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बकाए में कटे 676 परिषदीय स्कूलों के बिजली कनेक्शन
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बकाए में कटे 676 परिषदीय स्कूलों के बिजली कनेक्शन
इटवा। पांच वर्ष से अधिक समय से बिजली का बकाया बिल नहीं जमा करने के कारण जिले के 676 परिषदीय विद्यालयों के कनेक्शन काट दिए गए। इससे इन विद्यालयों में बच्चे पढ़ाई के दौरान गर्मी और उमस से परेशान हैं। कनेक्शन काटे जाने का मामला शासन स्तर पर पहुंचा तो वहीं से निस्तारण का प्रयास किया जा रहा है।
जिले में स्थित ढाई हजार से अधिक परिषदीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों पर पांच वर्ष से अधिक का करीब आठ करोड़ रुपये अधिक का बिजली बिल बकाया है। इनमें से किसी स्कूल पर 25 तो किसी पर 50 हजार रुपये से अधिक का बकाया है। इसमें वर्ष 2018 तक की बिजली बिल बकाए की धनराशि बीएसए दफ्तर को भुगतान करना है। वर्ष 2018 के बाद के स्कूलों के बकाया बिजली बिल का भुगतान संबंधित ग्राम पंचायतों को करना है। इटवा क्षेत्र के सहायक अभियंता बिजली कौशल किशोर का कहना है कि बकाया भुगतान के लिए बीएसए एवं ग्राम पंचायतों को बिजली बिल दिया गया, लेकिन अभी तक दोनों में से किसी ने भुगतान नहीं किया। इस कारण बिजली कनेक्शन काटे गए हैं। इटवा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय देवाइचपार, प्राथमिक विद्यालय सिसवा और मेहदानी, प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय पचपेड़वा, पूर्व माध्यमिक विद्यालय इटवा के बिजली कनेक्शन कट जाने से यहां के स्कूलों के बच्चे और शिक्षक परेशान हैं।
एक सितंबर से खुले इन विद्यालयों में पढ़ने आए बच्चों के कपड़े उमस भरी गर्मी में पसीना से भीग जा रहे हैं। यहां तक कि बच्चों और शिक्षकों को आसपास स्थित पेड़ों की छांव में शरण लेने की मजबूरी बन गई है। शिक्षक नेता पंकज त्रिपाठी, शिक्षक जेपी गुप्ता और पूर्णिमा शुक्ला का कहना है कि जब कोरोना के कारण विद्यालय बंद थे, तब बिजली के कनेक्शन नहीं काटे गए। अब जब विद्यालय खुल गए हैं, तब कनेक्शन काट दिया गया। इससे इस उमस भरी गर्मी में कमरों में बैठ पाना बच्चों के लिए मुश्किल हो गया है। बीएसए राजेंद्र सिंह का कहना है बकाए का भुगतान किया जा रहा है, जिससे स्कूलों के काटे गए बिजली कनेक्शन जल्द ही जोड़े जाएंगे। अधिशासी अभियंता बिजली आरके कुशवाहा का कहना है कि शासन स्तर से बकाया जमा होने के आश्वासन मिलने के बाद इन विद्यालयों के बिजली कनेक्शन जोड़ने का निर्देश मिला है।
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इटवा। पांच वर्ष से अधिक समय से बिजली का बकाया बिल नहीं जमा करने के कारण जिले के 676 परिषदीय विद्यालयों के कनेक्शन काट दिए गए। इससे इन विद्यालयों में बच्चे पढ़ाई के दौरान गर्मी और उमस से परेशान हैं। कनेक्शन काटे जाने का मामला शासन स्तर पर पहुंचा तो वहीं से निस्तारण का प्रयास किया जा रहा है।
जिले में स्थित ढाई हजार से अधिक परिषदीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों पर पांच वर्ष से अधिक का करीब आठ करोड़ रुपये अधिक का बिजली बिल बकाया है। इनमें से किसी स्कूल पर 25 तो किसी पर 50 हजार रुपये से अधिक का बकाया है। इसमें वर्ष 2018 तक की बिजली बिल बकाए की धनराशि बीएसए दफ्तर को भुगतान करना है। वर्ष 2018 के बाद के स्कूलों के बकाया बिजली बिल का भुगतान संबंधित ग्राम पंचायतों को करना है। इटवा क्षेत्र के सहायक अभियंता बिजली कौशल किशोर का कहना है कि बकाया भुगतान के लिए बीएसए एवं ग्राम पंचायतों को बिजली बिल दिया गया, लेकिन अभी तक दोनों में से किसी ने भुगतान नहीं किया। इस कारण बिजली कनेक्शन काटे गए हैं। इटवा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय देवाइचपार, प्राथमिक विद्यालय सिसवा और मेहदानी, प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय पचपेड़वा, पूर्व माध्यमिक विद्यालय इटवा के बिजली कनेक्शन कट जाने से यहां के स्कूलों के बच्चे और शिक्षक परेशान हैं।
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एक सितंबर से खुले इन विद्यालयों में पढ़ने आए बच्चों के कपड़े उमस भरी गर्मी में पसीना से भीग जा रहे हैं। यहां तक कि बच्चों और शिक्षकों को आसपास स्थित पेड़ों की छांव में शरण लेने की मजबूरी बन गई है। शिक्षक नेता पंकज त्रिपाठी, शिक्षक जेपी गुप्ता और पूर्णिमा शुक्ला का कहना है कि जब कोरोना के कारण विद्यालय बंद थे, तब बिजली के कनेक्शन नहीं काटे गए। अब जब विद्यालय खुल गए हैं, तब कनेक्शन काट दिया गया। इससे इस उमस भरी गर्मी में कमरों में बैठ पाना बच्चों के लिए मुश्किल हो गया है। बीएसए राजेंद्र सिंह का कहना है बकाए का भुगतान किया जा रहा है, जिससे स्कूलों के काटे गए बिजली कनेक्शन जल्द ही जोड़े जाएंगे। अधिशासी अभियंता बिजली आरके कुशवाहा का कहना है कि शासन स्तर से बकाया जमा होने के आश्वासन मिलने के बाद इन विद्यालयों के बिजली कनेक्शन जोड़ने का निर्देश मिला है।
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