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Siddharthnagar News: रामराज्य की अनुभूति... 21 थानों में 22 तारीख को एक भी केस दर्ज नहीं
Fri, 26 Jan 2024 02:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 26 Jan 2024 02:52 AM IST
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सिद्धार्थनगर। रामराज्य की बात हर कोई करता है, लेकिन वास्तव में रामराज्य क्या है, इसकी बात की अनुभूति 22 जनवरी को प्रभु श्रीराम आगमन पर हो गई। क्योंकि इतने बड़े उत्सव, जहां हर कोई रामधुन में मगन था, पटाखे छूट रहे थे। डीजे के धुन पर भक्तिरस में लीन युवक वर्ग सड़कों पर मंडरा रहा। कब विवाद हो जाए, इस आशंका से पुलिस भी परेशान थी। लेकिन जिले में कहीं कुछ भी नहीं हुआ। 21 थाने की लगभग 29 लाख की आबादी वाले जनपद में 22 जनवरी को एक शांतिभंग तक केस दर्ज नहीं हुआ, मानों रामराज्य की शुरुआत हो गई है।
अयोध्या श्रीराम मंदिर देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया का केंद्र बिंदु में रहा है। देश के करोड़ों हिन्दुओं के आस्था का केंद्र श्रीराम मंदिर में 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम था। बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स और अधिकारी भी सुरक्षा ड्यूटी में अयोध्या जा चुके थे। अयोध्या के श्रीराम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर जनपद के सभी मंदिरों में भजन कीर्तन के साथ ही शोभा यात्रा, भंडारा आदि का कार्यक्रम था। ऐसे में कम फोर्स होने के बावजूद कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया।
शोहरतगढ़ कस्बा जहां दंगा हो चुका है, वहां विवाद की स्थिति आई, लेकिन बिना तकरार किए ही लोग शांत हो गए। इस प्रकार से कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न होगा, यह पुलिस को भी भरोसा नहीं था। 21 थानों में एक शांतिभंग तक का केस दर्ज नहीं हुआ। जबकि औसतन जिले में शांतिभंग के साथ ही अन्य अपराध के 15-20 मुकदमे दर्ज होते हैं।
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दुर्गा और लक्ष्मी पूजा में हो चुका है विवाद
दुर्गा और लक्ष्मी पूजन के समय पुलिस एक माह पहले से तैयारी करती है। मार्गों को चयन होता, छुट्टी रद्द करके बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाता है। इसके बाद भी मूर्ति विसर्जन और ले जाने को लेकर हर साल कहीं न कहीं विवाद हो जाता है। मारपीट के साथ ही मुकदमा भी दर्ज होता है। लेकिन उससे कहीं बड़े उत्सव में जहां बच्चे से लेकर हर उम्र के लोगों में उत्साह, जुनून और भक्ति की भवन जागृत होने के बाद भी शांति पूर्ण तरीके से उत्सव का संपन्न होना रामराज्य ही है। ऐसा सेवानिवृत प्रधानाचार्य डॉ. नरसिंह त्रिपाठी कहते हैं। उन्होंने कहा कि अब रामराज्य की शुरुआत हो चुकी है।
सोमवार को अयोध्या श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दिन जिले में सौहार्द का माहौल रहा। मुकदमों की बात करें तो जिले के किसी भी थाना क्षेत्र में न तो विवाद हुआ और न ही कोई केस दर्ज हुआ है। शोभायात्रा सहित सभी कार्यक्रम सकुशल संपन्न हुआ।
-प्राची सिंह, पुलिस अधीक्षक
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अयोध्या श्रीराम मंदिर देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया का केंद्र बिंदु में रहा है। देश के करोड़ों हिन्दुओं के आस्था का केंद्र श्रीराम मंदिर में 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम था। बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स और अधिकारी भी सुरक्षा ड्यूटी में अयोध्या जा चुके थे। अयोध्या के श्रीराम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर जनपद के सभी मंदिरों में भजन कीर्तन के साथ ही शोभा यात्रा, भंडारा आदि का कार्यक्रम था। ऐसे में कम फोर्स होने के बावजूद कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया।
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शोहरतगढ़ कस्बा जहां दंगा हो चुका है, वहां विवाद की स्थिति आई, लेकिन बिना तकरार किए ही लोग शांत हो गए। इस प्रकार से कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न होगा, यह पुलिस को भी भरोसा नहीं था। 21 थानों में एक शांतिभंग तक का केस दर्ज नहीं हुआ। जबकि औसतन जिले में शांतिभंग के साथ ही अन्य अपराध के 15-20 मुकदमे दर्ज होते हैं।
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दुर्गा और लक्ष्मी पूजा में हो चुका है विवाद
दुर्गा और लक्ष्मी पूजन के समय पुलिस एक माह पहले से तैयारी करती है। मार्गों को चयन होता, छुट्टी रद्द करके बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाता है। इसके बाद भी मूर्ति विसर्जन और ले जाने को लेकर हर साल कहीं न कहीं विवाद हो जाता है। मारपीट के साथ ही मुकदमा भी दर्ज होता है। लेकिन उससे कहीं बड़े उत्सव में जहां बच्चे से लेकर हर उम्र के लोगों में उत्साह, जुनून और भक्ति की भवन जागृत होने के बाद भी शांति पूर्ण तरीके से उत्सव का संपन्न होना रामराज्य ही है। ऐसा सेवानिवृत प्रधानाचार्य डॉ. नरसिंह त्रिपाठी कहते हैं। उन्होंने कहा कि अब रामराज्य की शुरुआत हो चुकी है।
सोमवार को अयोध्या श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दिन जिले में सौहार्द का माहौल रहा। मुकदमों की बात करें तो जिले के किसी भी थाना क्षेत्र में न तो विवाद हुआ और न ही कोई केस दर्ज हुआ है। शोभायात्रा सहित सभी कार्यक्रम सकुशल संपन्न हुआ।
-प्राची सिंह, पुलिस अधीक्षक