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Siddharthnagar News: बाढ़ ने बढ़ाया संक्रामक रोगों का खतरा, डाॅक्टरों ने किया सर्तक
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भनवापुर क्षेत्र के पीएचसी तरहर में मरीज देखते डॉ.आशीष सत्यार्थी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
भनवापुर। क्षेत्र के पीएचसी तरहर, बिजौरा व सोहना में रविवार को जन आरोग्य स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। इसमें गैस्ट्राइटिस, फंगल इन्फेक्शन, जोड़ों में दर्द, त्वचा रोग आदि के 98 मरीजों का इलाज कर दवाओं का वितरण किया गया। सीने में दर्द से संबंधित मरीज को उच्च स्वास्थ्य केंद्र के लिए रेफर किया गया।
पीएचसी तरहर में डॉ. आशीष सत्यार्थी ने 38 मरीजों, पीएचसी बिजौरा में डॉ. इर्शदेव आर्या ने 29 मरीजों व पीएचसी सोहना में डॉ. सबीहा मलिक ने 31 मरीजों को इलाज कर दवा दी। अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा ने बताया कि वर्तमान में बाढ़ के कारण संक्रामक रोग व डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ाने की संभावना ज्यादा होती है। इससे बचने के लिए शुद्ध पेयजल जैसे उबला पानी, क्लोरीन युक्त पानी, फिल्टर का पानी आदि इस्तेमाल करें तथा शौच के बाद व कुछ खाने से पहले साबुन से हाथ जरूर धुलें।
उन्होंने बताया कि डायरिया प्रबंधन में ओआरएस एवं जिंक का उपयोग करें तथा एक वर्ष तक के बच्चों में रोटा वायरस वैक्सीन की तीन खुराक जरूर दिलवाएं। यह वैक्सीन बच्चों को डायरिया जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव के लिए बहुत कारगर है।
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इस दौरान पीएन तिवारी, कौस्तुभ तिवारी, अजय पांडेय, अंबुज श्रीवास्तव, प्रिंस पांडेय, अमित तिवारी, अश्विनी अग्रहरि, अखिलेश त्रिपाठी, मनोज मिश्र मौजूद रहे।
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भनवापुर। क्षेत्र के पीएचसी तरहर, बिजौरा व सोहना में रविवार को जन आरोग्य स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। इसमें गैस्ट्राइटिस, फंगल इन्फेक्शन, जोड़ों में दर्द, त्वचा रोग आदि के 98 मरीजों का इलाज कर दवाओं का वितरण किया गया। सीने में दर्द से संबंधित मरीज को उच्च स्वास्थ्य केंद्र के लिए रेफर किया गया।
पीएचसी तरहर में डॉ. आशीष सत्यार्थी ने 38 मरीजों, पीएचसी बिजौरा में डॉ. इर्शदेव आर्या ने 29 मरीजों व पीएचसी सोहना में डॉ. सबीहा मलिक ने 31 मरीजों को इलाज कर दवा दी। अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा ने बताया कि वर्तमान में बाढ़ के कारण संक्रामक रोग व डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ाने की संभावना ज्यादा होती है। इससे बचने के लिए शुद्ध पेयजल जैसे उबला पानी, क्लोरीन युक्त पानी, फिल्टर का पानी आदि इस्तेमाल करें तथा शौच के बाद व कुछ खाने से पहले साबुन से हाथ जरूर धुलें।
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उन्होंने बताया कि डायरिया प्रबंधन में ओआरएस एवं जिंक का उपयोग करें तथा एक वर्ष तक के बच्चों में रोटा वायरस वैक्सीन की तीन खुराक जरूर दिलवाएं। यह वैक्सीन बच्चों को डायरिया जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव के लिए बहुत कारगर है।
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इस दौरान पीएन तिवारी, कौस्तुभ तिवारी, अजय पांडेय, अंबुज श्रीवास्तव, प्रिंस पांडेय, अमित तिवारी, अश्विनी अग्रहरि, अखिलेश त्रिपाठी, मनोज मिश्र मौजूद रहे।