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Siddharthnagar News: पत्थरबाजी की शिकायत करने वालों पर केस दर्ज
Tue, 05 Nov 2024 11:15 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 05 Nov 2024 11:15 PM IST
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डुमरियागंज। थाना क्षेत्र के मालीमैनहा गांव में सोमवार रात प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान कथित पत्थरबाजी की घटना की शिकायत करने वाले सात नामजद समेत 100 अज्ञात लोगों पर मंगलवार को डुमरियागंज पुलिस ने केस दर्ज कर लिया।
इन पर अफवाह फैलाने, सड़क जाम करने, दूसरे समुदाय के खिलाफ उत्प्रेरित नारेबाजी आदि की धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस ने जिन लोगों पर नामजद केस दर्ज किया है उनमें राजन अग्रहरी, चंद्रभान सोनी, सूरज सोनी, संजय सोनी, राकेश कुमार दुबे शास्त्री, रंजीत व विष्णु शामिल हैं।
उधर, पत्थरबाजी को लेकर पुलिस और ग्रामीणों के अपने-अपने दावे हैं। पुलिस जहां इस तरह की किसी भी घटना से इनकार कर रही है, वहीं ग्रामीण पत्थरबाजी होने की बात पर अड़े हुए हैं और ऐसा करने वालों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पं. राकेश शास्त्री ने पुलिस पर घटना पर पर्दा डालने की कोशिश का आरोप लगाया है।
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उनका कहना है कि मंगलवार को वह घटना में चोटिल लोगों के साथ तहरीर देने थाने गए तो उन्हें भगा दिया गया। हालांकि पुलिस ने ग्रामीणों के आरोप को बेबुनियाद बताया है। इस बीच ग्रामीणों की नाराजगी को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है।
डुमरियागंज के माली मैनहा गांव में सोमवार रात प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान कथित तौर पर पत्थरबाजी की घटना में एक प्रतिमा के क्षतिग्रस्त होेने पर ग्रामीणों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया था। रात में भी प्रशासन ने इस घटना को आधारहीन बता दिया था, लेकिन मंगलवार को गांव की कुछ महिलाओं और पुरुषों का बयान वीडियो क्लिप के जरिए सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हालांकि अमर उजाला वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। वीडियो में माली मैनहा की महिलाओं और पुरुषों का कहना है कि सोमवार को विसर्जन के दौरान कुछ लोगों ने पथराव कर दिया, जिसमें एक प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो गई, महिलाओं को भी चोट लगी। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे डुमरियागंज स्थित रामलीला मैदान मंदिर पर माली मैनहा निवासी सूरज सोनी और पं. राकेश शास्त्री ने पत्रकारों से बातचीत कर पत्थरबाजी की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि सुबह चोटिल लोगों के साथ डुमरियागंज थाने पर तहरीर देने गए तो पुलिस ने उन लोगों को भाग दिया। पं. राकेश शास्त्री ने दावा किया है कि उनको उनके घर में नजरबंद कर दिया गया था।
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इन पर अफवाह फैलाने, सड़क जाम करने, दूसरे समुदाय के खिलाफ उत्प्रेरित नारेबाजी आदि की धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस ने जिन लोगों पर नामजद केस दर्ज किया है उनमें राजन अग्रहरी, चंद्रभान सोनी, सूरज सोनी, संजय सोनी, राकेश कुमार दुबे शास्त्री, रंजीत व विष्णु शामिल हैं।
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उधर, पत्थरबाजी को लेकर पुलिस और ग्रामीणों के अपने-अपने दावे हैं। पुलिस जहां इस तरह की किसी भी घटना से इनकार कर रही है, वहीं ग्रामीण पत्थरबाजी होने की बात पर अड़े हुए हैं और ऐसा करने वालों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पं. राकेश शास्त्री ने पुलिस पर घटना पर पर्दा डालने की कोशिश का आरोप लगाया है।
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उनका कहना है कि मंगलवार को वह घटना में चोटिल लोगों के साथ तहरीर देने थाने गए तो उन्हें भगा दिया गया। हालांकि पुलिस ने ग्रामीणों के आरोप को बेबुनियाद बताया है। इस बीच ग्रामीणों की नाराजगी को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है।
डुमरियागंज के माली मैनहा गांव में सोमवार रात प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान कथित तौर पर पत्थरबाजी की घटना में एक प्रतिमा के क्षतिग्रस्त होेने पर ग्रामीणों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया था। रात में भी प्रशासन ने इस घटना को आधारहीन बता दिया था, लेकिन मंगलवार को गांव की कुछ महिलाओं और पुरुषों का बयान वीडियो क्लिप के जरिए सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हालांकि अमर उजाला वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। वीडियो में माली मैनहा की महिलाओं और पुरुषों का कहना है कि सोमवार को विसर्जन के दौरान कुछ लोगों ने पथराव कर दिया, जिसमें एक प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो गई, महिलाओं को भी चोट लगी। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे डुमरियागंज स्थित रामलीला मैदान मंदिर पर माली मैनहा निवासी सूरज सोनी और पं. राकेश शास्त्री ने पत्रकारों से बातचीत कर पत्थरबाजी की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि सुबह चोटिल लोगों के साथ डुमरियागंज थाने पर तहरीर देने गए तो पुलिस ने उन लोगों को भाग दिया। पं. राकेश शास्त्री ने दावा किया है कि उनको उनके घर में नजरबंद कर दिया गया था।