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Siddharthnagar News: बॉर्डर पर खाद तस्करी रोकने के लिए काम करेगी चार सदस्यीय टीम
Sat, 15 Jun 2024 05:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 15 Jun 2024 05:47 AM IST
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- नेपाल बॉर्डर पर होने वाली तस्करी से जिले में बढ़ जाती है उवर्रक की समस्या
- प्रशासन ने माना की तस्करी की वजह से बढ़ जाती है किल्लत
- एसएसबी पुलिस और राजस्व विभाग संयुक्त रूम से करेंगे तस्करी रोकने पर काम
- दुकानदारों की भी तय होगी जवाब दे ही किसको बेची खाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सीमा पर होने वाली उवर्रक की तस्करी रोकने के लिए चार सदस्यीय टीम काम करेगी। इसमें पुलिस, एसएसबी, राजस्व और कृषि विभाग की शामिल रहेगी। यह टीम न सिर्फ कार्रवाई करेगी, बल्कि थोक और फुटकर विक्रेताओं के स्टाॅक की जांच भी करेगी। उनसे जानकारी लेगी कि कितनी खाद और किसको बेची है। जांच में गड़बड़ी मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिले की 68 किलोमीटर सीमा नेपाल से लगती है। सीमा पूरी तरह से खुली है। देशविरोधी तत्व और तस्कर इसका खूब लाभ उठाते हैं। समय और सीजन के साथ दोनों देशों में वस्तु की डिमांड के हिसाब से सामान इस पार से उस पार करके मोटी कमाई करते हैं। धान की रोपाई का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में बार्डर पर उर्वरक की तस्करी शुरू हो गई है। हर साल बड़ी मात्रा में तस्कर नेपाल डीएपी और यूरिया भेजे देते हैं। जब जिले के किसानों को जरूरत होती है तो खाद की किल्लत शुरू हो जाती है। एक- एक बोरी के लिए किसान परेशान होते हैं। प्रशासन भी मान रहा रहा है कि बार्डर पर उर्वरक की तस्करी होती है। खरीफ के सीजन में खाद की तस्करी न होने पाए। इसको लेकर प्रशासन कड़ा रुख अपना रहा है।
बार्डर पर होने वाली खाद की तस्करी रोकने के लिए चार सदस्यीय टीम बनाई जा रही है, जो 68 किलोमीटर सीमा क्षेत्र की उवर्रक की दुकानों की जांच करेगी। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी मो. मुज्जमिल ने बताया कि उर्वरक की तस्करी होने की शिकायत होती है। इसके लिए टीम गठित की गई है जो नियमित जांच करेगी।
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दुकान के बिक्री के बारे में लेगी जानकारी
चार सदस्यीय टीम में पुलिस और एसएसबी बार्डर पर तस्करी रोकने का कार्य करेगी। जबकि, कृषि और प्रशासन की टीम बार्डर क्षेत्र में चलने वाली खाद की दुकानों की जांच करेगी। कितने की बिक्री हुई और किसे बेचा इसके बारे में जानकारी लेगी। दुकानदारों की बिक्री से संबंधित रजिस्टर बनाना होगा। जो जांच में जाने वाली टीम देखेगी। गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई करेगी।
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कई बार छापे में पकड़ी जांच चुकी है खाद
खुनुवां बार्डर क्षेत्र में बीते वर्ष छापा मारकर एसएसबी ने बड़ी मात्रा में यूरिया और डीएपी पकड़ा था। इसमें दो लोगों पर कपिलवस्तु कोतवाली में केस दर्ज हुआ था। इससे पहले मोहाना पुलिस ने एसडीएम सदर के नेतृत्व में छापा मारा था। इसमें भी बड़ी मात्रा में यूरिया खाद बरामद हुआ था।
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- प्रशासन ने माना की तस्करी की वजह से बढ़ जाती है किल्लत
- एसएसबी पुलिस और राजस्व विभाग संयुक्त रूम से करेंगे तस्करी रोकने पर काम
- दुकानदारों की भी तय होगी जवाब दे ही किसको बेची खाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सीमा पर होने वाली उवर्रक की तस्करी रोकने के लिए चार सदस्यीय टीम काम करेगी। इसमें पुलिस, एसएसबी, राजस्व और कृषि विभाग की शामिल रहेगी। यह टीम न सिर्फ कार्रवाई करेगी, बल्कि थोक और फुटकर विक्रेताओं के स्टाॅक की जांच भी करेगी। उनसे जानकारी लेगी कि कितनी खाद और किसको बेची है। जांच में गड़बड़ी मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिले की 68 किलोमीटर सीमा नेपाल से लगती है। सीमा पूरी तरह से खुली है। देशविरोधी तत्व और तस्कर इसका खूब लाभ उठाते हैं। समय और सीजन के साथ दोनों देशों में वस्तु की डिमांड के हिसाब से सामान इस पार से उस पार करके मोटी कमाई करते हैं। धान की रोपाई का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में बार्डर पर उर्वरक की तस्करी शुरू हो गई है। हर साल बड़ी मात्रा में तस्कर नेपाल डीएपी और यूरिया भेजे देते हैं। जब जिले के किसानों को जरूरत होती है तो खाद की किल्लत शुरू हो जाती है। एक- एक बोरी के लिए किसान परेशान होते हैं। प्रशासन भी मान रहा रहा है कि बार्डर पर उर्वरक की तस्करी होती है। खरीफ के सीजन में खाद की तस्करी न होने पाए। इसको लेकर प्रशासन कड़ा रुख अपना रहा है।
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बार्डर पर होने वाली खाद की तस्करी रोकने के लिए चार सदस्यीय टीम बनाई जा रही है, जो 68 किलोमीटर सीमा क्षेत्र की उवर्रक की दुकानों की जांच करेगी। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी मो. मुज्जमिल ने बताया कि उर्वरक की तस्करी होने की शिकायत होती है। इसके लिए टीम गठित की गई है जो नियमित जांच करेगी।
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दुकान के बिक्री के बारे में लेगी जानकारी
चार सदस्यीय टीम में पुलिस और एसएसबी बार्डर पर तस्करी रोकने का कार्य करेगी। जबकि, कृषि और प्रशासन की टीम बार्डर क्षेत्र में चलने वाली खाद की दुकानों की जांच करेगी। कितने की बिक्री हुई और किसे बेचा इसके बारे में जानकारी लेगी। दुकानदारों की बिक्री से संबंधित रजिस्टर बनाना होगा। जो जांच में जाने वाली टीम देखेगी। गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई करेगी।
कई बार छापे में पकड़ी जांच चुकी है खाद
खुनुवां बार्डर क्षेत्र में बीते वर्ष छापा मारकर एसएसबी ने बड़ी मात्रा में यूरिया और डीएपी पकड़ा था। इसमें दो लोगों पर कपिलवस्तु कोतवाली में केस दर्ज हुआ था। इससे पहले मोहाना पुलिस ने एसडीएम सदर के नेतृत्व में छापा मारा था। इसमें भी बड़ी मात्रा में यूरिया खाद बरामद हुआ था।