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Siddharthnagar News: डीएपी की किल्लत से किसान परेशान

Sun, 27 Nov 2022 11:31 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 27 Nov 2022 11:31 PM IST
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Farmers upset due to shortage of DAP
डीएपी की किल्लत से किसान परेशान
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तुलसियापुर। डीएपी की किल्लत से किसान परेशान हैं। एक से दूसरी समिति और एक से दूसरी दुकान तक पूरे दिन दौड़ लगाने के बाद भी खाद नहीं मिली है। हर जगह यही कहा जाता है कि डीएपी आई तो थी, लेकिन खत्म हो गई। रबी फसल की बुआई का समय निकलता जा रहा है। ऐसे में किसानों की दिक्कत बढ़ गई है।
जिले में खाद की कमी से इन दिनों हाहाकार मचा है। किसान परेशान हैं। रबी फसल की बुआई के लिए डीएपी की जरूरत है। प्रतिदिन 20-20 किमी स्थित सहकारी समितियों पर जाने के बाद भी किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। वहीं, निजी खाद विक्रेता जमकर मुनाफा कमा रहे हैं। नेपाल सीमा से सटे होने के कारण यहां से अधिकतर खाद को तस्करी करके नेपाल पहुंचा दिया जाता है। हर सीजन में यहां के किसानों को खाद की किल्लत का सामना करना पड़ता है। इस बार भी ऐसी ही नौबत है।
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किसान अजय वरुण ने बताया कि इस समय सरसों, मटर के साथ ही शरदकालीन गन्ने की बुआई का सीजन है। इसके लिए डीएपी व एनपीके खाद की आवश्यकता है। समितियों पर खाद नहीं है। तमकुहवा के किसान अशोक पासवान का कहना है कि डीएपी की किल्लत से वह परेशान हैं। कई दुकानों पर गए, लेकिन कहीं खाद नहीं मिली। समय पर बुआई नहीं होने से नुकसान उठाना होगा, जबकि बुआई के लिए खेत तैयार हैं। जलापुरवा के किसान आनंद प्रताप सिंह ने कहा कि डीएपी नहीं मिल पर रही है। खेत तैयार है, लेकिन आलू और गेहूं की बुआई कैसे होगी, यही चिंता सता रही है।
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प्राइवेट दुकानदार महंगे दामों पर बेच रहे हैं। असली या नकली का पता ही नहीं चल रहा। चरिहवां के लल्लू मिश्र का कहना है कि बिना डीएपी के कैसे बुआई करें। केवटलिया के सुरेंद्र चौहान का कहना है कि पहले बाढ़ ने सब कुछ तबाह कर दिया, अब खाद की कमी से खेती पिछड़ रही है। रिजवान अहमद का कहना है कि मसूर व सरसों की खेती पर असर पड़ रहा है। बब्लू खान ने डीएपी उपलब्ध कराने की मांग की है।
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