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घर-घर पाइप से पहुंचेगा स्वच्छ पानी
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 11 May 2017 10:55 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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सिद्धार्थनगर। विश्व बैंक के सहयोग से संचालित नीर निर्मल योजना के तहत गुरुवार को जिला परियोजना प्रबंधन की बैठक हुई। विकास भवन के अंबेडकर सभागार में आयोजित बैठक में प्रधानों, ग्राम पंचायत व विकास अधिकारियों सेे हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की योजना को सफल बनाने का आह्वान किया गया।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे सीडीओ अनिल कुमार मिश्र ने बताया कि विश्व बैंक, भारत सरकार व प्रदेश सरकार की संयुक्त रूप से वित्त पोषित इस योजना की अवधि मार्च 2019 तक है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले सभी लोगों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराया जाना शासन का निर्देश है। नीर निर्मल योजना के अंतर्गत 100 घरों की आबादी वाले घरों में पाइप पेयजल आपूर्ति के अंतर्गत शत-प्रतिशत घरों में पाइप कनेक्शन दिए जाएंगे। पेयजल एवं स्वच्छता एकीकरण के अंतर्गत अधिकतम स्वास्थ्य लाभ के लिए पेयजल व स्वच्छता जरूरी है। प्रत्येक गांव के लिए समेकित जल सुरक्षा व पर्यावरणीय स्वच्छता की कार्य योजना तैयार की जाए। पूरे जिले के लिए एक समान नीति व संस्थागत व्यवस्था प्रदान की जाएगी।
डीडीओ सुदामा प्रसाद ने बताया कि पेयजल जांच के लिए सभी ग्राम पंचायतों में फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) व एचटूएस वायल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके उपयोग के लिए 3 सदस्यों को प्रशिक्षित किया जाएगा। ग्राम पंचायत पेयजल व स्वच्छता समिति को सभी पेयजल स्रोतों की जांच करवाना अपेक्षित है। परियोजना प्रबंधक विपिन कुमार चौबे ने बताया कि समाज के विकास के लिए धन की आवश्यकता पड़ती है। इस बार स्वच्छ पेयजल घर-घर पहुंचाने का कार्य होगा। बैठक में जल निगम के एक्सईएन पवन कुमार यादव, दीपचंद्र त्रिपाठी, उमेश चौरसिया, विनय राय, सामुदायिक व संप्रेषण विकास सलाहकार भूपेश दुबे आदि मौजूद रहे।
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बैठक की अध्यक्षता कर रहे सीडीओ अनिल कुमार मिश्र ने बताया कि विश्व बैंक, भारत सरकार व प्रदेश सरकार की संयुक्त रूप से वित्त पोषित इस योजना की अवधि मार्च 2019 तक है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले सभी लोगों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराया जाना शासन का निर्देश है। नीर निर्मल योजना के अंतर्गत 100 घरों की आबादी वाले घरों में पाइप पेयजल आपूर्ति के अंतर्गत शत-प्रतिशत घरों में पाइप कनेक्शन दिए जाएंगे। पेयजल एवं स्वच्छता एकीकरण के अंतर्गत अधिकतम स्वास्थ्य लाभ के लिए पेयजल व स्वच्छता जरूरी है। प्रत्येक गांव के लिए समेकित जल सुरक्षा व पर्यावरणीय स्वच्छता की कार्य योजना तैयार की जाए। पूरे जिले के लिए एक समान नीति व संस्थागत व्यवस्था प्रदान की जाएगी।
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डीडीओ सुदामा प्रसाद ने बताया कि पेयजल जांच के लिए सभी ग्राम पंचायतों में फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) व एचटूएस वायल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके उपयोग के लिए 3 सदस्यों को प्रशिक्षित किया जाएगा। ग्राम पंचायत पेयजल व स्वच्छता समिति को सभी पेयजल स्रोतों की जांच करवाना अपेक्षित है। परियोजना प्रबंधक विपिन कुमार चौबे ने बताया कि समाज के विकास के लिए धन की आवश्यकता पड़ती है। इस बार स्वच्छ पेयजल घर-घर पहुंचाने का कार्य होगा। बैठक में जल निगम के एक्सईएन पवन कुमार यादव, दीपचंद्र त्रिपाठी, उमेश चौरसिया, विनय राय, सामुदायिक व संप्रेषण विकास सलाहकार भूपेश दुबे आदि मौजूद रहे।
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