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Siddharthnagar News: गर्मी में रुला रही बिजली, बजट आवंटित, चार फीडरों कि नहीं हुई क्षमता वृद्धि
Thu, 08 Aug 2024 03:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 08 Aug 2024 03:00 AM IST
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- शहर सहित तहसील मुख्यालयों पर नहीं हुई फीडर की क्षमता वृद्धि
- पांच माह पहले ही आवंटित हुआ है फीडर की क्षमता के वृद्धि के लिए धन
- बिजली बनी है बड़ी समस्या बार-बार ट्रिपिंग और लाइट काटने से जनपद के लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बिजली की किल्लत से निपटने और उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली आपूर्ति के लिए पांच विद्युत फीडरों पर क्षमता वृद्धि किया जाना है। इसके लिए पांच करोड़ रुपये बजट स्वीकृत भी हो गया था, लेकिन जोगिया ब्लॉक के नगरा फीडर के अलावा किसी पर काम नहीं हुआ। नजीता बिजली लोगों को रुला रही है। लगातार ट्रिपिंग और कटौती से उपभोक्ताओं का चैन और रात की नींद दोनों चली गई है। अगर गर्मी से पहले विद्युत निगम के जिम्मेदार चेते होते तो शायद क्षमता वृद्धि होने के बाद बिजली बार कटती नहीं और उपभोक्ताओं को इस गर्मी में घुटना नहीं पड़ता है। विभाग की लापरवाही दो लाख से अधिक आबादी मुसीबत झेल रही है।
अप्रैल माह लगते ही बिजली का लोड बढ़ जाता है। मई और जून में गर्मी के बीच खपता और बढ़ती है। जुलाई, अगस्त से उसमवाली गर्मी के कारण 125 मेगा वॉट सामान्य दिनों में खर्च होता है। जो मौजूदा समय में 150 मेगावॉट तक पहुंच गया है। पुराने संसाधन पर ही बिजली आपूर्ति की जाती है। जबकि उपभोक्ताओं की तादाद दो गुना के लगभग हो गया है। इसमें शहर से सटेए जोगियाए लोटनए बडज़्पुरए बांसी तहसीलए पोखरभिटवा के बिजलीघर शामिल है। विद्युत फीडर के ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि किया जाना था। इसके लिए 4.88 करोड़ रुपये धन स्वीकृत हुआ था। एक फीडर के क्षमता वृद्धि पर तकरीबन एक करोड़ रुपये खर्च किया जाना था। पर इसमें केवल जोगिया ब्लॉक के नगरा फीडर की क्षमता वृद्धि की गई। जबकि, चार फीडर की क्षमता वृद्धि नहीं की गई है। इन फीडर से 70 हजार उपभोक्ता और लगभग ढाई लाख आबादी को लाभ मिलना था। फीडर की क्षमता वृद्धि न होने का नजीता है कि इस भीषण गर्मी में लोग बिजली कटौती की मार झेल रहे हैं। पिछले एक माह से हालत बिगड़ गए हैं। अगर क्षमता वृद्धि होती तो शायद यही परेशानी नहीं होती।
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पांच करोड़ से लगाया जाना है 10 एमवीए का ट्रांसफॉर्मर
ओवरलोड होने से लोगों को गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ता था, लेकिन बांसी तहसील बिजली घर पर एक करोड़ की लागत से पांच एमवीए का एक ट्रांसफॉर्मर हटाकर 10 एमवीए का ट्रांसफॉर्मर लगाया जाना है। ओवर लोड फीडर को दो भागों में बाट कर नया फीडर लगाया जाना था जो नहीं हुआ।
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बिजली कटौती ने समस्या बढ़ा दी है। अगर बिजली आती है तो वह भी लो वोल्टेज, जिसकी वजह से पंखा और कूलर भी नहीं चलता है। फीडर की क्षमता बढ़ाने की योजना था जो पूरा नहीं हुआ।
-सुधीर कनोजिया, निवासी बर्डपुर
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गर्मी शुरू होने से पहले ही बिजली में सुधार कर देना चाहिए, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से ध्यान नहीं दिया जाता है। सुनने में आया था फीडर की क्षमता वृद्धि होगी। अगर हुआ होता तो किल्लत नहीं होती।
-विजय गोस्वामी, निवासी बर्डपुर
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जल्द ही चयनित विद्युत फीडरों पर क्षमता वृद्धि कराने का कार्य किया जाएगा। उपभोक्ताओं को रोस्टर के हिसाब से बिजली आपूर्ति की जा रही है।
-ज्ञापप्रकाश, एक्सईन विद्युत निगम
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- पांच माह पहले ही आवंटित हुआ है फीडर की क्षमता के वृद्धि के लिए धन
- बिजली बनी है बड़ी समस्या बार-बार ट्रिपिंग और लाइट काटने से जनपद के लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बिजली की किल्लत से निपटने और उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली आपूर्ति के लिए पांच विद्युत फीडरों पर क्षमता वृद्धि किया जाना है। इसके लिए पांच करोड़ रुपये बजट स्वीकृत भी हो गया था, लेकिन जोगिया ब्लॉक के नगरा फीडर के अलावा किसी पर काम नहीं हुआ। नजीता बिजली लोगों को रुला रही है। लगातार ट्रिपिंग और कटौती से उपभोक्ताओं का चैन और रात की नींद दोनों चली गई है। अगर गर्मी से पहले विद्युत निगम के जिम्मेदार चेते होते तो शायद क्षमता वृद्धि होने के बाद बिजली बार कटती नहीं और उपभोक्ताओं को इस गर्मी में घुटना नहीं पड़ता है। विभाग की लापरवाही दो लाख से अधिक आबादी मुसीबत झेल रही है।
अप्रैल माह लगते ही बिजली का लोड बढ़ जाता है। मई और जून में गर्मी के बीच खपता और बढ़ती है। जुलाई, अगस्त से उसमवाली गर्मी के कारण 125 मेगा वॉट सामान्य दिनों में खर्च होता है। जो मौजूदा समय में 150 मेगावॉट तक पहुंच गया है। पुराने संसाधन पर ही बिजली आपूर्ति की जाती है। जबकि उपभोक्ताओं की तादाद दो गुना के लगभग हो गया है। इसमें शहर से सटेए जोगियाए लोटनए बडज़्पुरए बांसी तहसीलए पोखरभिटवा के बिजलीघर शामिल है। विद्युत फीडर के ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि किया जाना था। इसके लिए 4.88 करोड़ रुपये धन स्वीकृत हुआ था। एक फीडर के क्षमता वृद्धि पर तकरीबन एक करोड़ रुपये खर्च किया जाना था। पर इसमें केवल जोगिया ब्लॉक के नगरा फीडर की क्षमता वृद्धि की गई। जबकि, चार फीडर की क्षमता वृद्धि नहीं की गई है। इन फीडर से 70 हजार उपभोक्ता और लगभग ढाई लाख आबादी को लाभ मिलना था। फीडर की क्षमता वृद्धि न होने का नजीता है कि इस भीषण गर्मी में लोग बिजली कटौती की मार झेल रहे हैं। पिछले एक माह से हालत बिगड़ गए हैं। अगर क्षमता वृद्धि होती तो शायद यही परेशानी नहीं होती।
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पांच करोड़ से लगाया जाना है 10 एमवीए का ट्रांसफॉर्मर
ओवरलोड होने से लोगों को गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ता था, लेकिन बांसी तहसील बिजली घर पर एक करोड़ की लागत से पांच एमवीए का एक ट्रांसफॉर्मर हटाकर 10 एमवीए का ट्रांसफॉर्मर लगाया जाना है। ओवर लोड फीडर को दो भागों में बाट कर नया फीडर लगाया जाना था जो नहीं हुआ।
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बिजली कटौती ने समस्या बढ़ा दी है। अगर बिजली आती है तो वह भी लो वोल्टेज, जिसकी वजह से पंखा और कूलर भी नहीं चलता है। फीडर की क्षमता बढ़ाने की योजना था जो पूरा नहीं हुआ।
-सुधीर कनोजिया, निवासी बर्डपुर
गर्मी शुरू होने से पहले ही बिजली में सुधार कर देना चाहिए, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से ध्यान नहीं दिया जाता है। सुनने में आया था फीडर की क्षमता वृद्धि होगी। अगर हुआ होता तो किल्लत नहीं होती।
-विजय गोस्वामी, निवासी बर्डपुर
जल्द ही चयनित विद्युत फीडरों पर क्षमता वृद्धि कराने का कार्य किया जाएगा। उपभोक्ताओं को रोस्टर के हिसाब से बिजली आपूर्ति की जा रही है।
-ज्ञापप्रकाश, एक्सईन विद्युत निगम