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उधार के कंपाउंडर से चल रहा अस्पताल
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 26 Jun 2016 10:15 PM IST
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अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बल्लीजोत का भवन बदहाल पड़ा है।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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इटवा। सरकारी चिकित्सा सेवा की बेहतरी के दावों की पोल खोलती एक और नजीर है खुनियांव ब्लाक। यहां का बल्लीजोत स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उधार के फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है। स्टाफ की कमी इस कदर है कि सप्ताह में सिर्फ तीन दिन ही अस्पताल का ताला खुल पाता है। स्वास्थ्य सेवा की इस बदहाली से क्षेत्रीय लोगों को दवा-उपचार के लिए अन्यत्र भटकना पड़ रहा है।
बल्लीजोत गांव में करीब 12 वर्ष पूर्व अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण की शुरुआत हुई। ग्रामीणों को उम्मीद जगी कि गांव के पास ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेगी। उन्हें इटवा, बांसी या जिला मुख्यालय नहीं जाना होगा। मगर ग्रामीणों की उम्मीदों पर व्यवस्था ने पानी फेर दिया है। पहले तो पांच साल तक भवन बनाने में गुजर गए।
जैसे-तैसे भवन बनकर स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित हुआ तो स्टाफ का टोटा बना हुआ है। यहां आज तक एक चिकित्सक की नियुक्ति भी नहीं हो सकी है। वर्तमान में अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पचमोहनी के कर्मचारियो के सहारे अस्पताल चल रहा है।
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यहां तैनात कंपाउंडर व वार्ड ब्वाय सप्ताह में तीन दिन बल्लीजोत आकर अस्पताल खोलते हैं। चिकित्सक के न होने के कारण तीन दिन खुलने वाला यह अस्पताल सुविधाएं देने मे असमर्थ बना हुआ है। इस संबंध में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुनियांव के प्रभारी चिकित्सक एम.डब्लू खान का कहना है कि कर्मचारियों की कमी को लेकर उच्च अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया है। फिलहाल जो व्यवस्था है, उसी से बेहतर सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है।
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बल्लीजोत गांव में करीब 12 वर्ष पूर्व अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण की शुरुआत हुई। ग्रामीणों को उम्मीद जगी कि गांव के पास ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेगी। उन्हें इटवा, बांसी या जिला मुख्यालय नहीं जाना होगा। मगर ग्रामीणों की उम्मीदों पर व्यवस्था ने पानी फेर दिया है। पहले तो पांच साल तक भवन बनाने में गुजर गए।
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जैसे-तैसे भवन बनकर स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित हुआ तो स्टाफ का टोटा बना हुआ है। यहां आज तक एक चिकित्सक की नियुक्ति भी नहीं हो सकी है। वर्तमान में अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पचमोहनी के कर्मचारियो के सहारे अस्पताल चल रहा है।
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यहां तैनात कंपाउंडर व वार्ड ब्वाय सप्ताह में तीन दिन बल्लीजोत आकर अस्पताल खोलते हैं। चिकित्सक के न होने के कारण तीन दिन खुलने वाला यह अस्पताल सुविधाएं देने मे असमर्थ बना हुआ है। इस संबंध में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुनियांव के प्रभारी चिकित्सक एम.डब्लू खान का कहना है कि कर्मचारियों की कमी को लेकर उच्च अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया है। फिलहाल जो व्यवस्था है, उसी से बेहतर सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है।