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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Erosion, not flooding, causing trouble; Banganga steady, Budhi Rapti water level recedes.

Siddharthnagar News: बाढ़ नहीं कटान से मुसीबत, बानगंगा िस्थर, बूढ़ी राप्ती नीचे आई

Fri, 24 Jul 2026 11:46 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Fri, 24 Jul 2026 11:46 PM IST
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Erosion, not flooding, causing trouble; Banganga steady, Budhi Rapti water level recedes.
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिद्धार्थनगर। पिछले 10 दिन की बारिश से उफान पर आईं नदियाें का जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है। इसकी वजह से नदियों ने किनारों पर कटान तेज कर दी है। शुक्रवार को बानगंगा लगातार तीसरे दिन 89.200 के निशान पर स्थिर रही। वहीं, राप्ती नदी करीब 350 सेमी और बूढ़ी राप्ती का जलस्तर करीब एक मीटर नीचे आ गया।
डुमरियागंज कस्बा के निकट राप्ती नदी किनारे हो रहे कटान से 33 हजार वोल्ट बिजली टॉवर के नदी में समाने का खतरा मंडरा रहा है। वहीं अन्य नदियों के किनारे कई मकान, खेत व बाग भी कटान के मुहाने पर होने के खतरे की जद में है। कटान स्थलों के किनारे स्थित गांव के लोगों की सांसें अटकी हुई हैं, वहीं प्रशासन और सिंचाई विभाग कर्मी लगातार निगरानी में जुटे हुए है।
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नेपाल समेत जिले में रुक-रुककर हो रही बारिश से राप्ती, बूढ़ी राप्ती समेत अन्य नदियों का घट-बढ़ रहा जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है। राप्ती नदी का जलस्तर शुक्रवार को 81.85 मीटर पर पहुंच गया था लेकिन डुमरियागंज कस्बा के पास नदी तेजी से कटान कर रही थी।
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वहीं बूढ़ी राप्ती का जलस्तर घटने के बावजूद किनारों पर तेजी से कटान हो रहा है। नदियों की कटान से किनारे स्थित 39 से अधिक अति संवेदनशील व संवेदनशील स्थलों पर खतरा मंडराने लगा है। इससे जहां कटान स्थलों के किनारे स्थित गांव के लोगों की सांसें अटकी हुई हैं।
शाहपुर प्रतिनिधि के अनुसार डुमरियागंज कस्बा के बैदौलागढ़ के समीप राप्ती ने कटान तेज कर दी है। कटान की जद में बांसी से सिरसिया जाने वाला बिजली का टावर भी आ रहा है। यहां पर कई किसानों के खेत नदी में समा चुके हैं और बैदौला-भड़रिया बांध पर भी खतरा मंडराने लगा है।
बता दें कि बीते वर्षों में नदियों किनारे हुए कटान से आसपास के गांवों के कई मकान, बाग व खेत कटकर नदी में विलीन हो चुके हैं। वर्ष 2024 में भनवापुर ब्लाॅक क्षेत्र में राप्ती नदी की कटान की जद में आए बेतनार मुस्तहकम गांव के पास बिजली टाॅवर को हटाना पड़ा। वहीं कटान से भनवापुर क्षेत्र के ही बिजौरा स्थित गोशाला के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है।
यहां मंडरा रहा कटान का खतरा : बढ़नी ब्लाॅक क्षेत्र में बूढ़ी राप्ती नदी के किनारे बालानगर में लगातार कटान का खतरा रहता है। यहां कई मकान नदी में समा चुके हैं। वहीं तौलिहवा गांव के इटहिया के पास बूढ़ी राप्ती नदी ने झुंगहवा-झुलनीपुर मार्ग कटान की जद में हैं।

शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के बानगंगा नदी के किनारे पड़ने वाले गांव बैदौली गांव से थोड़ी दूर पर कटान होता है। भनवापुर ब्लॉक में शाहपुर-भोजपुर बांध किनारे स्थित बेतनार गांव के पास राप्ती नदी बांध के काफी करीब पहुंच गई। इसके अलावा उसका ब्लॉक के तिवारीडीह के पास कटान का खतरा मंडरा रहा है।
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