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Siddharthnagar News:नेपाल की बारिश ने बढ़ाई आफत, चार नदियां लाल निशान के पार- थम रही बढ़ने की रफ्तार
Tue, 01 Oct 2024 01:31 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 01 Oct 2024 01:31 PM IST
सार
बूढ़ी राप्ती, कूड़ा व घोघी समेत चार नदियां लाल निशान के पार हैं। राप्ती नदी खतरे के निशान से मात्र 12 सेमी दूर है। इससे बाढ़ प्रभावित शोहरतगढ़ क्षेत्र के कई गांव में लोग मुसीबत झेल रहे हैं। वहीं राप्ती के उफान से डुमरियागंज क्षेत्र में सड़क पर पानी चढ़ने से लोग बाढ़ की आशंका से सहमे हुए हैं। तीन दिन बारिश के बाद भले ही मौसम साफ हो गया है, लेकिन जिले की नदियां उफान पर है।
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बाढ़ का संकट
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
सिद्धार्थनगर में बारिश बंद होने के बाद भी जिले में चार नदियां लाल निशान के पार हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों व प्रशासन के लिए राहत है कि नदियों के बढ़ने की रफ्तार कम हो गई है। बूढ़ी राप्ती नदी के रफ्तार कुछ कम हुई तो राप्ती नदी का पानी बढ़ने लगा।
बूढ़ी राप्ती व बाणगंगा के तेवर से शोहरतगढ़ क्षेत्र में लोगों की दिक्कतें बढ़ गई थी तो राप्ती का पानी बढ़ने बांसी और डुमरियागंज में भी दुश्वारियों से निपटने की चुनौती आ गई है। बूढ़ी राप्ती, कूड़ा व घोघी समेत चार नदियां लाल निशान के पार हैं।
राप्ती नदी खतरे के निशान से मात्र 12 सेमी दूर है। इससे बाढ़ प्रभावित शोहरतगढ़ क्षेत्र के कई गांव में लोग मुसीबत झेल रहे हैं। वहीं राप्ती के उफान से डुमरियागंज क्षेत्र में सड़क पर पानी चढ़ने से लोग बाढ़ की आशंका से सहमे हुए हैं। तीन दिन बारिश के बाद भले ही मौसम साफ हो गया है, लेकिन जिले की नदियां उफान पर है।
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बूढ़ी राप्ती व बाणगंगा के तेवर से शोहरतगढ़ क्षेत्र में लोगों की दिक्कतें बढ़ गई थी तो राप्ती का पानी बढ़ने बांसी और डुमरियागंज में भी दुश्वारियों से निपटने की चुनौती आ गई है। बूढ़ी राप्ती, कूड़ा व घोघी समेत चार नदियां लाल निशान के पार हैं।
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राप्ती नदी खतरे के निशान से मात्र 12 सेमी दूर है। इससे बाढ़ प्रभावित शोहरतगढ़ क्षेत्र के कई गांव में लोग मुसीबत झेल रहे हैं। वहीं राप्ती के उफान से डुमरियागंज क्षेत्र में सड़क पर पानी चढ़ने से लोग बाढ़ की आशंका से सहमे हुए हैं। तीन दिन बारिश के बाद भले ही मौसम साफ हो गया है, लेकिन जिले की नदियां उफान पर है।
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बाढ़ का संकट
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सोमवार को बूढ़ी राप्ती नदी खतरे के लाल निशान से 2.32 मीटर उपर बह रही थी। कूड़ा नदी खतरे के निशान से 47 सेमी और घोघी नदी लाल निशान से 60 सेमी ऊपर बहने लगी है। राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से मात्र 12 सेमी दूर रह गया है। बानगंगा नदी का जलस्तर कुछ कम होने के बाद भी शोहरतगढ़ क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हो रही है।
नाव से कर रहे हैं चारा का इंतजाम
तुलसियापुर प्रतिनिधि के अनुसार रास्तों पर बाढ़ का पानी होने से अभी कई मार्गों पर आवागमन शुरू नहीं हो पाया। फसलें बाढ़ के पानी में डूबने के कारण नष्ट होने के कगार पर पहुंच गई हैं। गांव के चारों तरफ पानी होने से पशुओं के चारे की समस्या उत्पन्न हो गई है।
गांव के लोग समूह बनाकर नाव से चारा काटने दूर जा रहे हैं और फिर बाढ़ की चुनौतियों का सामना करते आ रहे हैं ताकि पशु हानि न हो। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र में बहने वाली बानगंगा, बूढ़ी राप्ती,घोरही नदी और सोतवा व सुरहिया नाले का जलस्तर बढ़ने से तौलिहवा, खैरी शीतल प्रसाद, खैरी उर्फ झुंगहवां,मटियार उर्फ भुतहवा, गड़रखा, चंपापुर, कोहड़ौरा, चंदवा, तालकुंडा समेत कई गांवों की हजारों आबादी बाढ़ से पिछले चार दिनों से जूझ रही है।
नाव से कर रहे हैं चारा का इंतजाम
तुलसियापुर प्रतिनिधि के अनुसार रास्तों पर बाढ़ का पानी होने से अभी कई मार्गों पर आवागमन शुरू नहीं हो पाया। फसलें बाढ़ के पानी में डूबने के कारण नष्ट होने के कगार पर पहुंच गई हैं। गांव के चारों तरफ पानी होने से पशुओं के चारे की समस्या उत्पन्न हो गई है।
गांव के लोग समूह बनाकर नाव से चारा काटने दूर जा रहे हैं और फिर बाढ़ की चुनौतियों का सामना करते आ रहे हैं ताकि पशु हानि न हो। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र में बहने वाली बानगंगा, बूढ़ी राप्ती,घोरही नदी और सोतवा व सुरहिया नाले का जलस्तर बढ़ने से तौलिहवा, खैरी शीतल प्रसाद, खैरी उर्फ झुंगहवां,मटियार उर्फ भुतहवा, गड़रखा, चंपापुर, कोहड़ौरा, चंदवा, तालकुंडा समेत कई गांवों की हजारों आबादी बाढ़ से पिछले चार दिनों से जूझ रही है।
बाढ़ का संकट
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रामीण मो. कैसर, राकेश, महेंद्र, महेश, रमजान के मुताबिक पिछली बार जब जुलाई में बाढ़ आई थी, तब डीएम की निगरानी में तहसील प्रशासन ने सक्रिय होकर राहत व बचाव कार्यों को बड़ी तेजी से किया था, लेकिन इस बार जिलाधिकारी के निर्देश के बावजूद अधिकारी कर्मचारी लापरवाही बरत रहे हैं।
मो. सफात ने बताया कि सबसे अधिक समस्या पशुओं के चारे व रोजमर्रा की वस्तुओं की है। गांवों के चारों ओर व सड़कों पर पानी है। आवागमन अभी भी बाधित है।अमलेश चौधरी ने कहा कि धान,उड़द व मक्के की फसल तो पूरी तरह चौपट हो गई है। बिजली भी समय से नहीं आ रही है। जिससे हम बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं बढ़ गई हैं।
मो. सफात ने बताया कि सबसे अधिक समस्या पशुओं के चारे व रोजमर्रा की वस्तुओं की है। गांवों के चारों ओर व सड़कों पर पानी है। आवागमन अभी भी बाधित है।अमलेश चौधरी ने कहा कि धान,उड़द व मक्के की फसल तो पूरी तरह चौपट हो गई है। बिजली भी समय से नहीं आ रही है। जिससे हम बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं बढ़ गई हैं।
बाढ़ का संकट
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सड़क पर चढ़ा बाढ़ का पानी, कायम है दिक्कत
भनवापुर। क्षेत्र से गुजरने वाली राप्ती एक बार फिर अपना रौद्र रूप धारण करने को आतुर है। सोमवार को क्षेत्र के जूड़ीकुइयां बेतनार मार्ग पर छह इंच तक पानी बहना आरंभ हो गया है। क्षेत्र के राप्ती नदी के किनारे पर स्थित गागापुर, बिजौरा, सफीपुर, खंता, बेतनार, जूड़ीकुइयां, असनहरा, गोपिया, बामदेई, चंदनजोत, जुड़वनियां, पिकौरा, वीरपुर, धनोहरी, पेंड़ारी, मछिया, रमवापुर उर्फ नेबुआ, भरवठिया, फत्तेपुर डुमरिया गांवों के लोग इस वर्ष चौथी बार उफनाई राप्ती का तेवर देख भयभीत है।
क्षेत्र के प्रमोद तिवारी, मोनू पांडेय, पंकज पांडेय, अहमद, वसीम, परशुराम ने बताया कि बाढ़ आयी तो एक बार फिर से दुश्वारियां बढ़ जाएगी। राप्ती नदी के तट पर बना बिजौरा स्थित गोशाला, पंचायत भवन के परिसर में बाढ़ का पानी भर गया है। वहीं शाहपुर सिंगारजोत मार्ग पर ग्राम बेलवा के पास बाढ़ का पानी चढ़ने लगा है। राप्ती नदी का जलस्तर और बढ़ा तो इस मार्ग के बंद होने से दूसरे जगह से संपर्क कट जाएगा।
भनवापुर। क्षेत्र से गुजरने वाली राप्ती एक बार फिर अपना रौद्र रूप धारण करने को आतुर है। सोमवार को क्षेत्र के जूड़ीकुइयां बेतनार मार्ग पर छह इंच तक पानी बहना आरंभ हो गया है। क्षेत्र के राप्ती नदी के किनारे पर स्थित गागापुर, बिजौरा, सफीपुर, खंता, बेतनार, जूड़ीकुइयां, असनहरा, गोपिया, बामदेई, चंदनजोत, जुड़वनियां, पिकौरा, वीरपुर, धनोहरी, पेंड़ारी, मछिया, रमवापुर उर्फ नेबुआ, भरवठिया, फत्तेपुर डुमरिया गांवों के लोग इस वर्ष चौथी बार उफनाई राप्ती का तेवर देख भयभीत है।
क्षेत्र के प्रमोद तिवारी, मोनू पांडेय, पंकज पांडेय, अहमद, वसीम, परशुराम ने बताया कि बाढ़ आयी तो एक बार फिर से दुश्वारियां बढ़ जाएगी। राप्ती नदी के तट पर बना बिजौरा स्थित गोशाला, पंचायत भवन के परिसर में बाढ़ का पानी भर गया है। वहीं शाहपुर सिंगारजोत मार्ग पर ग्राम बेलवा के पास बाढ़ का पानी चढ़ने लगा है। राप्ती नदी का जलस्तर और बढ़ा तो इस मार्ग के बंद होने से दूसरे जगह से संपर्क कट जाएगा।
बाढ़ का संकट
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव वालों ने रात में रोका काम तो पहुंचे एसडीएम
बांसी। असोगवा नगवा बांध पर सतवाढ़ी गांव के पास गांव के पास हो रहे कटान स्थल का अधीक्षण अभियंता सुरेंद्र मोहन वर्मा ने सोमवार को निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सतवाढ़ी गांव के पास बांध से सटकर हो रहे नदी के बहाव को देखकर बांध को सुरक्षित करने के लिए परकोपाइन व बांध के बीच में बोरी डालकर पैक करने का निर्देश दिया।
असोगवा नगवा बांध से सतवाढ़ी गांव को जाने वाले बांध पर पुलिया है जिससे नदी के पानी का तेज बहाव हो रहा है और यह पानी बांध से सीधा टकरा रहा है। जिससे बांध की मिट्टी कट रही है। सतवाढ़ी गांव के पास बांध से सीधे पानी का टकराव होने से आसपास गांव के लोग भयभीत है। सिंचाई विभाग यहां परकोपाईन बनाकर बांध को सुरक्षित करने में लगा हुआ है।
परैया पुल के पास सड़क पर बह रहा पानी
शोहरतगढ़। नेपाल में भारी बारिश से जमुआर नदी में आए उफान से चिल्हिया से बर्डपुर जाने वाला मार्ग पर सोमवार को परैया पुल के पास सड़क पर पानी बहने लगा है। सड़क पर पानी बहुत कम होने की वजह से मार्ग को बंद नही किया गया। लोग सावधानी बरत कर आवाजाही कर रहे हैं। चिल्हिया एसओ दुर्गा प्रसाद ने बताया कि सड़क लगभग तीन इंच पानी चल रहा है। सड़क पूरी तरह से दिखाई दे रहा है। इसीलिए मार्ग नही बंद किया है। संवाद
कंट्रोल रूम नंबर
इटवा- 8188889629
नौगढ़- 05544 297097
शोहरतगढ़- 05544297060
डुमरियागंज- 05541297043
बांसी। असोगवा नगवा बांध पर सतवाढ़ी गांव के पास गांव के पास हो रहे कटान स्थल का अधीक्षण अभियंता सुरेंद्र मोहन वर्मा ने सोमवार को निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सतवाढ़ी गांव के पास बांध से सटकर हो रहे नदी के बहाव को देखकर बांध को सुरक्षित करने के लिए परकोपाइन व बांध के बीच में बोरी डालकर पैक करने का निर्देश दिया।
असोगवा नगवा बांध से सतवाढ़ी गांव को जाने वाले बांध पर पुलिया है जिससे नदी के पानी का तेज बहाव हो रहा है और यह पानी बांध से सीधा टकरा रहा है। जिससे बांध की मिट्टी कट रही है। सतवाढ़ी गांव के पास बांध से सीधे पानी का टकराव होने से आसपास गांव के लोग भयभीत है। सिंचाई विभाग यहां परकोपाईन बनाकर बांध को सुरक्षित करने में लगा हुआ है।
परैया पुल के पास सड़क पर बह रहा पानी
शोहरतगढ़। नेपाल में भारी बारिश से जमुआर नदी में आए उफान से चिल्हिया से बर्डपुर जाने वाला मार्ग पर सोमवार को परैया पुल के पास सड़क पर पानी बहने लगा है। सड़क पर पानी बहुत कम होने की वजह से मार्ग को बंद नही किया गया। लोग सावधानी बरत कर आवाजाही कर रहे हैं। चिल्हिया एसओ दुर्गा प्रसाद ने बताया कि सड़क लगभग तीन इंच पानी चल रहा है। सड़क पूरी तरह से दिखाई दे रहा है। इसीलिए मार्ग नही बंद किया है। संवाद
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इटवा- 8188889629
नौगढ़- 05544 297097
शोहरतगढ़- 05544297060
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