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Siddharthnagar News: मौत का स्पाट बना चूटी पुलिया... जा रही जान

Sat, 08 Jun 2024 04:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sat, 08 Jun 2024 04:54 AM IST
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Chuti Puliya becomes a spot of death... lives are being lost
दो दिन में दो हादसे, दो की चली गई जान
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सिद्धार्थनगर और संत कबीरनगर के बॉर्डर पर स्थित है पुलिया

सड़क चौड़ीकरण किया लेकिन ना पुल चौड़ा किया ना बनाया डिवाइडर

दोनों तरफ मोड होने से टकरा जाते हैं या खाई में चले जाते हैं वाहन

संवाद न्यूज एजेंसी

खेसरहा। बांसी-बेलौहा मार्ग पर सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर बाॅर्डर पर स्थित चूटी पुलिया मौत का स्पाट बन चुका है। अंधा मोड और डिवाइडर विहीन पुलिया होने के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। दो दिन में दो हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। जबकि कई लोग जख्मी हो गए। इससे पहले भी हादसे में कई लोग जान गवां चुके हैं। लेकिन विभाग की ओर से न तो दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र को संकेतांक लगाया जा रहा है और ना ही डिवाइडर, ऐसे में हादसे पर हादसे हो रहे हैं। लोगों की जान जा रही है। स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद भी लोक निर्माण विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इस वजह से क्षेत्रीय लोगों में विभाग के प्रति रोष व्याप्त है।

खेसरहा क्षेत्र के सोरवा गांव के पास चूटी पुलिया आवागमन के दृष्टि से बेहद खास है। बांसी से बेलौहा, नन्दौर व खलीलाबाद से होते हुए गोरखपुर तक आने-जाने के लिए प्रतिदिन हजारों की संख्या में बस, ट्रक व छोटे वाहनों का आवागमन होता है। विभाग ने 2020 में इस सड़क को सात मीटर चौड़ी कर दिया। लेकिन पुलिया का निर्माण नहीं कराया। यहां सड़क के सापेक्ष पुलिया संकरी हो गई है। पुलिया की दोनों तरफ तीव्र मोड़ है। दोनों तरफ से आने वाले वाहन ठीक से मोड़ नहीं पाते हैं, जिसकी वजह से आमने-सामने की गाड़ियां टकरा जाती है और दुर्घटना की शिकार हो जाती हैं। दो दिन में दो घटनाओं में दो लोगों की जान चली गई। आए दिन होने वाले इन हादसे से लोगों में आक्रोश है लेकिन जिनके कंधों पर जिम्मेदारी है, वह बेफ्रिक बने हुए हैं।
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हाल में हुए हादसों पर नजर

छह मई बृहस्पतिवार को मोड़ के कारण बस व टैंपो में टक्कर हो गई। इस हादसे में खेसरहा थाना क्षेत्र के बजवा निवासी बुधिराम गुप्ता की मौत हो गई थी। वह बांसी से किराना का सामना लेकर बेलौहा जा रहे थे।
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पांच जून को चिल्हिया थाना क्षेत्र कटया गांव निवासी जितेन्द्र वरुण कार से अपने माता-पिता के साथ बेलौहा से बांसी की तरफ जा रहे थे। पुलिया पर पहुंचते बेलहर थाना निवासी आदिल की बाइक कार से टकरा गई, जिसमें पांच लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर प्राथमिक उपचार के लिए सीएचसी खेसरहा पहुंचाया था। इसमें एक की मौत हो गई थी।

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दिसंबर 2022 में हुआ था बड़ा हादसा

इसी जगह पर 29 दिसंबर 2022 को एक निजी कंपनी के 40 कार्यकर्ता निजी बस को लेकर बांसी से गोरखपुर मीटिंग में जा रहे थे। इस जगह पर तीव्र मोड़ होने के वजह से बस अनियंत्रित होकर बीस फीट नीचे गड्ढे में गिर गई थी। इसमें बीस लोगों को गंभीर चोटें आई थीं। मौके पर पहुंचे एसडीएम व सीओ ने घायलों को बांसी व खेसरहा के अस्पताल में भर्ती कराया था। उस समय यहां के क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन के सामने पुलिया के दोनों तरफ ब्रेकर व सांकेतिक बोर्ड लगवाने को लेकर प्रदर्शन भी किया था। लेकिन अफसरों ने अनसुना कर दिया।

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यहां भी होते हैं हादसे

भनवापुर। ब्लॉक क्षेत्र के सोहना बदलिया मार्ग पर एक दर्जन से अधिक अंधा मोड़ है, जहां आएं दिन लोग दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। इन दुर्घटना में अबतक कई लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, बड़ी संख्या में लोग हादसे का शिकार होकर हो चुके हैं। 12 किमी लंबी सोहना बदलिया मार्ग पर पीडब्ल्यूडी विभाग के द्वारा कोई संकेतांक, बोर्ड या सड़क पर पीली पट्टी भी नहीं लगाई गयी है। जिससे लोग सामने से आ रहे वाहनों का अंदाजा नहीं लगा पाने के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसी तरह शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग पर रमवापुर उर्फ नेबुआ के पास अंधा मोड़ है। जहां पर भी विभाग के लापरवाही का शिकार होकर लोग अपनी जान गवां रहे है। इस मार्ग पर भी अब तक करीब एक दर्जन लोग असमय काल के गाल में समा चुके हैं।

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पुलिया के दोनों तरफ तीव्र मोड़ बहुत खतरनाक है। यहां अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती है। इसके बचाव के लिए कई बार पीडब्ल्यूडी विभाग से पुल के दोनों तरफ ब्रेकर बनवाने की मांग किया गया था, लेकिन अबतक नहीं बना।

-सुरेंद्र कुमार यादव, स्थानीय निवासी

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सड़क चौड़ीकरण के साथ पुलिया का भी निर्माण हो गया होता तो यहां होने वाली घटनाएं नहीं होती। लेकिन अफसरों का क्या, हादसे में तो आम लोग मर रहे हैं। कोई ध्यान देने वाला नहीं है। रात में आने पर डर लगता है।


-सुनील चौरयिया, निवासी कनपुरवा

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इस पुलिया के निर्माण कराने के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद चौड़ी पुलिया बनाई जाएगी। रही बात संकेतांक बोर्ड लगवाने का तो उसे जल्द लगवा दिया जाएगा।

-वीके राय, अधिशाषी अभियंता पीडब्ल्यूडी
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