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‘इच्छा मृत्यु’ प्रकरण : हरकत में आई पुलिस, चार पर केस दर्ज
siddharthnagar
Updated Wed, 22 Aug 2018 10:57 PM IST
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सिद्धार्थनगर। छेड़खानी के खिलाफ शिकायत करने वाली युवती को लगभग ढाई महीने तक टरकाने और धमकी देने में जुटी पुलिस अखबार में खबर छपने के बाद हरकत में आ गई है। इस मामले में चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस छानबीन में जुट गई है।
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इटवा थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती से 19 जून को एक युवक ने घर में घुसकर छेड़खानी की थी। विरोध करने पर उसने युवती की मां और बहन की पिटाई भी की थी। युवती ने पुलिस से इसकी शिकायत की, लेकिन जिले के एक विधायक के दबाव में पुलिस कार्रवाई करने की जगह युवती को धमकी देने लगी। उसे फर्जी मुकदमे में फंसाने तक की बात कही गई। इससे आहत युवती ने 20 अगस्त को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर सपरिवार इच्छा मृत्यु की मांग की। अमर उजाला ने 22 अगस्त के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और चार लोगों के खिलाफ छेड़खानी और मारपीट का केस दर्ज कर लिया। एसओ इटवा अखिलानंद उपाध्याय ने बताया कि गांव के झिंकू, मेघू, मिनकू व दिनेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
डर से छोड़ दी बीएससी की पढ़ाई
छेड़छाड़ की शिकार युवती बीएससी की छात्रा है। उसने डर से इस साल बीएससी थर्ड ईयर में एडमिशन नहीं लिया। युवती ने कहा कि पिछले ढाई महीने से वह जिल्लत की जिंदगी जी रही है। पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय विधायक के दबाव में केवल धमकी देती रही है। पुलिस की शह पर आरोपी भी धमकाते रहे हैं। युवती ने बताया कि वह तहसील दिवस में पांच बार शिकायत कर चुकी हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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एसपी से डिप्टी सीएम तक लगाई थी गुहार
=19 जून : छात्रा के साथ छेड़खानी की गई, पुलिस ने विधायक व एसपी के दबाव में केवल एनसीआर दर्ज कर मामले को निपटा दिया।
=19 जुलाई : लखनऊ में डीजीपी से मिलकर युवती ने लगाई न्याय की गुहार
=20 जुलाई : पीड़िता ने एसपी से मिलकर सुनवाई आपबीती
=23 जुलाई : लखनऊ में उप मुख्यमंत्री केशव मौर्या से मिलकर की शिकायत, जांच के लिए पत्र आया पर नहीं हुई कार्रवाई।
=6 अगस्त : एसपी कार्यालय में विधायक व गांव के प्रधान के सामने पुलिस अधीक्षक ने लगाई फटकार, दी धमकी।
=7 अगस्त : तहसील दिवस में शिकायत की, तहसील प्रभारी ने आवेदन लेने से किया इनकार।
=8 अगस्त : एएसपी व सीओ की मौजूदगी में महिला आरक्षी ने युवती का बयान लिया। इसके बाद भी केस दर्ज नहीं किया गया।
=20 अगस्त : राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर सपरिवार इच्छा मृत्यु की मांग की।