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मेडिकल कॉलेज में नियुक्ति के नाम पर जालसाजी
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मेडिकल कॉलेज में नियुक्ति के नाम पर जालसाजी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से नियुक्ति शुरू होने से पहले ही जालसाजी शुरू हो गई है। जालसाजी के शिकार दो युवकों ने शनिवार को मेडिकल कॉलेज में पहुंचकर हकीकत जाने की कोशिश की तो मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव को इसकी जानकारी मिली। प्राचार्य ने कोतवाली थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
कुशीनगर के रहने वाले योगेश मिश्र और वरुण ने जब मेडिकल कॉलेज में पूछताछ की तो मामले का पता चला। दोनों ने फर्जी नियुक्त के बाद जालसाज की ओर से दिए गए प्रशिक्षण प्रमाणपत्र को दिखाया तो जालसाजी की पुष्टि हुई। उन्होंने बताया कि गोरखपुर के पादरी बाजार निवासी जालसाज ने उनसे संविदा के अंतर्गत वार्ड ब्वाय की नियुक्ति के लिए 60-60 हजार रुपये लिए हैं। उन्हें शक हुआ तो वे मेडिकल कॉलेज में पता लगाने आ गए। इस संबंध कोतवाल तहसीलदार सिंह ने बताया कि तहरीर प्राप्त होने पर जालसाल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशिक्षण केंद्र अयोध्या लिखा है
जालसाज ने माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के पैड पर प्रशिक्षण केंद्र अयोध्या बताया है। वार्ड ब्वॉय के प्रशिक्षण की बात अयोध्या में होने के कारण सुरक्षाकर्मियों को शक हो गया। उसके बाद प्राचार्य ने पूछताछ की।
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एक सप्ताह बाद शुरू होगी नियुक्ति प्रक्रिया
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने विज्ञप्ति जारी करके बताया कि कोई भी व्यक्ति नियुक्ति के मामले में किसी से वसूली करता है तो उसकी शिकायत उनके ई मेल आईडी या मोबाइल नंबर पर कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि नियुक्तियों का आवेदन सेवायोजन पोर्टल पर दर्ज करने में एक सप्ताह लगेगा। उसके बाद ही नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होगी।
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से नियुक्ति शुरू होने से पहले ही जालसाजी शुरू हो गई है। जालसाजी के शिकार दो युवकों ने शनिवार को मेडिकल कॉलेज में पहुंचकर हकीकत जाने की कोशिश की तो मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव को इसकी जानकारी मिली। प्राचार्य ने कोतवाली थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
कुशीनगर के रहने वाले योगेश मिश्र और वरुण ने जब मेडिकल कॉलेज में पूछताछ की तो मामले का पता चला। दोनों ने फर्जी नियुक्त के बाद जालसाज की ओर से दिए गए प्रशिक्षण प्रमाणपत्र को दिखाया तो जालसाजी की पुष्टि हुई। उन्होंने बताया कि गोरखपुर के पादरी बाजार निवासी जालसाज ने उनसे संविदा के अंतर्गत वार्ड ब्वाय की नियुक्ति के लिए 60-60 हजार रुपये लिए हैं। उन्हें शक हुआ तो वे मेडिकल कॉलेज में पता लगाने आ गए। इस संबंध कोतवाल तहसीलदार सिंह ने बताया कि तहरीर प्राप्त होने पर जालसाल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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प्रशिक्षण केंद्र अयोध्या लिखा है
जालसाज ने माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के पैड पर प्रशिक्षण केंद्र अयोध्या बताया है। वार्ड ब्वॉय के प्रशिक्षण की बात अयोध्या में होने के कारण सुरक्षाकर्मियों को शक हो गया। उसके बाद प्राचार्य ने पूछताछ की।
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एक सप्ताह बाद शुरू होगी नियुक्ति प्रक्रिया
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने विज्ञप्ति जारी करके बताया कि कोई भी व्यक्ति नियुक्ति के मामले में किसी से वसूली करता है तो उसकी शिकायत उनके ई मेल आईडी या मोबाइल नंबर पर कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि नियुक्तियों का आवेदन सेवायोजन पोर्टल पर दर्ज करने में एक सप्ताह लगेगा। उसके बाद ही नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होगी।