{"_id":"5f8098a28ebc3e9bfc4f6dce","slug":"cmplaint-to-dm-in-fraud-of-payment-siddharthnagar-news-gkp368735577","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी भुगतान की डीएम से शिकायत की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी भुगतान की डीएम से शिकायत की
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्जी भुगतान की डीएम से शिकायत की
सिद्धार्थनगर। विकास खंड खुनियांव की ग्रामसभा सिहुनिया में विकास के नाम पर फर्जी तरीके से 20 लाख रुपये का भुगतान कर बंदरबांट किए जाने की जिलाधिकारी से शिकायत हुई है। डीएम ने सीडीओ को जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
ग्राम सिहुनिया निवासी अब्दुल कलाम, जियाउल हक, राम अनुज की ओर से नोटरी शपथ पत्र के साथ जिलाधिकारी को शिकायती पत्र दिया है। आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान ने ग्राम निधि-छह में 3,30,000 रुपये अपने भाई के नाम चेक काटकर भुगतान कर लिया। ग्राम पंचायत सचिव के फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके अलावा सड़क, नाली निर्माण, हैंडपंप, शौचालय, मिट्टी पटाई आदि के कार्यों पर फर्जी तरीके से 16 लाख 70 हजार रुपये बंदरबांट कर ली गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत में एक बार भी खुली बैठक नहीं की गई और किसी सदस्य को नहीं बुलाया गया। सभी ने जांच कराकर दोषी पर कार्रवाई का अनुुरोध किया है। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि मामले की जांच कराने के लिए मुख्य विकास अधिकारी को पत्र लिखा गया है।
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। विकास खंड खुनियांव की ग्रामसभा सिहुनिया में विकास के नाम पर फर्जी तरीके से 20 लाख रुपये का भुगतान कर बंदरबांट किए जाने की जिलाधिकारी से शिकायत हुई है। डीएम ने सीडीओ को जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
ग्राम सिहुनिया निवासी अब्दुल कलाम, जियाउल हक, राम अनुज की ओर से नोटरी शपथ पत्र के साथ जिलाधिकारी को शिकायती पत्र दिया है। आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान ने ग्राम निधि-छह में 3,30,000 रुपये अपने भाई के नाम चेक काटकर भुगतान कर लिया। ग्राम पंचायत सचिव के फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके अलावा सड़क, नाली निर्माण, हैंडपंप, शौचालय, मिट्टी पटाई आदि के कार्यों पर फर्जी तरीके से 16 लाख 70 हजार रुपये बंदरबांट कर ली गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत में एक बार भी खुली बैठक नहीं की गई और किसी सदस्य को नहीं बुलाया गया। सभी ने जांच कराकर दोषी पर कार्रवाई का अनुुरोध किया है। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि मामले की जांच कराने के लिए मुख्य विकास अधिकारी को पत्र लिखा गया है।
विज्ञापन