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बालगृह में किशोरी की रहस्यमय हाल में मौत
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 09 Dec 2017 10:33 PM IST
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जिलाअस्पताल में रोते बिलखते हर्ष के परिजन।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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डुमरियागंज। भवानीगंज के ग्राम बयारा स्थित बालगृह आश्रम (बालिका) की एक किशोरी की 10 दिन पहले रहस्यमय परिस्थिति में मौत हो गई, लेकिन इसकी न प्राथमिक सूचना दर्ज कराई गई और न ही तत्काल डीपीओ या एसडीएम को सूचित किया गया। बालगृह के पूर्व कर्मचारी ने हत्या कर लाश गायब करने का आरोप लगाते हुए अफसरों को सूचना दी। इसके बाद डीपीओ ने जांच के आदेश दिए गए हैं।
घटना के केंद्र में है 15 वर्षीय हिना खान, जिसे 10 दिसंबर 2015 को देवरिया के बालगृह से यहां स्थानांतरित किया गया था। रिकॉर्ड में उसके पिता का नाम सगीर अहमद दर्ज है लेकिन पता स्पष्ट नहीं है। बालगृह के पूर्व कर्मचारी भगवान सिंह ने जिले के अफसरों से लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर जानकारी दी है कि 30 नवंबर को हिना की हत्या कर लाश गायब कर दी गई। हत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हैं लेकिन उसके साथ कुछ अप्रिय होने का अंदेशा जताया है।
सवाल उठने पर बालगृह के प्रबंधक रामपुजारी ने सफाई दी कि 30 नवंबर को हिना की तबीयत खराब हुई थी। उसे इलाज के लिए फौरन बेंवा सीएचसी ले गए। वहां से रेफर करने पर बस्ती जिला अस्पताल ले गए और मौत होने पर डीपीओ को सूचना देने के साथ गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम कराया। हिना के घर वालों का पता न होने के कारण सामाजिक संस्था अंजुमन की मदद से दफन करा दिया गया।
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जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश चंद्र का कहना है कि बालगृह प्रबंधक ने घटना के दिन कोई सूचना नहीं दी। किशोरी की मौत के नौ दिन बाद शुक्रवार को बाहरी आदमी से जानकारी मिली। यही कहना भवानीगंज थाने के एसओ प्रदीप कुमार सिंह का है। उनका कहना है कि पता चलने पर डीपीओ और एसडीएम को सूचना दी, जिन्होंने जांच के आदेश दिए हैं।
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घटना के केंद्र में है 15 वर्षीय हिना खान, जिसे 10 दिसंबर 2015 को देवरिया के बालगृह से यहां स्थानांतरित किया गया था। रिकॉर्ड में उसके पिता का नाम सगीर अहमद दर्ज है लेकिन पता स्पष्ट नहीं है। बालगृह के पूर्व कर्मचारी भगवान सिंह ने जिले के अफसरों से लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर जानकारी दी है कि 30 नवंबर को हिना की हत्या कर लाश गायब कर दी गई। हत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हैं लेकिन उसके साथ कुछ अप्रिय होने का अंदेशा जताया है।
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सवाल उठने पर बालगृह के प्रबंधक रामपुजारी ने सफाई दी कि 30 नवंबर को हिना की तबीयत खराब हुई थी। उसे इलाज के लिए फौरन बेंवा सीएचसी ले गए। वहां से रेफर करने पर बस्ती जिला अस्पताल ले गए और मौत होने पर डीपीओ को सूचना देने के साथ गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम कराया। हिना के घर वालों का पता न होने के कारण सामाजिक संस्था अंजुमन की मदद से दफन करा दिया गया।
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जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश चंद्र का कहना है कि बालगृह प्रबंधक ने घटना के दिन कोई सूचना नहीं दी। किशोरी की मौत के नौ दिन बाद शुक्रवार को बाहरी आदमी से जानकारी मिली। यही कहना भवानीगंज थाने के एसओ प्रदीप कुमार सिंह का है। उनका कहना है कि पता चलने पर डीपीओ और एसडीएम को सूचना दी, जिन्होंने जांच के आदेश दिए हैं।