुमार, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज कुशीनगर
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होली के बाद मरीजों की भीड़ मेडिकल कॉलेज में बढ़ गई है। शुक्रवार को 1536 नए मरीजों ने इलाज के लिए रजिस्ट्रेशन कराया, जबकि 800 से अधिक पुराने मरीज पहुंचे थे, दिन में करीब 12.10 बजे ओपीडी कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ अधिक रही, हड्डी रोग विभाग में कतार में मरीज लगे थे, जबकि इमरजेंसी में मेडिको लीगल कराने वालों के अलावा हादसे में घायल और पेट दर्द के मरीज इलाज के लिए मौजूद रहे, 1 बजे एक्सरे कक्ष के बाहर हाल में मरीजों की इतनी भीड़ रही कि पैर रखने की जगह नहीं थी। सिसवा पकड़ियार गांव की कमली देवी, भगवती देवी चलने में असमर्थ हैं, दोनों महिला वार्ड में भर्ती थी, स्ट्रेचर पर कमर का एक्सरे कराने के लिए घर की महिलाएं सुबह 10 बजे वार्ड से लेकर एक्सरे कक्ष में आई, पर्ची जमा करने के दो घंटे बाद तक नंबर नहीं आया था, दोनों मरीजों को स्ट्रेचर पर रखकर गैलरी में अपने नंबर का इंतजार कर रही थीं। एक्सरे कराने में देरी होने पर मरीज जमा किए गए पर्ची उपर नीचे करने का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। शोर सुनकर गार्ड पहुंचे और लोगों को शांत कराया। वहीं अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर 60 से अधिक मरीज मौजूद रहे, भीड़ अधिक होने के कारण 35 से अधिक मरीज वापस लौट गए। डॉक्टर अल्ट्रासाउंड करने से मना कर दिए, भीड़ की वजह से पर्ची काउंटर से लेकर दवा काउंटर, वार्ड, ओपीडी, इमरजेंसी, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और खून की जांच कराने के लिए परेशान दिखे।
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होली को लेकर एक दिन मेडिकल कॉलेज बंद रहा, शुक्रवार को मरीजों की संख्या अधिक रही, बिना एक्सरे और अल्ट्रासाउंड लौटने वाले मरीजों को दूसरे दिन बुलाया जाता है, जो व्यवस्था है उससे
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अधिक प्रति दिन एक्सरे और अल्ट्रासाउंड होता है। इसमें सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण तीमारदार हंगामा किए थे, बाद में गार्ड समझाकर शांत करा दिया।
डॉ. दिलीप कुमार, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज कुशीनगर