{"_id":"5bcdfff7bdec226966335715","slug":"11540227063-siddharthnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘बेटी जलाकर मार दी गई, थानेदार साहब पांच दिन बाद दर्ज करेंगे केस’","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
‘बेटी जलाकर मार दी गई, थानेदार साहब पांच दिन बाद दर्ज करेंगे केस’
siddharthnagar
Updated Mon, 22 Oct 2018 10:21 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। ससुराल वालों ने बेटी को जलाकर मार दिया, लेकिन थानेदार साहब पांच दिन बाद केस दर्ज करेंगे। उन्होंने पांच दिन बाद आने को कहा है। बेटी की मौत से उसके तीन बच्चे बेसहारा हो गए हैं। मैं उन्हें लेकर न्याय के लिए दर-दर भटक रहा हूं। सीओ साहब! बड़ी आस लेकर आपके द्वार आया हूं। अब आप ही इंसाफ करें। यह गुहार जोगिया कोतवाली क्षेत्र के सिसवा बुजुर्ग निवासी रामप्रकाश की है, जिनकी बेटी अब इस दुनिया में नहीं है।
रामप्रकाश ने बताया कि उन्होंने 10 साल पूर्व अपनी बेटी सबिता की शादी गोल्हौरा थाना क्षेत्र के मझवन गांव के टोला जिगिनिहवा निवासी मनिकचंद से की थी। कुछ सालों तक सब ठीक रहा। दामाद को एंबुलेंस सहायक की सरकारी नौकरी भी मिल गई। दो बेटी और एक बेटे के जन्म तक दोनों के संबंध मधुर रहे, लेकिन पिछले तीन साल से उनके रिश्ते खराब होने लगे। इसके बाद ससुराल वाले उनकी बेटी को प्रताड़ित करने लगे और 19 अक्तूबर को दामाद ने उनके बेटी के ऊपर मिट्टी का तेल डालकर उसे जला दिया। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां ले जाते समय रास्ते में सबिता की मौत हो गई। रामप्रकाश ने बताया कि उनकी बेटी पांच महीने की गर्भवती थी। अब उसके तीनों बच्चे महिमा (8), मोहिनी (6) और स्वागत (2) बेसहारा हो गए हैं। रो-रोकर उनका बुरा हाल है, लेकिन उन्हें देख गोल्हौरा थाने के एसओ साहब का दिल नहीं पसीजता। वह केस भी दर्ज नहीं कर रहे। उन्होंने पांच दिन बाद आने पर केस दर्ज करने को कहा है।
रामप्रकाश ने बताया कि दामाद मनिकचंद इस समय गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। वह झुलस गया है, लेकिन ऐसा पत्नी को बचाने की कोशिश में नहीं हुआ है। दरअसल, जब उसने सबिता के शरीर में आग लगाई तो उसने पति को पकड़ लिया था, जिससे वह झुलस गया। उन्होंने बताया की बेटी की मौत की खबर सुनकर वह बेसुध हो गए थे। 20 अक्तूबर को बेटी का पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद 21 अक्तूबर को वह केस दर्ज कराने गए, लेकिन एसओ ने पांच दिन बाद आने को कहा। सीओ इटवा श्रीयश त्रिपाठी ने कहा कि मामला गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
रामप्रकाश ने बताया कि उन्होंने 10 साल पूर्व अपनी बेटी सबिता की शादी गोल्हौरा थाना क्षेत्र के मझवन गांव के टोला जिगिनिहवा निवासी मनिकचंद से की थी। कुछ सालों तक सब ठीक रहा। दामाद को एंबुलेंस सहायक की सरकारी नौकरी भी मिल गई। दो बेटी और एक बेटे के जन्म तक दोनों के संबंध मधुर रहे, लेकिन पिछले तीन साल से उनके रिश्ते खराब होने लगे। इसके बाद ससुराल वाले उनकी बेटी को प्रताड़ित करने लगे और 19 अक्तूबर को दामाद ने उनके बेटी के ऊपर मिट्टी का तेल डालकर उसे जला दिया। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां ले जाते समय रास्ते में सबिता की मौत हो गई। रामप्रकाश ने बताया कि उनकी बेटी पांच महीने की गर्भवती थी। अब उसके तीनों बच्चे महिमा (8), मोहिनी (6) और स्वागत (2) बेसहारा हो गए हैं। रो-रोकर उनका बुरा हाल है, लेकिन उन्हें देख गोल्हौरा थाने के एसओ साहब का दिल नहीं पसीजता। वह केस भी दर्ज नहीं कर रहे। उन्होंने पांच दिन बाद आने पर केस दर्ज करने को कहा है।
विज्ञापन
रामप्रकाश ने बताया कि दामाद मनिकचंद इस समय गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। वह झुलस गया है, लेकिन ऐसा पत्नी को बचाने की कोशिश में नहीं हुआ है। दरअसल, जब उसने सबिता के शरीर में आग लगाई तो उसने पति को पकड़ लिया था, जिससे वह झुलस गया। उन्होंने बताया की बेटी की मौत की खबर सुनकर वह बेसुध हो गए थे। 20 अक्तूबर को बेटी का पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद 21 अक्तूबर को वह केस दर्ज कराने गए, लेकिन एसओ ने पांच दिन बाद आने को कहा। सीओ इटवा श्रीयश त्रिपाठी ने कहा कि मामला गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन