फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   dhanteras today

Siddharthnagar News: धनतेरस आज, 12 नवंबर को मनाई जाएगी दीपावली

Fri, 10 Nov 2023 01:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Fri, 10 Nov 2023 01:03 AM IST
विज्ञापन
dhanteras today
वैभव की देवी महालक्ष्मी की होगी आरधना
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। दीपावली पर्व पर पांच दिन तक चलने वाले दीपोत्सव की शुरुआत धनतेरस से होती है। इसलिए यह दिन विशेष महत्व रखता है। वैभव की देवी महालक्ष्मी की आराधना के पर्व पर धनतेरस के दिन लक्ष्मी पूजन की शुरुआत होती है।
लक्ष्मी के आगमन का पहला और चौमुखी दीपक, इसी दिन यम देवता के नाम पर जलाया जाता है। धनतेरस पर यश, वैभव, धन-धान्य, धातु आदि की पूजा की जाती है। इन पांच दिनों में यमराज, वैद्यराज धन्वंतरि, महालक्ष्मी, गणेश, हनुमानजी, मां काली और गोवर्धन की पूजा का विधान है।
विज्ञापन

शहर स्थित ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के आचार्य योगेश पांडेय ने बताया कि दीपावली रोशनी व रौनक का महापर्व है। पांच दिवसीय इस पर्व का न केवल सामाजिक बल्कि पौराणिक महत्व भी है।
विज्ञापन
विज्ञापन



अमृत सिद्ध योग में पड़ रहा है धनतेरस पर्व

सिद्धार्थनगर। ज्योतिषाचार्य योगेश पांडेय ने बताया कि दीपोत्सव का आरंभ धनतेरस के दिन से शुरू होता है। इसे धन, सुख, स्वास्थ्य और समृद्ध के पर्व के रूप में मनाया जाता है। आज के दिन विशेष और शुभ मुहूर्त में वस्तुओं के खरीदारी की जाती है। अबकी बार यह पर्व दुर्लभ अमृत सिद्धि योग में पड़ रहा है जो पूरे जनमानस के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होगा। इस दिन सोना और बर्तन खरीदने का विशेष महत्व है। धनतेरस कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि 10 नवंबर को दोपहर 11:57 से प्रारंभ हो कर 11 नवंबर को दोपहर 1:15 तक रहेगा। ऐसे में धनतेरस का त्योहार 10 नवंबर दिन शुक्रवार को ही शास्त्र विधान के अनुसार मनाया जाएगा। इस दिन का मुख्य संबंध यमराज की आराधना से है और आयुर्वेद के प्रवर्तक धन्वंतरि की जयंती भी इसी दिन मनाई जाएगी । उन्होंने

कहा कि यम देवता के नाम चौमुखी दीपक भी इसी दिन जलाया जाएगा। शाम के समय दीप जलाकर घर के दरवाजे के बाहर दक्षिण दिशा में रखना चाहिए और यम देवता को नमन करते हुए पूरे परिवार के लिए मंगलकामना करनी चाहिए।
इस दिन महालक्ष्मी जी के विधिवत पूजन के लिए सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त शाम के समय प्रदोष काल में 5:30 से 7:27 बजे के बीच रहेगा।

11 नवंबर को नरक चतुर्दशी के साथ हनुमान जयंती भी

सिद्धार्थनगर। धनतेरस के अगले दिन 11 नवंबर को नरक चतुर्दशी के साथ हनुमान जयंती भी है। नरक चतुर्दशी का खास महत्व रूप और सौंदर्य से जुड़ा है और इस दिन शरीर पर उबटन और सौदर्य प्रसाधन की सामग्री का प्रयोग किया जाता है। इसी दिन हनुमान जयंती का भी शुभ संयोग है और छोटी दीपावली भी मनाई जाएगी। शास्त्रों की मान्यता के अनुसार नरक चतुर्दशी के दिन एक दीपक कूड़े के ढेर के पास जलाए जाने का विधान है।


12 नवंबर को महा पर्व दीपावली
सिद्धार्थनगर। दीपावली का पर्व 12 नवंबर को मनाया जाएगा। मान्यता है कि आज के दिन मां महालक्ष्मी का पृथ्वी पर आगमन होता है। इसलिए इस दिन शाम के समय घर के द्वार खुले रखने चाहिए। शुभ दिन पर लक्ष्मी-गणेश जी के साथ-साथ धन के देवता कुबेर की भी पूजा की जाती


है।




14 नवंबर गोवर्धन पूजा तो 15 को भाईदूज व चित्रगुप्त पूजन
सिद्धार्थनगर। ज्योतिषाचार्य योगेश पांडेय ने बताया कि 14 नवंबर को गोवर्धन पर्वत के साथ भगवान श्रीकृष्ण और गो माता की पूजा करने का विधान है। इस दिन श्री कृष्ण ने देवताओं के राजा इंद्र के अहंकार को तोड़ा था। श्री कृष्ण को विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाए जाने का विधान है। वहीं, भाई दूज 15 नवंबर को है और पुराणों में इसके महत्व का वर्णन मिलता है। इसी दिन कायस्थ समाज के लोग भगवान चित्रगुप्त का पूजन-अर्चन भी करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed