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Siddharthnagar News: कर्मचारी नहीं मानते प्राचार्य के निर्देश, बिना एप्रन करते हैं ड्यूटी
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मेडिकल कालेज में ओपीडी के गेट पर बिना ड्रेस के स्वास्थ्य कर्मी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी बैठे रहते हैं, लेकिन इसमें से अधिकतर एप्रन में नहीं रहते। ऐसे में मरीजों को दलाल व स्वास्थ्य कर्मी पहचानने में मुश्किल होती है, लेकिन इसके बावजूद भी स्वास्थ्य कर्मी एप्रन पहनना पसंद नहीं करते हैं, जबकि, एप्रन पहनने को लेकर प्राचार्य ने कई बार स्वास्थ्य कर्मियों को फटकार लगाई है, लेकिन स्वास्थ्य कर्मी प्राचार्य के निर्देश को भी दरकिनार किए हुए हैं।
स्वास्थ्य कर्मियों की मनमानी से मरीज दलाल के चक्कर में पड़कर महंगा इलाज करवाने पर मजबूर हो रहे हैं। बुधवार को भी मेडिकल कॉलेज के ओपीडी पर्चा काउंटर सहित कई स्थानों पर स्वास्थ्य कर्मी बिना एप्रन पहने ही मरीजों का इलाज करते नजर आए।
इससे मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ा। बुधवार को नए भवन के जनरल मेडिसिन की ओपीडी में कई स्वास्थ्य कर्मी बिना एप्रन मरीजों का इलाज कर रहे थे, जबकि बाहर भी मरीज को स्वास्थ्य कर्मी बनकर दलाल मरीजों को दवा के बारे में जानकारी दे रहे थे। यही हाल मेडिकल कॉलेज आर्थोपेडिक्स की ओपीडी में भी नजर आया। जबकि इमरजेंसी में भी वहीं व्यवस्था देखने को मिली।
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इमरजेंसी में मरीज का इलाज करवाने आए डुमरियागंज के जयदेव ने बताया कि इमरजेंसी में अक्सर डॉक्टर को खोजना पड़ता है। ऐसे में कई बार मरीज को बरगला कर दलाल प्राइवेट अस्पताल में भी ले जाते है, लेकिन इसको लेकर कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी बैठे रहते हैं, लेकिन इसमें से अधिकतर एप्रन में नहीं रहते। ऐसे में मरीजों को दलाल व स्वास्थ्य कर्मी पहचानने में मुश्किल होती है, लेकिन इसके बावजूद भी स्वास्थ्य कर्मी एप्रन पहनना पसंद नहीं करते हैं, जबकि, एप्रन पहनने को लेकर प्राचार्य ने कई बार स्वास्थ्य कर्मियों को फटकार लगाई है, लेकिन स्वास्थ्य कर्मी प्राचार्य के निर्देश को भी दरकिनार किए हुए हैं।
स्वास्थ्य कर्मियों की मनमानी से मरीज दलाल के चक्कर में पड़कर महंगा इलाज करवाने पर मजबूर हो रहे हैं। बुधवार को भी मेडिकल कॉलेज के ओपीडी पर्चा काउंटर सहित कई स्थानों पर स्वास्थ्य कर्मी बिना एप्रन पहने ही मरीजों का इलाज करते नजर आए।
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इससे मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ा। बुधवार को नए भवन के जनरल मेडिसिन की ओपीडी में कई स्वास्थ्य कर्मी बिना एप्रन मरीजों का इलाज कर रहे थे, जबकि बाहर भी मरीज को स्वास्थ्य कर्मी बनकर दलाल मरीजों को दवा के बारे में जानकारी दे रहे थे। यही हाल मेडिकल कॉलेज आर्थोपेडिक्स की ओपीडी में भी नजर आया। जबकि इमरजेंसी में भी वहीं व्यवस्था देखने को मिली।
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इमरजेंसी में मरीज का इलाज करवाने आए डुमरियागंज के जयदेव ने बताया कि इमरजेंसी में अक्सर डॉक्टर को खोजना पड़ता है। ऐसे में कई बार मरीज को बरगला कर दलाल प्राइवेट अस्पताल में भी ले जाते है, लेकिन इसको लेकर कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है।