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Siddharthnagar News: एनएच पर चढ़ा बाढ़ का पानी, बांध में रिसाव, कई गांव पानी से घिरे
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शोहरतगढ़ क्षेत्र के बानगंगा नदी खतरे के निशान ऊपर बह रही। संवाद
: लाल निशान पार हुई बूढ़ी राप्ती, उफान पर राप्ती समेत अन्य नदियां
: बारिश से 24 घंटे में 60 सेमी बढ़ी राप्ती, 3.5 मीटर बढ़ी बूढ़ी राप्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। लगातार बारिश से जिले की नदियों में उफान आ गया है। खतरे के निशान से ढाई मीटर नीचे बह रही बूढ़ी राप्ती मात्र 24 घंटे में ही लाल निशान से एक मीटर ऊपर बहने लगी। राप्ती नदी के जलस्तर में 60 सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसी तरह अन्य नदियाें के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इससे शोहरतगढ़ क्षेत्र में एनएच पर पानी चढ़ने के साथ ही कई गांव बाढ़ से घिर गए है। वहीं गांव की सुरक्षा के लिए बने बांध में हो रहे रिसाव को ग्रामीणों ने जद्दोजहद कर बंद किया।
नेपाल समेत जिले में हो रही बारिश से नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से चहुंओर पानी ही पानी नजर आ रहा है। बूढ़ी राप्ती नदी के जलस्तर में कुछ घंटों में आए उफान से 3.5 मीटर की बढ़ोतरी हुई और लाल निशान पार कर गई है। राप्ती के जलस्तर में भी तेजी से हो रही बढ़ोतरी से आसपास के गांव के लोग सहमे हैं। वहीं बाणगंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी से कई गांवा पानी से घिर गए हैं। तुलसियापुर प्रतिनिधि के अनुसार शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र में बाणगंगा, बूढ़ी राप्ती व घोरही नदी से सटे इलाके बाढ़ से जूझ रहे हैं। बाढ़ से आधा दर्जन से अधिक गांवों में धान की करीब सैकड़ों बीघे फसल बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गई है।
बाढ़ प्रभावित गांवों में फसलों की सुरक्षा के लिए बनाई गई झोपड़ियां डूब गई हैं। बाढ़ से हुई तबाही की वजह से नदी के किनारे बसे गांवों में लोगों की नींद उड़ गई है। बाढ़ की आशंका और फसल चौपट होने से किसान परेशान हैं। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के खैरी शीतल प्रसाद व तालकुंडा के गोनहा और तमकुहवा टोले में किसान सब्जी की बड़े पैमाने पर खेती करते हैं। बाढ़ से प्रभावित गांवों के अमलेश चौधरी, कोदई साहनी, अशोक पासवान, मो.रफीक ने कहा कि बाढ़ की चपेट में आकर करीब सैकड़ों बीघे फसल जलमग्न हो गई है।आबादी से बाढ़ का पानी अभी दूर है, फिर भी बढ़ते जलस्तर ने लोगों का चैन-सुकून छीन लिया है।
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शनिवार को डीएम डाॅ. राजागणपति आर. ने शोहरतगढ़ एसडीएम चंद्रभान सिंह ने तौलिहवा के कचरिहवा व धनौरा मुस्तकहम में जाकर हालात का जायजा लिया। इलाके के लोगों से बाढ़ से बचाव करने की सलाह दी। इसके अलावा उन्होंने बाढ़ से प्रभावित गांवों में गर्भवती महिलाओं, बीमार व बुजुर्गों की सूचना एकत्र करने व उनकी निगरानी करने का निर्देश एसडीएम को दिया।
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बाढ़ से प्रभावित गांव
शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के खैरी शीतल प्रसाद के टीकर, करौता, चिरगहना, मुरव्वनडीह, नकोलडीह, पन्नापुर, शिवदुलारेडीह व खैरी, तौलिहवा ग्रामपंचायत के तौलिहवा, इटहिया, बालानगर, कचरिहवा, फुलवरिया, तालकुंडा के गोनहा व तमकुहवा, बसहिया के बसहिया, रमगढ़वा, गोल्हौरा मुस्तकहम, धनौरा मुस्तकहम, गड़रखा, चंपापुर, कोहड़ौरा, मटियार उर्फ भुतहवा आदि गांव बाढ़ से प्रभावित हैं।
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एनएच पर चढ़ा बाढ़ का पानी
तुलसियापुर। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र में एनएच टोल प्लाजा के पास बाढ़ का पानी चढ़ गया है। इसके अलावा कठेला-तुलसियापुर, कचरिहवा मार्ग, गोल्हौरा मुस्तकहम मार्ग, तिरछहवा-सेतु डीह, बसहिया-झुलनीपुर, पन्नापुर-तमकुहवा, चिरगहना-नकोलडीह, पन्नापुर-मुरव्वनडीह मार्ग पर भी बाढ़ का पानी चढ़ गया है। ढेबरुआ थाने पर जाने वाले मार्ग पर भी बाढ़ का पानी बह रहा है।
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डूबी फसलें, सड़कों पर जलभराव
शोहरतगढ़। बाणगंगा नदी में आए बाढ़ से महथा, गझड़ा, चंपापुर, इमिलिया, जुनुबी, नौडिहवा, खड़कुईया नानकार, बेलभरिया आदि गांव के पास उफान करते हुए दर्जनों गांव में तबाही का मंजर पैदा कर दिया। बाढ़ से कोमर, गोलहौरी, हलहौरा, महथा, गझड़ा, चंपापुर, इमिलिया, जुनुबी, नौडिहवा, खड़कुईया नानकार, बेलभरिया, रामगढ़, बसहिया, नौडिहवा, लक्ष्मीनगर, नंदवलिया, धनौरा, अर्री, कपसिहवा आदि गांव पानी से घिर गए।
बसहिया गांव से दो किमी नौडिहवा पुल तक सड़क पर कहीं दो तो कहीं तीन फिट पानी बह रहा है। गांव में सड़कें डूब गई हैं। घरों में पानी घुसने लगा। इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है। बसहिया से कोटियादीगर होते हुए नंदवलिया प्रतापपुर जाने वाली चार किमी सड़क भी बाढ़ में डूब गया है। दूसरी तरफ घोरही नदी क जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का पानी बरगदवा एवं धनौरा गांव में घुस गया। धनौरा गांव के पास करीब 300 बीघा धान का फसल भी डूब गई है।
बढ़नी धनौरा होते हुए टीसम जाने वाले मार्ग पर करीब दो फिट पानी आने से आवागमन अवरुद्ध हो गया। गांव के पंचायत भवन, परिषदीय विद्यालय एवं सार्वजनिक शौचालय में भी बाढ़ का पानी घुस गया। बरगदवा गांव में बाढ़ से गांव के उत्तर झोपड़ी बना कर रहा रहे गोजई के झोपड़ी में पानी घुस गया है, जिससे खाने-पीने की वस्तुएं खराब हो गई। लोगों की मदद से किसी तरह से उसके बच्चों एवं कुछ आवश्यक सामान बाहर निकाला गया।
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: बारिश से 24 घंटे में 60 सेमी बढ़ी राप्ती, 3.5 मीटर बढ़ी बूढ़ी राप्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। लगातार बारिश से जिले की नदियों में उफान आ गया है। खतरे के निशान से ढाई मीटर नीचे बह रही बूढ़ी राप्ती मात्र 24 घंटे में ही लाल निशान से एक मीटर ऊपर बहने लगी। राप्ती नदी के जलस्तर में 60 सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसी तरह अन्य नदियाें के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इससे शोहरतगढ़ क्षेत्र में एनएच पर पानी चढ़ने के साथ ही कई गांव बाढ़ से घिर गए है। वहीं गांव की सुरक्षा के लिए बने बांध में हो रहे रिसाव को ग्रामीणों ने जद्दोजहद कर बंद किया।
नेपाल समेत जिले में हो रही बारिश से नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से चहुंओर पानी ही पानी नजर आ रहा है। बूढ़ी राप्ती नदी के जलस्तर में कुछ घंटों में आए उफान से 3.5 मीटर की बढ़ोतरी हुई और लाल निशान पार कर गई है। राप्ती के जलस्तर में भी तेजी से हो रही बढ़ोतरी से आसपास के गांव के लोग सहमे हैं। वहीं बाणगंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी से कई गांवा पानी से घिर गए हैं। तुलसियापुर प्रतिनिधि के अनुसार शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र में बाणगंगा, बूढ़ी राप्ती व घोरही नदी से सटे इलाके बाढ़ से जूझ रहे हैं। बाढ़ से आधा दर्जन से अधिक गांवों में धान की करीब सैकड़ों बीघे फसल बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गई है।
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बाढ़ प्रभावित गांवों में फसलों की सुरक्षा के लिए बनाई गई झोपड़ियां डूब गई हैं। बाढ़ से हुई तबाही की वजह से नदी के किनारे बसे गांवों में लोगों की नींद उड़ गई है। बाढ़ की आशंका और फसल चौपट होने से किसान परेशान हैं। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के खैरी शीतल प्रसाद व तालकुंडा के गोनहा और तमकुहवा टोले में किसान सब्जी की बड़े पैमाने पर खेती करते हैं। बाढ़ से प्रभावित गांवों के अमलेश चौधरी, कोदई साहनी, अशोक पासवान, मो.रफीक ने कहा कि बाढ़ की चपेट में आकर करीब सैकड़ों बीघे फसल जलमग्न हो गई है।आबादी से बाढ़ का पानी अभी दूर है, फिर भी बढ़ते जलस्तर ने लोगों का चैन-सुकून छीन लिया है।
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शनिवार को डीएम डाॅ. राजागणपति आर. ने शोहरतगढ़ एसडीएम चंद्रभान सिंह ने तौलिहवा के कचरिहवा व धनौरा मुस्तकहम में जाकर हालात का जायजा लिया। इलाके के लोगों से बाढ़ से बचाव करने की सलाह दी। इसके अलावा उन्होंने बाढ़ से प्रभावित गांवों में गर्भवती महिलाओं, बीमार व बुजुर्गों की सूचना एकत्र करने व उनकी निगरानी करने का निर्देश एसडीएम को दिया।
बाढ़ से प्रभावित गांव
शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के खैरी शीतल प्रसाद के टीकर, करौता, चिरगहना, मुरव्वनडीह, नकोलडीह, पन्नापुर, शिवदुलारेडीह व खैरी, तौलिहवा ग्रामपंचायत के तौलिहवा, इटहिया, बालानगर, कचरिहवा, फुलवरिया, तालकुंडा के गोनहा व तमकुहवा, बसहिया के बसहिया, रमगढ़वा, गोल्हौरा मुस्तकहम, धनौरा मुस्तकहम, गड़रखा, चंपापुर, कोहड़ौरा, मटियार उर्फ भुतहवा आदि गांव बाढ़ से प्रभावित हैं।
एनएच पर चढ़ा बाढ़ का पानी
तुलसियापुर। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र में एनएच टोल प्लाजा के पास बाढ़ का पानी चढ़ गया है। इसके अलावा कठेला-तुलसियापुर, कचरिहवा मार्ग, गोल्हौरा मुस्तकहम मार्ग, तिरछहवा-सेतु डीह, बसहिया-झुलनीपुर, पन्नापुर-तमकुहवा, चिरगहना-नकोलडीह, पन्नापुर-मुरव्वनडीह मार्ग पर भी बाढ़ का पानी चढ़ गया है। ढेबरुआ थाने पर जाने वाले मार्ग पर भी बाढ़ का पानी बह रहा है।
डूबी फसलें, सड़कों पर जलभराव
शोहरतगढ़। बाणगंगा नदी में आए बाढ़ से महथा, गझड़ा, चंपापुर, इमिलिया, जुनुबी, नौडिहवा, खड़कुईया नानकार, बेलभरिया आदि गांव के पास उफान करते हुए दर्जनों गांव में तबाही का मंजर पैदा कर दिया। बाढ़ से कोमर, गोलहौरी, हलहौरा, महथा, गझड़ा, चंपापुर, इमिलिया, जुनुबी, नौडिहवा, खड़कुईया नानकार, बेलभरिया, रामगढ़, बसहिया, नौडिहवा, लक्ष्मीनगर, नंदवलिया, धनौरा, अर्री, कपसिहवा आदि गांव पानी से घिर गए।
बसहिया गांव से दो किमी नौडिहवा पुल तक सड़क पर कहीं दो तो कहीं तीन फिट पानी बह रहा है। गांव में सड़कें डूब गई हैं। घरों में पानी घुसने लगा। इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है। बसहिया से कोटियादीगर होते हुए नंदवलिया प्रतापपुर जाने वाली चार किमी सड़क भी बाढ़ में डूब गया है। दूसरी तरफ घोरही नदी क जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का पानी बरगदवा एवं धनौरा गांव में घुस गया। धनौरा गांव के पास करीब 300 बीघा धान का फसल भी डूब गई है।
बढ़नी धनौरा होते हुए टीसम जाने वाले मार्ग पर करीब दो फिट पानी आने से आवागमन अवरुद्ध हो गया। गांव के पंचायत भवन, परिषदीय विद्यालय एवं सार्वजनिक शौचालय में भी बाढ़ का पानी घुस गया। बरगदवा गांव में बाढ़ से गांव के उत्तर झोपड़ी बना कर रहा रहे गोजई के झोपड़ी में पानी घुस गया है, जिससे खाने-पीने की वस्तुएं खराब हो गई। लोगों की मदद से किसी तरह से उसके बच्चों एवं कुछ आवश्यक सामान बाहर निकाला गया।