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संदिग्ध हाल में झुलसी किशोरी की मौत
Updated Sun, 10 Jun 2018 12:05 AM IST
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डुमरियागंज थानाक्षेत्र के जखौली गांव में किशोरी की मौत के बाद जुटे लोग ।
- फोटो : अमर उजाला
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डुमरियागंज। चार साल पहले जिस तरह से मां की झुलसने से मौत हुई थी, उसी तरह शनिवार सुबह नाबालिग बेटी की भी मौत हो गई। पिता ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में ले लिया।
डुमरियागंज थानाक्षेत्र के जखौली गांव निवासी मनोज कुमार उर्फ सुड्डू की 16 साल की बेटी साक्षी उर्फ रिम्पी प्रतिदिन की तरह शुक्रवार रात अपनी छोटी बहन मधु के साथ खा पीकर कमरे में सोई थी। मनोज शनिवार अलसुबह चार बजे खेत में गया था। वहां से करीब 8 बजे लौटने पर छोटी बेटी ने बताया साक्षी घर में नहीं दिख रही है। इस पिता ने कमरे में देखने को कहा। कमरा भीतर से बंद होने पर पिता ने छोटी बेटी से खिड़की से भीतर देखने को कहा। अंदर देखने पर मधु चीखने लगी। अंदर साक्षी की जली हुई लाश पड़ी थी। इसके बाद मनोज ने मोहल्ले के लोगों के साथ ही सूचना थाने पर दी।
मौके पर सीओ महेंद्र देव सिंह, इंस्पेक्टर आरबी सिंह पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सूत्रों के मुताबिक चार साल पहले भी इस तरह की घटना हुई थी। घटना घर के इसी कमरे में हुई थी। इसमें साक्षी की मां मीरा की भी संदिग्ध हाल में झुलसने से मौत हुई थी। उस दौरान भी शव का पोस्टमार्टम करवाया गया था। लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। चार साल बाद फिर उसी तरह बेटी की मौत ने ग्रामीणों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। डुमरियागंज इंस्पेक्टर आरबी सिंह ने बताया कि मृतका के पिता ने बेटी के आत्महत्या करने की बात की सूचना दी थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि हत्या है या आत्महत्या। रिपोर्ट के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
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डुमरियागंज थानाक्षेत्र के जखौली गांव निवासी मनोज कुमार उर्फ सुड्डू की 16 साल की बेटी साक्षी उर्फ रिम्पी प्रतिदिन की तरह शुक्रवार रात अपनी छोटी बहन मधु के साथ खा पीकर कमरे में सोई थी। मनोज शनिवार अलसुबह चार बजे खेत में गया था। वहां से करीब 8 बजे लौटने पर छोटी बेटी ने बताया साक्षी घर में नहीं दिख रही है। इस पिता ने कमरे में देखने को कहा। कमरा भीतर से बंद होने पर पिता ने छोटी बेटी से खिड़की से भीतर देखने को कहा। अंदर देखने पर मधु चीखने लगी। अंदर साक्षी की जली हुई लाश पड़ी थी। इसके बाद मनोज ने मोहल्ले के लोगों के साथ ही सूचना थाने पर दी।
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मौके पर सीओ महेंद्र देव सिंह, इंस्पेक्टर आरबी सिंह पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सूत्रों के मुताबिक चार साल पहले भी इस तरह की घटना हुई थी। घटना घर के इसी कमरे में हुई थी। इसमें साक्षी की मां मीरा की भी संदिग्ध हाल में झुलसने से मौत हुई थी। उस दौरान भी शव का पोस्टमार्टम करवाया गया था। लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। चार साल बाद फिर उसी तरह बेटी की मौत ने ग्रामीणों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। डुमरियागंज इंस्पेक्टर आरबी सिंह ने बताया कि मृतका के पिता ने बेटी के आत्महत्या करने की बात की सूचना दी थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि हत्या है या आत्महत्या। रिपोर्ट के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
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