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अब बच्चों का होगा बेहतर उपचार, दूर होंगे विकार
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जिला अस्पताल में स्थित एनसीयू वार्ड में भर्ती बच्चे। संवाद
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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अब बच्चों का होगा बेहतर उपचार, दूर होंगे विकार
- 42 बेड का बनेगा पीआईसीयू वार्ड, रेफर करने की दूर होगी मजबूरी
- माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में अभी चल रहा है 15 बेड का वार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में 42 बेड का पीआईसीयू वार्ड बनाया जाएगा। जेई, एईएस और निमोनिया सहित अन्य गंभीर बीमारी से जूझने वाले बच्चों को अब बेड के अभाव में रेफर नहीं करना पड़ेगा। शासन की ओर से स्वीकृति मिल गई है। जल्द ही वार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
प्रदेश के तराई क्षेत्र में शामिल जनपद के अधिकतर बच्चे जेई, एईएस जैसी गंभीर बीमारी के शिकार हो जाते हैं। बारिश के बाद दिसंबर माह तक इन बीमारियों से बच्चे ग्रसित होते हैं। इनके इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में 15 बेड का पीआईसीयू वार्ड बनाया गया है, लेकिन मरीजों की संख्या अधिक होने पर एक-एक बेड पर दो बच्चों को भर्ती करना पड़ता है। इसके बाद भी मरीजों की संख्या अधिक हो जाती है तो उन्हें मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर करना पड़ता है।
इस समस्या को देखते हुए शासन ने माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में वार्ड और बेड के विस्तार की अनुमति प्रदान की है। जल्द ही वार्ड बनाने की कवायद शुरू हो जाएगी। माना जा रहा है कि बेड के बढ़ने से बच्चों को रेफर नहीं करना पड़ेगा।
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बनेंगे दो अलग-अलग वार्ड
एमसीएम विंग में वार्ड बनाया जाएगा। तीसरे मंजिल पर 22 और चौथी मंजिल पर 20 बेड का वार्ड बनेगा। लिफ्ट की सुविधा होने से मरीजों को आने-जाने में दिक्कत नहीं होगी।
शासन की ओर से 42 बेड का वार्ड बनाने की स्वीकृति मिली है। महिला अस्पताल में दो मंजिल पर अलग-अलग वार्ड बनाया जाएगा। कागजी कार्य पूरा हो चुका है।
- डॉ. एके झा, प्राचार्य माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज, सिद्धार्थनगर
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- 42 बेड का बनेगा पीआईसीयू वार्ड, रेफर करने की दूर होगी मजबूरी
- माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में अभी चल रहा है 15 बेड का वार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में 42 बेड का पीआईसीयू वार्ड बनाया जाएगा। जेई, एईएस और निमोनिया सहित अन्य गंभीर बीमारी से जूझने वाले बच्चों को अब बेड के अभाव में रेफर नहीं करना पड़ेगा। शासन की ओर से स्वीकृति मिल गई है। जल्द ही वार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
प्रदेश के तराई क्षेत्र में शामिल जनपद के अधिकतर बच्चे जेई, एईएस जैसी गंभीर बीमारी के शिकार हो जाते हैं। बारिश के बाद दिसंबर माह तक इन बीमारियों से बच्चे ग्रसित होते हैं। इनके इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में 15 बेड का पीआईसीयू वार्ड बनाया गया है, लेकिन मरीजों की संख्या अधिक होने पर एक-एक बेड पर दो बच्चों को भर्ती करना पड़ता है। इसके बाद भी मरीजों की संख्या अधिक हो जाती है तो उन्हें मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर करना पड़ता है।
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इस समस्या को देखते हुए शासन ने माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में वार्ड और बेड के विस्तार की अनुमति प्रदान की है। जल्द ही वार्ड बनाने की कवायद शुरू हो जाएगी। माना जा रहा है कि बेड के बढ़ने से बच्चों को रेफर नहीं करना पड़ेगा।
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बनेंगे दो अलग-अलग वार्ड
एमसीएम विंग में वार्ड बनाया जाएगा। तीसरे मंजिल पर 22 और चौथी मंजिल पर 20 बेड का वार्ड बनेगा। लिफ्ट की सुविधा होने से मरीजों को आने-जाने में दिक्कत नहीं होगी।
शासन की ओर से 42 बेड का वार्ड बनाने की स्वीकृति मिली है। महिला अस्पताल में दो मंजिल पर अलग-अलग वार्ड बनाया जाएगा। कागजी कार्य पूरा हो चुका है।
- डॉ. एके झा, प्राचार्य माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज, सिद्धार्थनगर