{"_id":"5f16ee988ebc3e9fb73434b1","slug":"flowed-in-siddhrathnagar-siddharthnagar-news-gkp3589376181","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाढ़ से दोआब क्षेत्र के कई गांव जलमग्न","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाढ़ से दोआब क्षेत्र के कई गांव जलमग्न
विज्ञापन
बाढ़ से दोआब क्षेत्र के कई गांव जलमग्न
राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कूड़ा नदी और बाणगंगा नदी का जलस्तर बढ़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। राप्ती और बूढ़ी राप्ती नदी खतरे के लाल निशान से मात्र कुछ सेंटीमीटर दूर है। दोनों नदियों के बीच स्थित जोगिया के दोआब क्षेत्र के कई गांव बाढ़ के पानी से चारो तरफ से घिरे हैं। जिससे लोगों को घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश से नेपाल के पहाड़ों से निकलने वाली जिले की नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बूढ़ी राप्ती नदी खतरे के निशान से 55 सेमी नीचे है, वहीं राप्ती नदी लाल निशान से 59 सेमी दूर है। दोनों नदियों के बीच स्थित जोगिया ब्लॉक क्षेत्र के हरनी, टड़िया, पटखौली, रीवां नानकार, बैरवां नानकार, इटौवा, खजुरडाड़ आदि गांव बाढ़ के पानी से चारो तरफ से घिर गए है। यहां के निवासी राकेश, हरिप्रसाद, मंगरू, बुझारत, देवीलाल, उमेश आदि का कहना है कि दोआब क्षेत्र के यह गांव प्रत्येक वर्ष बाढ़ के पानी से घिर जाते है। सड़कों पर जलभराव होने से जरूरी सामान की खरीद के लिए घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। हालत यह है कि कोई गंभीर रूप से बीमार हो गया तो उसे अस्पताल तक पहुंचाना मुश्किल हो जाता है, जिससे लोगों के जीवन पर खतरा होता है। कूड़ा, बाणगंगा, घोघी, जमुआर और तेलार नदियों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हुई है।
नदियों का जलस्तर (मीटर में)
नदी खतरे का स्तर सोमवार मंगलवार
बाणगंगा 93.420 93.30 93.00
बूढ़ी राप्ती 85.650 85.050 85.100
राप्ती 84.900 84.030 84.310
जमुआर 84.89 82.80 82.90
तेलार 87.500 83.90 85.80
कूड़ा 83.520 82.200 82.490
घोघी 87.000 83.45 85.40
विज्ञापन
राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कूड़ा नदी और बाणगंगा नदी का जलस्तर बढ़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। राप्ती और बूढ़ी राप्ती नदी खतरे के लाल निशान से मात्र कुछ सेंटीमीटर दूर है। दोनों नदियों के बीच स्थित जोगिया के दोआब क्षेत्र के कई गांव बाढ़ के पानी से चारो तरफ से घिरे हैं। जिससे लोगों को घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश से नेपाल के पहाड़ों से निकलने वाली जिले की नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बूढ़ी राप्ती नदी खतरे के निशान से 55 सेमी नीचे है, वहीं राप्ती नदी लाल निशान से 59 सेमी दूर है। दोनों नदियों के बीच स्थित जोगिया ब्लॉक क्षेत्र के हरनी, टड़िया, पटखौली, रीवां नानकार, बैरवां नानकार, इटौवा, खजुरडाड़ आदि गांव बाढ़ के पानी से चारो तरफ से घिर गए है। यहां के निवासी राकेश, हरिप्रसाद, मंगरू, बुझारत, देवीलाल, उमेश आदि का कहना है कि दोआब क्षेत्र के यह गांव प्रत्येक वर्ष बाढ़ के पानी से घिर जाते है। सड़कों पर जलभराव होने से जरूरी सामान की खरीद के लिए घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। हालत यह है कि कोई गंभीर रूप से बीमार हो गया तो उसे अस्पताल तक पहुंचाना मुश्किल हो जाता है, जिससे लोगों के जीवन पर खतरा होता है। कूड़ा, बाणगंगा, घोघी, जमुआर और तेलार नदियों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हुई है।
नदियों का जलस्तर (मीटर में)
नदी खतरे का स्तर सोमवार मंगलवार
बाणगंगा 93.420 93.30 93.00
बूढ़ी राप्ती 85.650 85.050 85.100
राप्ती 84.900 84.030 84.310
जमुआर 84.89 82.80 82.90
तेलार 87.500 83.90 85.80
कूड़ा 83.520 82.200 82.490
घोघी 87.000 83.45 85.40