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सीसीटीवी कैमरे से होगी 6
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भारत-नेपाल सीमा की निगरानी के लिए बढ़ेगी ‘तीसरी आंख’
68 किलोमीटर की सीमा पर बढ़ाए जाएंगे सीसीटीवी कैमरे, अभी 18 लगाए गए हैं।
तस्करी व आतंकी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए लिया गया निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा पर निगरानी को और चुश्त-दुरूस्त किया जाएगा। इसके लिए सीमा की चार चेकपोस्टों पर 20 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। वहीं, जो कैमरे पहले से लगाए गए हैं और बंद या फिर खराब हो गए हैं उन्हें ठीक कराया जाएगा।
जिले की 68 किलोमीटर भारत-नेपाल की सीमा पूरी तरह से खुली हुई है। यहां से बिना रोक-टोेक कोई भी आ जा सकता है। इसी के चलते तस्कर से लेकर आतंकी भी इस रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं। पूर्व में बढ़नी बॉर्डर से बब्बर खालसा ग्रुप से जुड़े आतंकी पकड़े गए हैं। इसके बाद से ही भारत-नेपाल सीमा की संवेदनशीलता बढ़ गई। साथ ही देश के किसी भी हिस्से में आतंकी हमले के बाद सीमा पर अलर्ट जारी करते हुए विशेष निगरानी का निर्देश दिया गया है। सीमा की संवदेनशीलता को देखते हुए शासन ने इस प्रकार की गतिविधि पर पूर्ण रूप से रोक लगाने की कवायद शुरू की है। शासन ने आवागमन वाले व उन रास्तों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया है, जहां पूर्व में संदिग्ध लोग पकड़े गए हैं। या उन रास्तों से तस्करी होती है या होने की संभावना बनी रहती है। शासन का मानना है कि अगर सीसीटीवी कैमरा लग जाएगा तो इस प्रकार की गतिविधियां कैमरे में कैद होंगी और उसके माध्यम से पहचान करके संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पूर्व में लगे कैमरों को भी ठीक कराने के लिए कहा गया है। एसपी डॉ. धर्मबीर सिंह ने बताया कि सीमा पर 18 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। उनकी जांच कराई जाएगी। साथ ही सीमा की चार चेकपोस्टों पर 20 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा भी जहां जरूरत होगी वहां भी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
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भारत-नेपाल सीमा की निगरानी के लिए बढ़ेगी ‘तीसरी आंख’
68 किलोमीटर की सीमा पर बढ़ाए जाएंगे सीसीटीवी कैमरे, अभी 18 लगाए गए हैं।
तस्करी व आतंकी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए लिया गया निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा पर निगरानी को और चुश्त-दुरूस्त किया जाएगा। इसके लिए सीमा की चार चेकपोस्टों पर 20 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। वहीं, जो कैमरे पहले से लगाए गए हैं और बंद या फिर खराब हो गए हैं उन्हें ठीक कराया जाएगा।
जिले की 68 किलोमीटर भारत-नेपाल की सीमा पूरी तरह से खुली हुई है। यहां से बिना रोक-टोेक कोई भी आ जा सकता है। इसी के चलते तस्कर से लेकर आतंकी भी इस रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं। पूर्व में बढ़नी बॉर्डर से बब्बर खालसा ग्रुप से जुड़े आतंकी पकड़े गए हैं। इसके बाद से ही भारत-नेपाल सीमा की संवेदनशीलता बढ़ गई। साथ ही देश के किसी भी हिस्से में आतंकी हमले के बाद सीमा पर अलर्ट जारी करते हुए विशेष निगरानी का निर्देश दिया गया है। सीमा की संवदेनशीलता को देखते हुए शासन ने इस प्रकार की गतिविधि पर पूर्ण रूप से रोक लगाने की कवायद शुरू की है। शासन ने आवागमन वाले व उन रास्तों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया है, जहां पूर्व में संदिग्ध लोग पकड़े गए हैं। या उन रास्तों से तस्करी होती है या होने की संभावना बनी रहती है। शासन का मानना है कि अगर सीसीटीवी कैमरा लग जाएगा तो इस प्रकार की गतिविधियां कैमरे में कैद होंगी और उसके माध्यम से पहचान करके संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पूर्व में लगे कैमरों को भी ठीक कराने के लिए कहा गया है। एसपी डॉ. धर्मबीर सिंह ने बताया कि सीमा पर 18 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। उनकी जांच कराई जाएगी। साथ ही सीमा की चार चेकपोस्टों पर 20 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा भी जहां जरूरत होगी वहां भी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
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