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नेपाल के युवक की सऊदी में मौत
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 20 Jan 2016 11:54 PM IST
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रोजगार की तलाश में छह माह पहले सऊदी गए युवक की वहां मौत हो गई है। घटना बीते गुरुवार रात की है। इस खबर के बाद से ही परिजन सदमे में हैं।
माता-पिता और पत्नी का बुरा हाल है। बेटे का शव अब वहीं दफनाने की तैयारी में हैं। मामला भारतीय सीमा से लगे कपिलवस्तु जिले के पकड़ी थाना अंतर्गत बरही गांव का है।
फिलहाल नेपाल प्रशासन ने कोई कार्रवाई शुरू नहीं की है।पकड़ी थाना क्षेत्र के बरही गांव निवासी 35 वर्षीय मोहम्मद इजहार काठमांडू की एक संस्था के माध्यम से सऊदी गया था।
मक्का के पास वह ड्राइवर का काम करता था। गुरुवार रात वह तय स्थान पर गाड़ी खड़ी कर आवास की ओर लौट रहा था। इस बीच कुछ लोगों से विवाद के बाद उसकी मौत हो गई।
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मक्का में ही रह रहे यहां के धनकौली (बरही से सटा गांव) निवासी हलीम ने इसकी सूचना सऊदी में ही रह रहे इजहार के बड़े भाई हजरत बिलाल को दी।
उसके माध्यम से जानकारी घरवालों को हुई, तब से परिजन शोक में डूबे हुए हैं। इजहार की पत्नी सजरुन्निशा का रो-रोकर बुरा हाल हैं।
मां सफरुन्निशा व पिता अब्दुल हई भी बेटे की मौत से सदमे में हैं। इजहार के परिवार में पत्नी और माता-पिता के अलावा तीन बच्चे क्रमश: 6 वर्षीय तबस्सुम, 3 वर्षीय हसीना और 2 वर्षीय पुत्र इसराइल है।
शव लाने की गुहार लेकर परिजन कपिलवस्तु जिला प्रशासन से भी मिल चुके हैं। इस संबंध में कपिलवस्तु के सीडीओ अब्दुल कलाम खां ने बताया कि परिजनों ने मुलाकात की थी।
उन्हें शव लाने की लंबी प्रक्रिया के बारे में समझाया गया है। सलाह दी गई है कि मक्का पवित्र स्थल है। लिहाजा शव वहीं दफनाना बेहतर रहेगा। वह इस पर राजी भी थे। इसके बावजूद अगर परिजन कहेंगे तो शव मंगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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माता-पिता और पत्नी का बुरा हाल है। बेटे का शव अब वहीं दफनाने की तैयारी में हैं। मामला भारतीय सीमा से लगे कपिलवस्तु जिले के पकड़ी थाना अंतर्गत बरही गांव का है।
फिलहाल नेपाल प्रशासन ने कोई कार्रवाई शुरू नहीं की है।पकड़ी थाना क्षेत्र के बरही गांव निवासी 35 वर्षीय मोहम्मद इजहार काठमांडू की एक संस्था के माध्यम से सऊदी गया था।
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मक्का के पास वह ड्राइवर का काम करता था। गुरुवार रात वह तय स्थान पर गाड़ी खड़ी कर आवास की ओर लौट रहा था। इस बीच कुछ लोगों से विवाद के बाद उसकी मौत हो गई।
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मक्का में ही रह रहे यहां के धनकौली (बरही से सटा गांव) निवासी हलीम ने इसकी सूचना सऊदी में ही रह रहे इजहार के बड़े भाई हजरत बिलाल को दी।
उसके माध्यम से जानकारी घरवालों को हुई, तब से परिजन शोक में डूबे हुए हैं। इजहार की पत्नी सजरुन्निशा का रो-रोकर बुरा हाल हैं।
मां सफरुन्निशा व पिता अब्दुल हई भी बेटे की मौत से सदमे में हैं। इजहार के परिवार में पत्नी और माता-पिता के अलावा तीन बच्चे क्रमश: 6 वर्षीय तबस्सुम, 3 वर्षीय हसीना और 2 वर्षीय पुत्र इसराइल है।
शव लाने की गुहार लेकर परिजन कपिलवस्तु जिला प्रशासन से भी मिल चुके हैं। इस संबंध में कपिलवस्तु के सीडीओ अब्दुल कलाम खां ने बताया कि परिजनों ने मुलाकात की थी।
उन्हें शव लाने की लंबी प्रक्रिया के बारे में समझाया गया है। सलाह दी गई है कि मक्का पवित्र स्थल है। लिहाजा शव वहीं दफनाना बेहतर रहेगा। वह इस पर राजी भी थे। इसके बावजूद अगर परिजन कहेंगे तो शव मंगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।