{"_id":"5aef362d4f1c1b84098b8905","slug":"mortality-of-brother-sister-dies-in-channel","type":"story","status":"publish","title_hn":"चैनल में उतरा करंट, भाई-बहन की मौत ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चैनल में उतरा करंट, भाई-बहन की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 06 May 2018 10:36 PM IST
विज्ञापन
कोड़रा गांव निवासी किशोर की मौत पर रोते-बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिस्कोहर। बारात जाने से एक दिन पहले शनिवार की रात त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के बुड्ढी खास गांव के एक परिवार में मातम छा गया। जरनेटर से घर में लगे लोहे के चैनल मेें करंट उतर गया। लिहाजा सगे भाई-बहन करंट की चपेट में आ गए और दोनों मासूम की मौत हो गई। बचाने के लिए पहुंची मां भी करंट के झटके से जख्मी हो गई। परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए ही शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। जबकि रविवार की सुबह घर से बारात जानी थी।
क्षेत्र के बुड्ढी खास गांव निवासी मंजूर अहमद के चचेरे भाई रिजवान का रविवार को निकाह होना था। बारात बलरामपुर जिले मेें जानी थी। शनिवार को घर में रिश्तेदार जुटे थे। घर में रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था के लिए जरनेटर का इंतजाम किया गया था। जरनेटर के जिस तार से घर में बिजली की सप्लाई की गई थी, वह घर के मुख्य के गेट पर लगे लोहे के चैनल के पास कहीं कटा हुआ था, जिससे गेट में करंट उतर रहा था। इसी बीच मंजूर अहमद की 11 वर्षीय बेटी मरियम खेलते हुए लोहे के चैनल को पकड़ ली और उसी में चिपक गई। तभी पीछे दौड़ता हुआ मंजूर अहमद का 6 वर्षीय पुत्र अरबाज दीदी-दीदी कहते मरियम को पकड़ा लिया। इससे वह भी करंट की चपेट में आ गया और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के दौरान ही मरियम की मां दोनों को बचाने गई। जिससे वह भी करंट की चपेट में आकर घायल हो गई। हादसा होने के बाद घर में खुशी की जगह मातम सा छा गया। परिवार के लोगों ने पुलिस को बगैर सूचना दिए दोनों शवों को दफना दिया।
विज्ञापन
क्षेत्र के बुड्ढी खास गांव निवासी मंजूर अहमद के चचेरे भाई रिजवान का रविवार को निकाह होना था। बारात बलरामपुर जिले मेें जानी थी। शनिवार को घर में रिश्तेदार जुटे थे। घर में रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था के लिए जरनेटर का इंतजाम किया गया था। जरनेटर के जिस तार से घर में बिजली की सप्लाई की गई थी, वह घर के मुख्य के गेट पर लगे लोहे के चैनल के पास कहीं कटा हुआ था, जिससे गेट में करंट उतर रहा था। इसी बीच मंजूर अहमद की 11 वर्षीय बेटी मरियम खेलते हुए लोहे के चैनल को पकड़ ली और उसी में चिपक गई। तभी पीछे दौड़ता हुआ मंजूर अहमद का 6 वर्षीय पुत्र अरबाज दीदी-दीदी कहते मरियम को पकड़ा लिया। इससे वह भी करंट की चपेट में आ गया और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के दौरान ही मरियम की मां दोनों को बचाने गई। जिससे वह भी करंट की चपेट में आकर घायल हो गई। हादसा होने के बाद घर में खुशी की जगह मातम सा छा गया। परिवार के लोगों ने पुलिस को बगैर सूचना दिए दोनों शवों को दफना दिया।
विज्ञापन