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Siddharthnagar News: हादसे में खत्म हुईं चार जिंदगियां...सपनों पर वज्रपात
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सड़क हादसे से पहले एक साथ ली गई चारों मृतकों की फोटो। श्रोत सोशल मीडिया
- कुशीनगर में हुए हादसे में चार परिवारों का खोया सहारा, चारों मृतकों की कच्ची थी गृहस्थी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कुशीनगर के पटहेरवा क्षेत्र में रविवार को हुए हादसे में जिले के चार परिवारों की दुनिया ही उजड़ गई। जहां बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। वहीं, पत्नी की उम्मीदें और बूढ़े पिता और भाइयों का सहारा छिन गया। मौत की खबर ने न सिर्फ परिवार को तोड़ दिया। बल्कि, हर उस शख्स को हिला दिया, जिनके वे करीब थे।
मरने वाले चारों शख्स ऐसे थे जो समाज और सिस्टम का हिस्सा बनकर काम करते थे। यही वजह है कि इनकी मौत की खबर मिलने के बाद कोई जानने वाला कुशीनगर के लिए निकल पड़ा तो कोई घर पर सांत्वना देने पहुंचा। कुछ लोग जिले के लिए यह दिन काला बताते नजर आए। मातम न सिर्फ घरों में था, बल्कि लोगों के चेहरे पर झलक रहा था। आंखें नम और चेहरे मुर्झाए थे। हादसे में मरने वालों में सभी की गृहस्थी अभी कच्ची है। सभी के बच्चे पढ़ रहे हैं। ऐसे पड़ाव पर सिर से पिता का साया उठा कि उनके सामने परिवार और कॅरिअर दोनों की जिम्मेदारी और चुनौतियां हैं।
कार में छह लोग सवार थे। इनमें पांच लोग कार से शुक्रवार की शाम सिद्धार्थनगर से निकले थे। जबकि रामकरन गुप्ता को गोरखपुर से साथ में लिया था। राजेश शर्मा निवासी पंडित दीनदयाल नगर गाड़ी चला रहे थे। उनके भतीजे प्रशांत शर्मा उनके बगल में अगली सीट पर बैठे थे। हादसे में रामकरन गुप्ता, सुजीत जायसवाल, कैलाश मणि त्रिपाठी और मनोज सिंह जान गंवा बैठे जबकि राजेश और प्रशांत घायल हो गए। उनका अलग-अलग अस्पताल में इलाज चल रहा है। प्रशांत को अधिक चोट आई, लेकिन खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।
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रामकरन की पत्नी हादसे से अनजान
नगर के मधुकरपुर निवासी राम करन गुप्ता (50) चार भाइयों में दूसरे नंबर के थे। कुछ माह पहले ही लेखपाल से प्रोन्नत होने के बाद राजस्व निरीक्षक बने थे और गोरखपुर के बांसगांव में तैनात थे। उनके दो बेटे और एक बेटी है। बड़ा बेटा रवि एमएबीबीएस की डिग्री हासिल करने के बाद प्रयागराज में इंटर्नशिप कर रहा है। बेटी खुशी ने इसी साल नीट की परीक्षा दी है, छोटा बेटा भी पढ़ाई कर रहा है। हादसे की जानकारी मिलते ही उनके भाई और पुत्र प्रयागराज से कुशीनगर के लिए निकल पड़े। वहीं, बड़े भाई घर पर थे। पत्नी दुर्गावती को किसी ने हादसे की जानकारी इसलिए नहीं दी कि उनकी तबीयत बिगड़ जाएगी।
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रविवार को लौटने के लिए कह गए थे कैलाश
मधुकरपुर गांव निवासी कैलाश मणि त्रिपाठी (50) बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक थे और सनई स्थित विद्यालय में तैनात थे। उनका एक बेटा और चार बेटियां हैं। बेटा बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। परिवार के लोगों के मुताबिक शुक्रवार शाम को कैलाश घर से निकल थे। रात में बात हुई थी तो बताया कि रविवार को समय से घर पहुंच जाएंगे, लेकिन वह कभी नहीं लौटेंगे, इसका अंदाजा किसी को नहीं था। मौत की खबर मिलने के बाद बेटा घर से कुशीनगर के निकल पड़ा। वहीं, पत्नी और बेटियां घर पर थीं। लोगों का घर पर आना- जाना लगा रहा। रह- रहकर उठने वाली चीख से लोग हिल जा रहे थे। लोगों का कहना था कि अब बेटियों की शादी बड़ी चिंता है।
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कुछ दिन पहले ही बेटी से मिलकर आए थे सुजीत
नगर के रेलवे स्टेशन रोड निवासी सुजीत जायसवाल (48) खुनियांव ब्लाॅक में वीडीओ के पद पर कार्यरत थे। लोगों के मुताबिक अक्सर वह धार्मिक यात्राएं करते थे। रविवार को घर लौटने की बात कहकर निकले थे। हादसे की खबर आई तो परिवार के होश उड़ गए। पिता रामनरेश जायसवाल के पास लोगों को आना-जाना शुरू हो गया। परिवार के मुताबिक बड़ी बेटी ईशा जायसवाल आईआईटी से बीटेक के बाद गूगल में चयनित हो गई है। वह बंगलूरू में इंटर्नशिप कर रही है। कुछ दिन पहले ही सुजीत बेटी से मिलकर लौटे थे। दूसरे नंबर के बेटे अमित ने इस वर्ष नीट की परीक्षा दी थी। छोटा बेटा उत्कर्ष भी पढ़ रहा है। पत्नी रंजिता जायसवाल गृहणी हैं।
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मनोज की मौत से टूट गया परिवार
बांसी के फूलपुर गांव निवासी व्यापारी मनोज सिंह (47) मौजूदा समय में मधुकरपुर ब्लाॅक नौगढ़ में रहते थे। उनके भाई विनोद सिंह फूलपुर के प्रधान हैं। कुशीनगर सड़क हादसे में मनोज सिंह की मौत की सूचना गांव में पहुंचते ही गांव के साथ-साथ आसपास के लोग शोकाकुल हो गए। गांव के लोगों का कहना है कि वह बहुत ही मृदुभाषी और मिलनसार थे। उनके निधन पर हर व्यक्ति दुखी है। उनकी दो बेटियां और एक बेटा है। मौत की खबर मिलने के बाद लोगों का घर आना- जाना शुरू हो गया। वहीं, हादसे की जानकारी के बाद परिवार के लोग कुशीनगर के लिए निकल गए थे।
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चार श्रद्धालुओं के आकस्मिक निधन से शोक
उसका बाजार। बाबा धाम की यात्रा से लौट रहे राजस्व निरीक्षक रामकरन गुप्ता, शिक्षक कैलाश मणि त्रिपाठी, कर्मचारी नेता सुजीत जायसवाल एवं व्यापारी मनोज सिंह की रविवार को कुशीनगर में सड़क हादसे में मौत हो गई। उसका ब्लॉक क्षेत्र में लंबे समय तक कार्यरत रहे इन कर्मचारियों के निधन की खबर से लोग शोकाकुल हो गए। शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि हेमंत कुमार जायसवाल, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि रामसुरेश चौहान, व्यापार मंडल अध्यक्ष धनेश वर्मा, भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश आर्य, हरिशंकर सिंह, धर्मेंद्र कुमार पांडेय, देवेंद्र श्रीवास्तव, अभय श्रीवास्तव, पवन कुमार जायसवाल, पिंटू दुबे, मनोज दुबे, सूरज मोदनवाल आदि ने शोक व्यक्त किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कुशीनगर के पटहेरवा क्षेत्र में रविवार को हुए हादसे में जिले के चार परिवारों की दुनिया ही उजड़ गई। जहां बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। वहीं, पत्नी की उम्मीदें और बूढ़े पिता और भाइयों का सहारा छिन गया। मौत की खबर ने न सिर्फ परिवार को तोड़ दिया। बल्कि, हर उस शख्स को हिला दिया, जिनके वे करीब थे।
मरने वाले चारों शख्स ऐसे थे जो समाज और सिस्टम का हिस्सा बनकर काम करते थे। यही वजह है कि इनकी मौत की खबर मिलने के बाद कोई जानने वाला कुशीनगर के लिए निकल पड़ा तो कोई घर पर सांत्वना देने पहुंचा। कुछ लोग जिले के लिए यह दिन काला बताते नजर आए। मातम न सिर्फ घरों में था, बल्कि लोगों के चेहरे पर झलक रहा था। आंखें नम और चेहरे मुर्झाए थे। हादसे में मरने वालों में सभी की गृहस्थी अभी कच्ची है। सभी के बच्चे पढ़ रहे हैं। ऐसे पड़ाव पर सिर से पिता का साया उठा कि उनके सामने परिवार और कॅरिअर दोनों की जिम्मेदारी और चुनौतियां हैं।
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कार में छह लोग सवार थे। इनमें पांच लोग कार से शुक्रवार की शाम सिद्धार्थनगर से निकले थे। जबकि रामकरन गुप्ता को गोरखपुर से साथ में लिया था। राजेश शर्मा निवासी पंडित दीनदयाल नगर गाड़ी चला रहे थे। उनके भतीजे प्रशांत शर्मा उनके बगल में अगली सीट पर बैठे थे। हादसे में रामकरन गुप्ता, सुजीत जायसवाल, कैलाश मणि त्रिपाठी और मनोज सिंह जान गंवा बैठे जबकि राजेश और प्रशांत घायल हो गए। उनका अलग-अलग अस्पताल में इलाज चल रहा है। प्रशांत को अधिक चोट आई, लेकिन खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।
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रामकरन की पत्नी हादसे से अनजान
नगर के मधुकरपुर निवासी राम करन गुप्ता (50) चार भाइयों में दूसरे नंबर के थे। कुछ माह पहले ही लेखपाल से प्रोन्नत होने के बाद राजस्व निरीक्षक बने थे और गोरखपुर के बांसगांव में तैनात थे। उनके दो बेटे और एक बेटी है। बड़ा बेटा रवि एमएबीबीएस की डिग्री हासिल करने के बाद प्रयागराज में इंटर्नशिप कर रहा है। बेटी खुशी ने इसी साल नीट की परीक्षा दी है, छोटा बेटा भी पढ़ाई कर रहा है। हादसे की जानकारी मिलते ही उनके भाई और पुत्र प्रयागराज से कुशीनगर के लिए निकल पड़े। वहीं, बड़े भाई घर पर थे। पत्नी दुर्गावती को किसी ने हादसे की जानकारी इसलिए नहीं दी कि उनकी तबीयत बिगड़ जाएगी।
रविवार को लौटने के लिए कह गए थे कैलाश
मधुकरपुर गांव निवासी कैलाश मणि त्रिपाठी (50) बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक थे और सनई स्थित विद्यालय में तैनात थे। उनका एक बेटा और चार बेटियां हैं। बेटा बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। परिवार के लोगों के मुताबिक शुक्रवार शाम को कैलाश घर से निकल थे। रात में बात हुई थी तो बताया कि रविवार को समय से घर पहुंच जाएंगे, लेकिन वह कभी नहीं लौटेंगे, इसका अंदाजा किसी को नहीं था। मौत की खबर मिलने के बाद बेटा घर से कुशीनगर के निकल पड़ा। वहीं, पत्नी और बेटियां घर पर थीं। लोगों का घर पर आना- जाना लगा रहा। रह- रहकर उठने वाली चीख से लोग हिल जा रहे थे। लोगों का कहना था कि अब बेटियों की शादी बड़ी चिंता है।
कुछ दिन पहले ही बेटी से मिलकर आए थे सुजीत
नगर के रेलवे स्टेशन रोड निवासी सुजीत जायसवाल (48) खुनियांव ब्लाॅक में वीडीओ के पद पर कार्यरत थे। लोगों के मुताबिक अक्सर वह धार्मिक यात्राएं करते थे। रविवार को घर लौटने की बात कहकर निकले थे। हादसे की खबर आई तो परिवार के होश उड़ गए। पिता रामनरेश जायसवाल के पास लोगों को आना-जाना शुरू हो गया। परिवार के मुताबिक बड़ी बेटी ईशा जायसवाल आईआईटी से बीटेक के बाद गूगल में चयनित हो गई है। वह बंगलूरू में इंटर्नशिप कर रही है। कुछ दिन पहले ही सुजीत बेटी से मिलकर लौटे थे। दूसरे नंबर के बेटे अमित ने इस वर्ष नीट की परीक्षा दी थी। छोटा बेटा उत्कर्ष भी पढ़ रहा है। पत्नी रंजिता जायसवाल गृहणी हैं।
मनोज की मौत से टूट गया परिवार
बांसी के फूलपुर गांव निवासी व्यापारी मनोज सिंह (47) मौजूदा समय में मधुकरपुर ब्लाॅक नौगढ़ में रहते थे। उनके भाई विनोद सिंह फूलपुर के प्रधान हैं। कुशीनगर सड़क हादसे में मनोज सिंह की मौत की सूचना गांव में पहुंचते ही गांव के साथ-साथ आसपास के लोग शोकाकुल हो गए। गांव के लोगों का कहना है कि वह बहुत ही मृदुभाषी और मिलनसार थे। उनके निधन पर हर व्यक्ति दुखी है। उनकी दो बेटियां और एक बेटा है। मौत की खबर मिलने के बाद लोगों का घर आना- जाना शुरू हो गया। वहीं, हादसे की जानकारी के बाद परिवार के लोग कुशीनगर के लिए निकल गए थे।
चार श्रद्धालुओं के आकस्मिक निधन से शोक
उसका बाजार। बाबा धाम की यात्रा से लौट रहे राजस्व निरीक्षक रामकरन गुप्ता, शिक्षक कैलाश मणि त्रिपाठी, कर्मचारी नेता सुजीत जायसवाल एवं व्यापारी मनोज सिंह की रविवार को कुशीनगर में सड़क हादसे में मौत हो गई। उसका ब्लॉक क्षेत्र में लंबे समय तक कार्यरत रहे इन कर्मचारियों के निधन की खबर से लोग शोकाकुल हो गए। शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि हेमंत कुमार जायसवाल, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि रामसुरेश चौहान, व्यापार मंडल अध्यक्ष धनेश वर्मा, भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश आर्य, हरिशंकर सिंह, धर्मेंद्र कुमार पांडेय, देवेंद्र श्रीवास्तव, अभय श्रीवास्तव, पवन कुमार जायसवाल, पिंटू दुबे, मनोज दुबे, सूरज मोदनवाल आदि ने शोक व्यक्त किया।