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Siddharthnagar News: श्रीराम के जन्मोत्सव की कथा सुनकर भावविभोर हुए श्रद्धालु
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-टडिया वैष्णो मंदिर में चल रही है श्रीराम कथा
संवाद न्यूज एजेंसी
पकड़ी बाजार। क्षेत्र के टडिया वैष्णो मंदिर में चल रही श्रीराम कथा में बुधवार को कथा वाचक स्वामी स्वरूपानंद ने प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव की कथा सुनाई। प्रभु श्रीराम का जन्म होते ही पूरा पंडाल श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। कथावाचक ने कहा कि राजा दशरथ पुत्र की प्राप्ति के लिए गुरु वशिष्ठ के आश्रम में पहुंचते हैं, और उनसे अपनी सारी बात बताते हैं।
वह श्रृंगी ऋषि को अपने आश्रम में बुलाते हैं, और उनसे सारी बात कहते हैं। मनोरमा नदी के तट पर स्थित मखौड़ा नामक स्थान पर यज्ञ करवाते हैं। उस यज्ञ से अग्नि देवता चारु दिव्य को लेकर प्रकट होते हैं, और चारु दिव्य गुरु वशिष्ठ को देते हैं। राजा दशरथ इस प्रसाद को अपनी तीनों रानियों को खिला देते हैं। उसके बाद उनको पुत्र की प्राप्ति होती है। राम का जन्म होते ही पूरा पंडाल श्रीराम के जयकारों से गूंज उठता है।
इस दौरान मेला समिति के अध्यक्ष मेजर सिंह चौहान, शिवा चौहान, राधिका सिंह चौहान, किशन, मनोज अग्रहरि, सरवन चौहान, शिवम अग्रहरि, रामगोपाल, जटाशंकर आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पकड़ी बाजार। क्षेत्र के टडिया वैष्णो मंदिर में चल रही श्रीराम कथा में बुधवार को कथा वाचक स्वामी स्वरूपानंद ने प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव की कथा सुनाई। प्रभु श्रीराम का जन्म होते ही पूरा पंडाल श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। कथावाचक ने कहा कि राजा दशरथ पुत्र की प्राप्ति के लिए गुरु वशिष्ठ के आश्रम में पहुंचते हैं, और उनसे अपनी सारी बात बताते हैं।
वह श्रृंगी ऋषि को अपने आश्रम में बुलाते हैं, और उनसे सारी बात कहते हैं। मनोरमा नदी के तट पर स्थित मखौड़ा नामक स्थान पर यज्ञ करवाते हैं। उस यज्ञ से अग्नि देवता चारु दिव्य को लेकर प्रकट होते हैं, और चारु दिव्य गुरु वशिष्ठ को देते हैं। राजा दशरथ इस प्रसाद को अपनी तीनों रानियों को खिला देते हैं। उसके बाद उनको पुत्र की प्राप्ति होती है। राम का जन्म होते ही पूरा पंडाल श्रीराम के जयकारों से गूंज उठता है।
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इस दौरान मेला समिति के अध्यक्ष मेजर सिंह चौहान, शिवा चौहान, राधिका सिंह चौहान, किशन, मनोज अग्रहरि, सरवन चौहान, शिवम अग्रहरि, रामगोपाल, जटाशंकर आदि मौजूद रहे।
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