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सर्दी का असर
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कड़ाके की ठंड में बीमार हो रहे बच्चे और बुजुर्ग
सिद्धार्थनगर। जिले में सर्दी का असर बढ़ते ही बच्चे और बुजुर्गों की सेहत बिगड़ने लगी है। सर्दी लगने के कारण बुजुर्ग हार्ट अटैक, पैरालाइसिस और अन्य बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं जबकि बच्चों में उल्टी-दस्त और निमोनिया की बीमारी हो रही है। पहले से बीमार लोगों की सेहत ठीक रहने के लिए डॉक्टर दवा का डोज बढ़ा रहे हैं। शुगर, ब्लड प्रेशर और हार्ट के जागरूक मरीजों ने डॉक्टरों से संपर्क किया गया और उनकी देखरेख में दिनचर्या बदलकर दवा ले रहे हैं। बीमारी से बचने के लिए सर्दी से बचने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला चिकित्सालय में सर्दी बढ़ने के कारण कम मरीज पहुंचे। सर्दी के कारण हल्का दर्द दबाकर लोग घरों में दुबके रहे। जिन लोगों को बीमारी दबाने की स्थिति नहीं थी, वे ही अस्पताल पहुंचे। सामान्य तौर पर सोमवार को ओपीडी में 1000 से 1200 मरीज पहुंचते थे, जबकि सर्दी के कारण ओपीडी में दोपहर 1.20 बजे तक मात्र 872 मरीजों का रजिस्ट्रेशन हुआ। मेडिसिन विभाग की ओपीडी में 228 और बच्चों की ओपीडी में 53 बच्चों का परामर्श दिया गया। कई ओपीडी में डॉक्टर बैठे थे और मरीज कम होने के कारण दोपहर दो बजे से पहले ही सन्नाटा हो गया। संयुक्त जिला चिकित्सालय की सीएमएस डॉ. नीना वर्मा ने बताया कि सर्दी में मरीजों की संख्या कम हुई है। हालांकि जिन्हें सर्दी लग रही है, वे गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंच रहे हैं। लोगों को सर्दी से सतर्क रहने की आवश्यकता है।
बीमार और बुजुर्गों को दिक्कत
संयुक्त जिला चिकित्सालय के फिजिशियन डॉ. सीबी चौधरी ने बताया कि सर्दी बढ़ने के कारण सर्दी, जुकाम और वायरल बुखार के मरीज आ रहे हैं। बीमार व बुजुर्गों की बीमारी अचानक बढ़ रही है। सोमवार को हार्ट अटैक और पैरालाइसिस के एक-एक मरीज को रेफर करना पड़ा, जबकि हार्ट के 4 मरीज ओपीडी में आए। सर्दी में खून गाढ़ा हो जाता है और धमनियों के वसा जमने के कारण बीमारी बढ़ जाती है। शुगर, ब्लडप्रेशर एवं हार्ट के मरीजों को अपने डॉक्टर से मिलकर उचित सलाह लेनी चाहिए। बुजुर्गों को सुबह-शाम टहलने के बजाय दोपहर में टहलना चाहिए। सर्द मौसम में घर से बाहर निकले तो शरीर पर गर्म कपड़े जरूर हों।
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बच्चे हो रहे हैं बीमार
संयुक्त जिला चिकित्सालय के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय सिंह ने बताया कि सर्दी के लगने के कारण बच्चे बीमार हो रहे हैं। उल्टी-दस्त एवं निमोनिया के कारण बच्चों की तबीयत बिगड़ रही है। बच्चों को कोल्ड डायरिया और निमोनिया हो रही है। सर्दी के कारण बच्चों को खांसी की बीमारी हो रही है। सर्दी में सुबह- शाम बच्चों को घर से बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए। बच्चों को ठंडी खाद्यान्न नहीं खिलाना चाहिए।
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सिद्धार्थनगर। जिले में सर्दी का असर बढ़ते ही बच्चे और बुजुर्गों की सेहत बिगड़ने लगी है। सर्दी लगने के कारण बुजुर्ग हार्ट अटैक, पैरालाइसिस और अन्य बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं जबकि बच्चों में उल्टी-दस्त और निमोनिया की बीमारी हो रही है। पहले से बीमार लोगों की सेहत ठीक रहने के लिए डॉक्टर दवा का डोज बढ़ा रहे हैं। शुगर, ब्लड प्रेशर और हार्ट के जागरूक मरीजों ने डॉक्टरों से संपर्क किया गया और उनकी देखरेख में दिनचर्या बदलकर दवा ले रहे हैं। बीमारी से बचने के लिए सर्दी से बचने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला चिकित्सालय में सर्दी बढ़ने के कारण कम मरीज पहुंचे। सर्दी के कारण हल्का दर्द दबाकर लोग घरों में दुबके रहे। जिन लोगों को बीमारी दबाने की स्थिति नहीं थी, वे ही अस्पताल पहुंचे। सामान्य तौर पर सोमवार को ओपीडी में 1000 से 1200 मरीज पहुंचते थे, जबकि सर्दी के कारण ओपीडी में दोपहर 1.20 बजे तक मात्र 872 मरीजों का रजिस्ट्रेशन हुआ। मेडिसिन विभाग की ओपीडी में 228 और बच्चों की ओपीडी में 53 बच्चों का परामर्श दिया गया। कई ओपीडी में डॉक्टर बैठे थे और मरीज कम होने के कारण दोपहर दो बजे से पहले ही सन्नाटा हो गया। संयुक्त जिला चिकित्सालय की सीएमएस डॉ. नीना वर्मा ने बताया कि सर्दी में मरीजों की संख्या कम हुई है। हालांकि जिन्हें सर्दी लग रही है, वे गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंच रहे हैं। लोगों को सर्दी से सतर्क रहने की आवश्यकता है।
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बीमार और बुजुर्गों को दिक्कत
संयुक्त जिला चिकित्सालय के फिजिशियन डॉ. सीबी चौधरी ने बताया कि सर्दी बढ़ने के कारण सर्दी, जुकाम और वायरल बुखार के मरीज आ रहे हैं। बीमार व बुजुर्गों की बीमारी अचानक बढ़ रही है। सोमवार को हार्ट अटैक और पैरालाइसिस के एक-एक मरीज को रेफर करना पड़ा, जबकि हार्ट के 4 मरीज ओपीडी में आए। सर्दी में खून गाढ़ा हो जाता है और धमनियों के वसा जमने के कारण बीमारी बढ़ जाती है। शुगर, ब्लडप्रेशर एवं हार्ट के मरीजों को अपने डॉक्टर से मिलकर उचित सलाह लेनी चाहिए। बुजुर्गों को सुबह-शाम टहलने के बजाय दोपहर में टहलना चाहिए। सर्द मौसम में घर से बाहर निकले तो शरीर पर गर्म कपड़े जरूर हों।
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बच्चे हो रहे हैं बीमार
संयुक्त जिला चिकित्सालय के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय सिंह ने बताया कि सर्दी के लगने के कारण बच्चे बीमार हो रहे हैं। उल्टी-दस्त एवं निमोनिया के कारण बच्चों की तबीयत बिगड़ रही है। बच्चों को कोल्ड डायरिया और निमोनिया हो रही है। सर्दी के कारण बच्चों को खांसी की बीमारी हो रही है। सर्दी में सुबह- शाम बच्चों को घर से बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए। बच्चों को ठंडी खाद्यान्न नहीं खिलाना चाहिए।