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Siddharthnagar News: गिरोहबंद अपराध के दोषी को चार वर्ष, नौ माह की कैद
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गिरोहबंद अपराध के दोषी को चार वर्ष, नौ माह की कैद
सिद्धार्थनगर। अपर विशेष सत्र न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट ब्रिजेश कुमार ने गिरोहबंद अपराध एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप के दोषी फैयाज को चार वर्ष नौ माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा न करने की दशा में एक माह का अतिरिक्त कारावास और भोगना होगा।
संतकबीरनगर जिले के थाना बखिरा क्षेत्र के निवासी फैयाज को वर्ष 2009 में जिले की मोहाना थाना पुलिस ने गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रिया-कलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
विवेचना के बाद अभियुक्त के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। उस आधार पर अपराध का संज्ञान लिया गया और अभियुक्त को विचारण के लिए तलब किया गया। एसओ मोहाना ने अभियुक्त के विरुद्ध गैंगचार्ट भी न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। पत्रावली में उपलब्ध समस्त साक्ष्य, तथ्यों, परिस्थितियों व गैंगचार्ट के आधार पर फैयाज को दोषी पाते हुए चार वर्ष नौ माह की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। से दंडित किया गया। अर्थदंड न अदा करने की दशा में अभियुक्त को एक एक और माह समाज और भी भोगनी पड़ेगी।
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सिद्धार्थनगर। अपर विशेष सत्र न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट ब्रिजेश कुमार ने गिरोहबंद अपराध एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप के दोषी फैयाज को चार वर्ष नौ माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा न करने की दशा में एक माह का अतिरिक्त कारावास और भोगना होगा।
संतकबीरनगर जिले के थाना बखिरा क्षेत्र के निवासी फैयाज को वर्ष 2009 में जिले की मोहाना थाना पुलिस ने गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रिया-कलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
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विवेचना के बाद अभियुक्त के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। उस आधार पर अपराध का संज्ञान लिया गया और अभियुक्त को विचारण के लिए तलब किया गया। एसओ मोहाना ने अभियुक्त के विरुद्ध गैंगचार्ट भी न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। पत्रावली में उपलब्ध समस्त साक्ष्य, तथ्यों, परिस्थितियों व गैंगचार्ट के आधार पर फैयाज को दोषी पाते हुए चार वर्ष नौ माह की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। से दंडित किया गया। अर्थदंड न अदा करने की दशा में अभियुक्त को एक एक और माह समाज और भी भोगनी पड़ेगी।
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