{"_id":"62f2aa0ca5a1a668956d0192","slug":"catch-free-animal-and-send-cowshed-siddharthnagar-news-gkp4466267191","type":"story","status":"publish","title_hn":"छुट्टा पशुओं को गोशाला भेजा, किसानों को मिली राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छुट्टा पशुओं को गोशाला भेजा, किसानों को मिली राहत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छुट्टा पशुओं को गोशाला भेजा, किसानों को मिली राहत
- नानकार चौराहे पर 32 पशुओं को पकड़ा गया
संवाद न्यूज एजेंसी
धेन्सा। नौगढ़ एवं जोगिया ब्लॉक क्षेत्र के शाहा-करौंदा नानकार चौराहे से कैटल कैचर में भरकर 32 छुट्टा पशुओं को गोशाला भेजा गया। क्षेत्र में अन्य स्थानों से भी छुट्टा पशुओं को पकड़ने की आवश्यकता है।
अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। बीडीओ नौगढ़ ने संज्ञान लिया और 32 पशुओं को गोशाला भेजवाया।
क्षेत्र में एक महीने से गोवंशीय छुट्टा पशुओं का चौराहे पर जमावड़ा रहता था। किसान दिन-रात खेत की फसल की रखवाली करते थे। ये पशु किसानों के लिए मुसीबत का कारण बने हुए थे।
इतना ही नहीं साहा, करौंदा नानकार, लखनपारा, मनोहरी, कटहना, पलिया, ससना के किसानों में गायों को भगाने को लेकर विवाद की स्थिति बनी रहती थी। लोगों के मुताबिक अभी भी क्षेत्र में 20 छुट्टा पशु बचे हैं।
विज्ञापन
गायों को कैटल में लादने में ग्राम प्रधान साहा अर्जुन शुक्ल, करौंदा नानकार निवासी मनोज कुमार मिश्र, धर्मेन्द्र मिश्र, प्रधान अरूण मिश्र, पद्माकर शुक्ल का योगदान रहा।
विज्ञापन
- नानकार चौराहे पर 32 पशुओं को पकड़ा गया
संवाद न्यूज एजेंसी
धेन्सा। नौगढ़ एवं जोगिया ब्लॉक क्षेत्र के शाहा-करौंदा नानकार चौराहे से कैटल कैचर में भरकर 32 छुट्टा पशुओं को गोशाला भेजा गया। क्षेत्र में अन्य स्थानों से भी छुट्टा पशुओं को पकड़ने की आवश्यकता है।
अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। बीडीओ नौगढ़ ने संज्ञान लिया और 32 पशुओं को गोशाला भेजवाया।
क्षेत्र में एक महीने से गोवंशीय छुट्टा पशुओं का चौराहे पर जमावड़ा रहता था। किसान दिन-रात खेत की फसल की रखवाली करते थे। ये पशु किसानों के लिए मुसीबत का कारण बने हुए थे।
विज्ञापन
इतना ही नहीं साहा, करौंदा नानकार, लखनपारा, मनोहरी, कटहना, पलिया, ससना के किसानों में गायों को भगाने को लेकर विवाद की स्थिति बनी रहती थी। लोगों के मुताबिक अभी भी क्षेत्र में 20 छुट्टा पशु बचे हैं।
विज्ञापन
गायों को कैटल में लादने में ग्राम प्रधान साहा अर्जुन शुक्ल, करौंदा नानकार निवासी मनोज कुमार मिश्र, धर्मेन्द्र मिश्र, प्रधान अरूण मिश्र, पद्माकर शुक्ल का योगदान रहा।