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नकली शराब बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पांच गिरफ्तार
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नकली शराब बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पांच गिरफ्तार
सिद्धार्थनगर। नकली ब्रांड का ढक्कन और क्यूआर कोड लगाकर ठेके पर मिलावटी शराब बेचने वाले गिरोह के पांच सदस्य रविवार रात
ढेबरुआ क्षेत्र में पुलिस दल के हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने उन्हें क्षेत्र के मुहचोरवा घाट से पकड़ा। उनकी निशानदेही पर इटवा क्षेत्र के एक सरकारी शराब के ठेके से मिलावटी शराब बरामद की गई।
पूछताछ के बाद पांचों आरोपितों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस का दावा है कि यह गिरोह काफी समय से इस कार्य में लिप्त था। गिरोह के तार कहां तक जुड़े हैं, उसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस लाइंस सभागार में सोमवार को एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि शराब के धंधे को रोकने के लिए पुलिस टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। रविवार रात में ढेबरुआ पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग नकली शराब बनाकर बेच रहे हैं।
एसओ ढेबरुआ जीवन त्रिपाठी, सर्विलांस प्रभारी अमित कुमार की संयुक्त टीम ने क्षेत्र के मुहचोरवा घाट के पास से जांच के दौरान पांच लोगों को पकड़ा। उनके कब्जे से शराब व विभिन्न ब्रांड के नकली 7921 ढक्कन बरामद किए गए। उनकी निशानदेही पर इटवा थाना क्षेत्र के विदेशी मदिरा की दुकान पटखौली नंबर एक पर दबिश दी गई, जहां भारी मात्रा में नकली क्यूआर कोड व नकली ढक्कन लगी शीशियों में शराब बरामद हुई। उसे पुलिस ने कब्जे में लेकर दुकान को सील कर दिया। एसपी ने आरोपियों को पकड़ने वाली टीम को 20 हजार रुपये का इनाम दिया है।
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पकड़े गए गिरोह के सदस्य
आरोपियों की पहचान सुरेंद्र चौबे निवासी गौरा पधगोती थाना इटवा, योगेश जायसवाल निवासी राजघाट बर्फखाना थाना राजघाट जनपद गोरखपुर, गोपाल जायसवाल निवासी गौरा बाजार थाना इटवा, विपुल श्रीवास्तव उर्फ जितेंद्र निवासी लाल फरेंदिया थाना महुली जनपद संतकबीरनगर, ध्रुव कुमार गौतम उर्फ अंगद निवासी मधुकरपुर थाना इटवा जनपद के रूप में हुई।
ये सामान बरामद
पटखौली स्थित दुकान से 14 पौव्वा, तीन अद्धा, पानी की पांच बोतलों में शराब व विभिन्न ब्रांड के 7921 नकली ढक्कन बरामद हुए। उसके अलावा 2000 नकली क्यूआर कोड, विदेशी मंदिरा की 72 बोतलें, 447 अद्धा, 2793 पौव्वा, नकद 1170 रुपये, स्कूटी, बाइक, छह मोबाइल फोन बरामद हुए।
कानपुर से आता था ढक्कन और क्यूआर कोड
गड़बड़ी करने का खेल कानपुर से शुरू हुआ। यहां पर एक स्थान पर ढक्कन और क्यूआर कोड तैयार किया जाता था। वहां पर ये आरोपी खुद नहीं जाते थे। वहां खाते के माध्यम से रकम भेजते देते थे। ट्रांसपोर्ट के जरिए इटवा में उसकी आपूर्ति हो जाती थी। जिस गत्ते में क्यूआर कोड आता था, उसका नाम चुनौटी रखे थे, जिससे किसी को पता न लग सके।
इन जिलों में आपूर्ति के मिले संकेत
पुलिस की पूछताछ के कुछ अहम जानकारियां सामने आई हैं। गिरोह की ओर से बस्ती, बलरामपुर, गोंडा, गोरखपुर तक ढक्कन और क्यूआर कोड की आपूर्ति की गई है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि इन जनपदों की भी कुछ दुकानों पर इस तरह का धंधा चल रहा होगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
योगेश का भाई है गोरखपुर का शराब माफिया
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य योगेश जायसवाल का शराब के धंधे से पुराना नाता है। वर्ष 2011 से अब तक उस पर कई मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। वहीं, इसका भाई संतोष गोरखपुर जनपद में पुलिस की सूची में शराब माफिया घोषित है। उस पर कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, पूर्व में वह बस्ती में भी शराब के मामले में पकड़ा जा चुका है।
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सिद्धार्थनगर। नकली ब्रांड का ढक्कन और क्यूआर कोड लगाकर ठेके पर मिलावटी शराब बेचने वाले गिरोह के पांच सदस्य रविवार रात
ढेबरुआ क्षेत्र में पुलिस दल के हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने उन्हें क्षेत्र के मुहचोरवा घाट से पकड़ा। उनकी निशानदेही पर इटवा क्षेत्र के एक सरकारी शराब के ठेके से मिलावटी शराब बरामद की गई।
पूछताछ के बाद पांचों आरोपितों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस का दावा है कि यह गिरोह काफी समय से इस कार्य में लिप्त था। गिरोह के तार कहां तक जुड़े हैं, उसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस लाइंस सभागार में सोमवार को एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि शराब के धंधे को रोकने के लिए पुलिस टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। रविवार रात में ढेबरुआ पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग नकली शराब बनाकर बेच रहे हैं।
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एसओ ढेबरुआ जीवन त्रिपाठी, सर्विलांस प्रभारी अमित कुमार की संयुक्त टीम ने क्षेत्र के मुहचोरवा घाट के पास से जांच के दौरान पांच लोगों को पकड़ा। उनके कब्जे से शराब व विभिन्न ब्रांड के नकली 7921 ढक्कन बरामद किए गए। उनकी निशानदेही पर इटवा थाना क्षेत्र के विदेशी मदिरा की दुकान पटखौली नंबर एक पर दबिश दी गई, जहां भारी मात्रा में नकली क्यूआर कोड व नकली ढक्कन लगी शीशियों में शराब बरामद हुई। उसे पुलिस ने कब्जे में लेकर दुकान को सील कर दिया। एसपी ने आरोपियों को पकड़ने वाली टीम को 20 हजार रुपये का इनाम दिया है।
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पकड़े गए गिरोह के सदस्य
आरोपियों की पहचान सुरेंद्र चौबे निवासी गौरा पधगोती थाना इटवा, योगेश जायसवाल निवासी राजघाट बर्फखाना थाना राजघाट जनपद गोरखपुर, गोपाल जायसवाल निवासी गौरा बाजार थाना इटवा, विपुल श्रीवास्तव उर्फ जितेंद्र निवासी लाल फरेंदिया थाना महुली जनपद संतकबीरनगर, ध्रुव कुमार गौतम उर्फ अंगद निवासी मधुकरपुर थाना इटवा जनपद के रूप में हुई।
ये सामान बरामद
पटखौली स्थित दुकान से 14 पौव्वा, तीन अद्धा, पानी की पांच बोतलों में शराब व विभिन्न ब्रांड के 7921 नकली ढक्कन बरामद हुए। उसके अलावा 2000 नकली क्यूआर कोड, विदेशी मंदिरा की 72 बोतलें, 447 अद्धा, 2793 पौव्वा, नकद 1170 रुपये, स्कूटी, बाइक, छह मोबाइल फोन बरामद हुए।
कानपुर से आता था ढक्कन और क्यूआर कोड
गड़बड़ी करने का खेल कानपुर से शुरू हुआ। यहां पर एक स्थान पर ढक्कन और क्यूआर कोड तैयार किया जाता था। वहां पर ये आरोपी खुद नहीं जाते थे। वहां खाते के माध्यम से रकम भेजते देते थे। ट्रांसपोर्ट के जरिए इटवा में उसकी आपूर्ति हो जाती थी। जिस गत्ते में क्यूआर कोड आता था, उसका नाम चुनौटी रखे थे, जिससे किसी को पता न लग सके।
इन जिलों में आपूर्ति के मिले संकेत
पुलिस की पूछताछ के कुछ अहम जानकारियां सामने आई हैं। गिरोह की ओर से बस्ती, बलरामपुर, गोंडा, गोरखपुर तक ढक्कन और क्यूआर कोड की आपूर्ति की गई है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि इन जनपदों की भी कुछ दुकानों पर इस तरह का धंधा चल रहा होगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
योगेश का भाई है गोरखपुर का शराब माफिया
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य योगेश जायसवाल का शराब के धंधे से पुराना नाता है। वर्ष 2011 से अब तक उस पर कई मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। वहीं, इसका भाई संतोष गोरखपुर जनपद में पुलिस की सूची में शराब माफिया घोषित है। उस पर कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, पूर्व में वह बस्ती में भी शराब के मामले में पकड़ा जा चुका है।