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बुद्ध की अवधारणा से समाप्त हो जाएगा मानवाधिकार का हनन: डॉ. सतीश

Fri, 15 Nov 2019 10:57 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 15 Nov 2019 10:57 PM IST
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darshan parishad sammelan started
सिद्घार्थ विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय अधिवेशन में दीप प्रज्वलित करते मंत्री सतीस द्विवेदी एवं - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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‘बुद्ध की अवधारणा से समाप्त होगा मानवाधिकार का हनन’
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में दर्शन परिषद का दो दिवसीय 35 वां राष्ट्रीय अधिवेशन शुरू
पहले दिन मानवाधिकार विषय पर हुआ व्याख्यान
अमर उजाला ब्यूरो
कपिलवस्तु (सिद्धार्थनगर)। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बौद्ध केंद्र के तत्वावधान में भारतीय अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के दर्शन परिषद का दो दिवसीय 35वां राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन हुआ। बतौर मुख्य अतिथि बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि बुद्ध की अवधारणा से मानवाधिकार का हनन समाप्त हो जाएगा।
व्याख्यान के दौरान डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि इस अधिवेशन में चर्चा के पश्चात जो भी निष्कर्ष निकल कर आएगा, वह निश्चय ही हमारे जीवन में काम आएगा। शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, रोजगार उपलब्ध कराने आदि की चिंता जैसे-जैसे होता गया, वैसे-वैसे मानवाधिकारों का हनन हुआ। वहीं, राज्य की अवधारणा जितनी बढ़ेगी उतनी ही मानवाधिकार का हनन बढ़ेगा। जैसे-जैसे सरकार का दायरा बढ़ता गया, वैसे-वैसे हमारी निजता भंग होती गई।
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बौद्ध दर्शन की अवधारणा को यदि हम सभी अपना लें तो मानवाधिकारों की सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। प्रो. हरिशंकर उपाध्याय ने कहा कि संस्थाओं के पास अनावश्यक धन संग्रह नहीं होना चाहिए, नैतिक शिक्षा को प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा तक लागू किया जाना चाहिए। दर्शन परिषद के अध्यक्ष प्रो. सभाजीत मिश्र ने कहा कि यह नए भारत का उदय हो रहा है। नए भारत में एक समरस समाज की स्थापना होनी चाहिए। एक सामाजिक न्याय की अवधारणा एक केवल राजनीतिक अवधारणा नहीं है बल्कि सामाजिक न्याय की अवधारणा को व्यापक रूप से बनाने की जरूरत है।
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प्रो. लालजी श्रावक ने कहा कि भगवान बुद्ध ने लोगों के दिलों को जीता जिससे लोग उनके अनुयायी हो गए। अधिवेशन की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे ने कहा कि मानवता का मूल ही करुणा है। दूसरे के दुख को देखकर उसके दुख को दूर करने का जो भाव हमारे मन में आता है, वही करुणा है। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध केंद्र के संयोजक प्रो. सुशील तिवारी के संचालन में आयोजित अधिवेशन में संदर्शन स्मारिका का विमोचन हुआ। कार्यक्रम में कुल सचिव राकेश कुमार, वित्त अधिकारी विनोद कुमार, उप कुल सचिव महेंद्र कुमार, डॉ. पूर्णेश नारायण सिंह, डॉ. दिनेश प्रसाद, डॉ. नीतीश दुबे, डॉ. संतोष सिंह, डॉ. जय सिंह यादव आदि मौजूद रहे।
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