फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   FIR reciet will be given from police stations

अब थानों से नहीं गुम होंगे शिकायती पत्र, न छुपाए जा सकेंगे

Sun, 18 Oct 2020 10:27 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 18 Oct 2020 10:27 PM IST
विज्ञापन
FIR reciet will be given from police stations
अब थानों से नहीं गुम होंगे शिकायती पत्र, न छुपाए जा सकेंगे
विज्ञापन

थाने में शिकायत करने वालों को पुलिस देगी रसीद, मनमानी नहीं कर सकेंगे पुलिसकर्मी
व्यवस्था लागू होने से पीड़ितों को मिलेगी सहूलियत
पुलिस मुख्यालय की ओर से दिए गए निर्देश
जिले के 18 थानों में लागू होगी व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अब थानों में केस दर्ज होने के बाद न्याय मिलना आसान हो जाएगा। पीड़ित को न्याय मिल सके, इसके लिए थानों में शिकायत दर्ज कराने वालों को रसीद दी जाएगी। रसीद में एसपी, सीओ और थानाध्यक्ष का नाम और मोबाइल नंबर अंकित होगा। कार्रवाई से संतुष्ट न होने पर दिए गए नंबर पर शिकायतकर्ता सीधे बात कर सकेंगे। साथ ही शिकायती पत्र गुम होने जाने या फिर छुपाए जाने जैसी समस्याएं दूर होंगी। लोगों की सुविधा के लिए पुलिस मुख्यालय की ओर से इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी हुआ। माना जा रहा है कि जिले के 18 थानों में जल्द ही यह व्यवस्था लागू होगी। योजना के शुरू होने से फरियादियों को जरूरत पड़ने पर अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखने में आसानी होगी।
बढ़ते हुए अपराध और पुलिस कर्मियों की कार्यशैली पर उठते हुए सवाल को देखते हुए महकमे के जिम्मेदार नए प्रयोग कर रहे हैं, जिससे पुलिस के प्रति लोगों की धारणा में बदलाव लाया जा सके। आपराधिक मामलों में अक्सर थानेदारों पर तहरीर बदलने या फिर गुम कर देने के आरोप लगते रहे हैं। कारण शिकायत पत्र देने के बाद पीड़ित को ऐसा साक्ष्य नहीं दिया जाता है कि जिससे वह जरूरत पड़ने पर यह दिखा सके कि उसने शिकायत की थी। मगर उसकी सुनी नहीं गई। इस प्रकार की शिकायतें न आएं और पीड़ित को न्याय मिल सके। इसके लिए डीजीपी एचसी अवस्थी ने कवायद शुरू की है। उन्होंने थानों में शिकायती पत्र देने वाले पीड़ित को रसीद जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसके पीछे यह उद्देश्य है कि अगर शिकायत करने के बाद सुनवाई नहीं हुई तो शिकायतकर्ता अपनी बात रख सके कि उसने शिकायत की थी। थानाध्यक्ष से शिकायत के संबंध में सीधे बात कर सके। इसके लिए रसीद में एसओ और हलका दरोगा का नंबर भी रहेगा। जल्द ही यह व्यवस्था लागू किए जाने के निर्देश हुए हैं। एसपी रामअभिलाष त्रिपाठी ने बताया कि इस संबंध में जानकारी मिली है। व्यवस्था शुरू करने के संबंध में थानाध्यक्षों को निर्देशित किया गया है।
विज्ञापन

थानों में बनेगा अलग काउंटर
थाने पर आने वाले शिकायतकर्ताओं की शिकायत दर्ज करने के लिए थाने पर अलग काउंटर स्थापित किया जाएगा। यहां पर रोस्टर के हिसाब से महिला और पुरुष पुलिसकर्मी तैनात किए गए जाएंगे। यहां पर शिकायती पत्र रजिस्टर में दर्ज करने के साथ ही कंप्यूटर में भी फीड कराया जाएगा, जिससे भविष्य में देखा जा सके। उसके जरिए कार्रवाई के संबंध में जानकारी ली जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

यह रहेगा शिकायत पर्ची में
शिकायत पर्ची में टोकन नंबर, शिकायतकर्ता का नाम, उसका पता, मोबाइल नंबर, शिकायत प्राप्ति की तिथि और समय, थाने का हलका नंबर, जांच अधिकारी का नाम और मोबाइल नंबर, एसपी, सीओ और एसओ का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज रहेगा। इसके अलावा काउंटर पर बैठे पुलिसकर्मी का हस्ताक्षर और तिथि अंकित रहेगा। इसकी एक रसीद शिकायतकर्ता को दी जाएगी।

जिले में हैं 18 थाने
तकरीबन 26 लाख की आबादी वाले गौतम बुद्ध की धरती अपराध की दृष्टि से बहुत ही शांत है। पूर्वांचल के अन्य जिलों की अपेक्षा यहां पर अपराध कम है। कानून व्यवस्था को कायम रखने के लिए जिले में 18 पुलिस थाने हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed