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Siddharthnagar News: चकबंदी आगे बढ़ाने की कवायद बैठक में शंकाओं का समाधान
Tue, 21 Jul 2026 11:39 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 21 Jul 2026 11:39 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। तहसील नौगढ़ के ग्राम सोनौरा तप्पा नादेपार में लंबे समय से रुकी चकबंदी प्रक्रिया को दोबारा शुरू कराने के लिए प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। अपर जिलाधिकारी (न्याय)/उप संचालक चकबंदी डॉ. ज्ञान प्रकाश ने मंगलवार को गांव पहुंचकर ग्रामीणों के साथ बैठक की और उनकी शंकाओं का समाधान किया।
हालांकि ग्रामीणों ने अभी चकबंदी पर अंतिम सहमति नहीं दी है लेकिन प्रशासन की पहल के बाद सकारात्मक माहौल बनने की बात सामने आई है।
प्राथमिक विद्यालय में आयोजित बैठक में चकबंदी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद यादव, सहायक चकबंदी अधिकारी राजेश मिश्रा, ग्राम प्रधान रीता, चकबंदी समिति के सदस्य तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने बताया कि प्रथम चक्र की चकबंदी के बाद गांव में चकरोड, सेक्टर मार्ग, आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक विद्यालय और पंचायत भवन जैसी सार्वजनिक सुविधाएं पर्याप्त हैं। इसी कारण वे नई चकबंदी को लेकर आशंकित हैं।
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डॉ. ज्ञान प्रकाश ने ग्रामीणों को बताया कि द्वितीय चक्र की चकबंदी में केवल आवश्यक सार्वजनिक सुविधाओं के लिए नाममात्र की कटौती होगी। उन्होंने कहा कि इस बार पूरी प्रक्रिया ड्रोन, रोवर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी आधुनिक तकनीक के माध्यम से की जाएगी, जिससे भूमि अभिलेख और नक्शे पूरी तरह डिजिटल और त्रुटिरहित तैयार होंगे।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक से चकरोड, नालियों और खेतों की सीमाओं का सटीक निर्धारण होगा, जिससे अवैध कब्जों पर रोक लगेगी। कृषि कार्य आसान होगा और किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।
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सिद्धार्थनगर। तहसील नौगढ़ के ग्राम सोनौरा तप्पा नादेपार में लंबे समय से रुकी चकबंदी प्रक्रिया को दोबारा शुरू कराने के लिए प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। अपर जिलाधिकारी (न्याय)/उप संचालक चकबंदी डॉ. ज्ञान प्रकाश ने मंगलवार को गांव पहुंचकर ग्रामीणों के साथ बैठक की और उनकी शंकाओं का समाधान किया।
हालांकि ग्रामीणों ने अभी चकबंदी पर अंतिम सहमति नहीं दी है लेकिन प्रशासन की पहल के बाद सकारात्मक माहौल बनने की बात सामने आई है।
प्राथमिक विद्यालय में आयोजित बैठक में चकबंदी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद यादव, सहायक चकबंदी अधिकारी राजेश मिश्रा, ग्राम प्रधान रीता, चकबंदी समिति के सदस्य तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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ग्रामीणों ने बताया कि प्रथम चक्र की चकबंदी के बाद गांव में चकरोड, सेक्टर मार्ग, आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक विद्यालय और पंचायत भवन जैसी सार्वजनिक सुविधाएं पर्याप्त हैं। इसी कारण वे नई चकबंदी को लेकर आशंकित हैं।
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डॉ. ज्ञान प्रकाश ने ग्रामीणों को बताया कि द्वितीय चक्र की चकबंदी में केवल आवश्यक सार्वजनिक सुविधाओं के लिए नाममात्र की कटौती होगी। उन्होंने कहा कि इस बार पूरी प्रक्रिया ड्रोन, रोवर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी आधुनिक तकनीक के माध्यम से की जाएगी, जिससे भूमि अभिलेख और नक्शे पूरी तरह डिजिटल और त्रुटिरहित तैयार होंगे।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक से चकरोड, नालियों और खेतों की सीमाओं का सटीक निर्धारण होगा, जिससे अवैध कब्जों पर रोक लगेगी। कृषि कार्य आसान होगा और किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।