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कान में यंत्र लगाने के लिए चिह्नित होंगे बच्चे

Tue, 03 May 2022 10:36 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 03 May 2022 10:36 PM IST
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Children will be marked for putting instruments in the ear
कान में यंत्र लगाने के लिए चिह्नित होंगे बच्चे
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सिद्धार्थनगर। पांच वर्ष उम्र तक के मूक-बधिर बच्चों के कान में यंत्र लगाने (कॉक्लियर इंप्लांट) की प्रक्रिया फिर शुरू की गई है। बोलने व सुनने में अक्षम बच्चों की जांच कर सूची बनाई जा रही है। उनकी बिना किसी शुल्क के सर्जरी होगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से ऐसे बच्चों को चिह्नित करने का काम शुरू हो गया है।
निर्धारित उम्र तक शल्य चिकित्सा होने पर ही मूक-बधिर बच्चों को सुनने-बोलने की संभावना ज्यादा रहती है। प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। पेंशन देने के साथ ही उन्हें रोजगार से जोड़ने के लिए सहायता पहुंचा रही है। अभी तक चलने के लिए सहायक उपकरण भी मुहैया करा रही है।
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अब एक और बड़ा कदम उठाया है। इसमें मूक-बधिर बच्चों की सर्जरी करके उन्हें सामान्य जीवन देने की कवायद शुरू की है। इसमें पांच वर्ष तक के बच्चों की सर्जरी होगी। उनकी सर्जरी का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। इसमें अभिभावक को केवल बच्चे के साथ रहना होगा। इसके लिए अभिभावक को दिव्यांगजन विभाग में प्रमाण पत्रों के साथ आवेदन करना होगा। इसके बाद बच्चे की सर्जरी होगी।
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जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी एजाजुल हक ने कहा कि मूक-बधिर बच्चों की सर्जरी की योजना है। इसमें पांच वर्ष तक के बच्चों को शामिल किया जाना है। छह लाख रुपये तक सरकार खर्च करेगी। परिवारीजन कोई खर्च नहीं करना होगा। इसके लिए वे आवेदन कर सकते हैं।
डॉक्टरों की टीम करेगी जांच, उसके बाद होगी सर्जरी
इस सर्जरी में केवल पांच वर्ष के बच्चों का होना है। आवेदन करने के बाद चिकित्सकों की एक कमेटी बैठेगी। वह बच्चे की जांच करेगी। उसकी उम्र के हिसाब से वजह, कितना प्रतिशत सुन रहा है, ऑपरेशन करने योग्य है या नहीं, उसका रिपोर्ट तैयार होगा। उसके बाद बच्चे की सर्जरी करके मशीन लगाई जाएगी।
सर्जरी के दो साल में सामान्य व्यक्ति की तरह होगा बच्चा
दिव्यांगजन विभाग के मुताबिक, सर्जरी के समय कान के बगल में एक आधुनिक यंत्र लगाया जाएगा। उसके लगने के बाद दो वर्ष में बच्चा अच्छी तरह सुन और बोल सकता है। यह पता ही नहीं चलेगा कि बच्चा बोल या सुन नहीं पाता था।

आवेदन के लिए यह प्रमाण पत्र जरूरी
अभिभावक को योजना के लाभ लेने के लिए आवेदन करते समय जन्म प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, पिता का निवासी प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और मोबाइल नंबर आदि दर्ज करना होगा। यह आवेदन पत्र ऑफलाइन होगा और हाथोंहाथ दिव्यागंज विभाग में जमा कर सकते हैं।
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