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दीवार पर लिखवाना होगा खर्च का ब्यौरा
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दीवार पर लिखवाना होगा खर्च का ब्योरा
अब स्कूलों को मिली राशि में हेराफेरी पर अंकुश की कवायद
संवाद न्यूज ब्यूरो
डुमरियागंज। परिषदीय विद्यालयों में कंपोजिट ग्रांट के तहत क्या कार्य कराए गए इसका ब्योरा अब विद्यालय की दीवारों पर अंकित कराया जाएगा। शिक्षा विभाग ने यह व्यवस्था इसलिए की है ताकि पारदर्शिता के साथ लोगों को भी यह जानकारी रहे कि विद्यालयों पर कंपोजिट ग्रांट के धन को किन मदों में और किस तरह खर्च किया गया।
डुमरियागंज ब्लॉक क्षेत्र में 254 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में 32,460 बच्चे अध्ययनरत हैं। सभी परिषदीय स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को अपने यहां आई कंपोजिट ग्रांट का विवरण देना है। इसके लिए स्कूल की वह दीवार चुनी जाएगी जो सबसे पहले दिखती हो। उस पर 1.8 मीटर ऊंची और 1.5 मीटर चौड़ाई के क्षेत्रफल में पेंटिंग कराई जाएगी। उस स्थान को पुट्टी से समतल कराना होगा। उसके बाद दो कोट में पीले रंग से पुताई करानी होगी, फिर लाल रंग से किनारा बनाकर काले रंग से खर्च का विवरण अंकित करना होगा। यह कार्य सभी स्कूलों में हर हाल में 25 दिसंबर तक पूरा करा लेने का निर्देश राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद की ओर से दिया गया है। इस बाबत बीएसए राजेंद्र सिंह ने बताया कि परिषदीय स्कूलों में हुए विकास कार्य का विवरण स्कूल की दीवार पर लिखवाना होगा। यदि किसी विद्यालय में धनराशि का प्रयोग नहीं किया है तो भी बताना होगा कि इस रकम का प्रयोग नहीं हुआ है। विद्यालय समिति के साथ ही आसपास के लोग भी इस कार्य को देखेंगे, इससे पारदर्शिता बनी रहेगी।
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अब स्कूलों को मिली राशि में हेराफेरी पर अंकुश की कवायद
संवाद न्यूज ब्यूरो
डुमरियागंज। परिषदीय विद्यालयों में कंपोजिट ग्रांट के तहत क्या कार्य कराए गए इसका ब्योरा अब विद्यालय की दीवारों पर अंकित कराया जाएगा। शिक्षा विभाग ने यह व्यवस्था इसलिए की है ताकि पारदर्शिता के साथ लोगों को भी यह जानकारी रहे कि विद्यालयों पर कंपोजिट ग्रांट के धन को किन मदों में और किस तरह खर्च किया गया।
डुमरियागंज ब्लॉक क्षेत्र में 254 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में 32,460 बच्चे अध्ययनरत हैं। सभी परिषदीय स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को अपने यहां आई कंपोजिट ग्रांट का विवरण देना है। इसके लिए स्कूल की वह दीवार चुनी जाएगी जो सबसे पहले दिखती हो। उस पर 1.8 मीटर ऊंची और 1.5 मीटर चौड़ाई के क्षेत्रफल में पेंटिंग कराई जाएगी। उस स्थान को पुट्टी से समतल कराना होगा। उसके बाद दो कोट में पीले रंग से पुताई करानी होगी, फिर लाल रंग से किनारा बनाकर काले रंग से खर्च का विवरण अंकित करना होगा। यह कार्य सभी स्कूलों में हर हाल में 25 दिसंबर तक पूरा करा लेने का निर्देश राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद की ओर से दिया गया है। इस बाबत बीएसए राजेंद्र सिंह ने बताया कि परिषदीय स्कूलों में हुए विकास कार्य का विवरण स्कूल की दीवार पर लिखवाना होगा। यदि किसी विद्यालय में धनराशि का प्रयोग नहीं किया है तो भी बताना होगा कि इस रकम का प्रयोग नहीं हुआ है। विद्यालय समिति के साथ ही आसपास के लोग भी इस कार्य को देखेंगे, इससे पारदर्शिता बनी रहेगी।
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