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Siddharthnagar News: खड़ी होती गई इमारते, नहीं बनी नाली, गड्ढे में हो रही जलनिकासी
Sun, 10 Dec 2023 01:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 10 Dec 2023 01:07 AM IST
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शहर में अशोक मार्ग पर बने सरकारी कार्यालय व आवास के पास नहीं नाली
तीन किमी के दायरे में 25 वर्ष में बने कई भवन, लेकिन नहीं हुआ नाली निर्माण
सिद्धार्थनगर। कलक्ट्रेट व विकास भवन समेत बने कई सरकारी कार्यालयों के पास 25 वर्ष बाद भी जलनिकासी का मुकम्मल इंतजाम नहीं हो सका है। कुछ सरकारी कार्यालयों के सामने आवागमन के लिए बने नाले का पानी आगे खुले गड्ढे में गिर रहा है। दो किमी से अधिक लंबे अशोक मार्ग के दोनों तरफ कई सरकारी कार्यालय की इमारत खड़ी हो गई है, लेकिन इनकी जलनिकासी खुले गड्ढे में हो रही है। इससे सुबह यहां टहलने आ रहे लोगों को दिक्कत होती ही है, हादसे का भी खतरा रहता है।
जिला मुख्यालय पर बने कलक्ट्रेट व विकास भवन से जलनिकासी के लिए किसी नाले का इंतजाम नहीं था। वर्तमान में कलक्ट्रेट के सामने एनएच-28 के किनारे बनी नाली के पानी की निकासी अशोक मार्ग के किनारे खुले गड्ढे में हो रहा है। अब अशोक मार्ग किनारे बने सरकारी कार्यालयों पर नजर दौड़ाएं। इस मार्ग पर साड़ी तिराहे से एसपी कार्यालय, पुलिस लाइंस, मेडिकल कॉलेज, जलनिगम, जिला स्टेडियम, एआईजी स्टांप, जिला कारागार, बीएसए, डीआईओएस कार्यालय है। इससे आगे बढ़े तो डीएम व एसपी आवास के साथ अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों एवं न्यायिक अधिकारियों के आवास है।
इसी मार्ग पर उद्यान एवं वन विभाग के पार्क है, जहां लोग सुबह टहलने आते है। पार्क में टहलने आने वाले शहरवासी अशोक कुमार, राजेंद्र प्रसाद व अरशद का कहना है कि अशोक मार्ग पर पैदल गुजरने के दौरान हायडिल तिराहे से आगे बढ़ते ही गंदे पानी के दुर्गंध से सांस लेना मुश्किल हो जाता है। अगर पक्की नाली का निर्माण होता तो सड़क किनारे दुर्गंध व गंदगी नहीं होती।
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कार्यालयों के सामने है गड्ढे
अशोक मार्ग पर स्थित डीआईओएस, बीएसए कार्यालयों के सामने ही गड्ढे है। कुछ दिनों तक लोग इन गड्ढों से गुजरकर कार्यालय जाते रहे है। अब किनारे से इन कार्यालयों तक आवागमन की व्यवस्था की गई है। इसी मार्ग पर महिला थाना के सामने भी गड्ढा था, जिसे किसी तरह पाटकर आने-जाने लायक बनाया गया है। वहीं केंद्रीय विद्यालय के सामने सड़क की दूसरी तरफ खुला गड्ढा और गंदगी का अंबार लगा है।
यहां अक्सर होते है हादसे
जिला कारागार के पास और पीडब्लूडी इटवा खंड कार्यालय के पास सड़क किनारे अधिक गहरा गड्ढा होने के कारण अक्सर हादसे होते है। वर्तमान में कोहरा के समय सड़क नहीं दिखने के कारण अशोक मार्ग किनारे स्थित इन गहरे गड्ढों में चार पहिया वाहन व बाइक सवार अक्सर गिरकर चोटिल हो जाते है। पिछले वर्ष यहां पर कोहरे के कारण एक कार पलटने से दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
नपा ने छोड़ा अधूरा नाला
नगर पालिका की तरफ से आठ वर्ष पूर्व शहर के मुख्य मार्ग के बाएं तरफ बना नाला हायडिल तिराहे के पास अशोक मार्ग किनारे गड्ढे में लाकर छोड़ दिया गया है। वर्तमान में 1.99 करोड़ रुपये की लागत से मुख्य मार्ग के दाएं तरफ बन रहा नाला भी हायडिल तिराहे के पास अशोक मार्ग तक छोड़ दिया जाएगा। इस नाले से शहर के आजादनगर व सिविल लाइंस समेत सड़क किनारे की दुकानों की जलनिकासी होती है।
एनएच किनारे नाला बनने का इंतजार
एनएच 730 में शहर का अशोक मार्ग भी शामिल है, जिसका अभी निर्माण होना है। इसके दोनों तरफ नाला निर्माण होना है। एनएच का नाला हायडिल तिराहा से पकड़ी प्राकृतिक नाला तक निर्मित होना है। नगर पालिका को एनएच के इसी नाला निर्माण का इंतजार है। साथ ही अशोक मार्ग किनारे भी एनएच का नाला निर्माण होना है, जिसके निर्माण में अभी एक वर्ष इंतजार करना होगा।
एनएच किनारे आबादी क्षेत्र में नाला निर्माण का प्रावधान है, इसके तहत एनएच निर्माण के समय शहर एवं अशोक मार्ग किनारे नाला निर्माण होना है।
-आरके वर्मा, अधिशासी अभियंता, एनएच
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तीन किमी के दायरे में 25 वर्ष में बने कई भवन, लेकिन नहीं हुआ नाली निर्माण
सिद्धार्थनगर। कलक्ट्रेट व विकास भवन समेत बने कई सरकारी कार्यालयों के पास 25 वर्ष बाद भी जलनिकासी का मुकम्मल इंतजाम नहीं हो सका है। कुछ सरकारी कार्यालयों के सामने आवागमन के लिए बने नाले का पानी आगे खुले गड्ढे में गिर रहा है। दो किमी से अधिक लंबे अशोक मार्ग के दोनों तरफ कई सरकारी कार्यालय की इमारत खड़ी हो गई है, लेकिन इनकी जलनिकासी खुले गड्ढे में हो रही है। इससे सुबह यहां टहलने आ रहे लोगों को दिक्कत होती ही है, हादसे का भी खतरा रहता है।
जिला मुख्यालय पर बने कलक्ट्रेट व विकास भवन से जलनिकासी के लिए किसी नाले का इंतजाम नहीं था। वर्तमान में कलक्ट्रेट के सामने एनएच-28 के किनारे बनी नाली के पानी की निकासी अशोक मार्ग के किनारे खुले गड्ढे में हो रहा है। अब अशोक मार्ग किनारे बने सरकारी कार्यालयों पर नजर दौड़ाएं। इस मार्ग पर साड़ी तिराहे से एसपी कार्यालय, पुलिस लाइंस, मेडिकल कॉलेज, जलनिगम, जिला स्टेडियम, एआईजी स्टांप, जिला कारागार, बीएसए, डीआईओएस कार्यालय है। इससे आगे बढ़े तो डीएम व एसपी आवास के साथ अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों एवं न्यायिक अधिकारियों के आवास है।
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इसी मार्ग पर उद्यान एवं वन विभाग के पार्क है, जहां लोग सुबह टहलने आते है। पार्क में टहलने आने वाले शहरवासी अशोक कुमार, राजेंद्र प्रसाद व अरशद का कहना है कि अशोक मार्ग पर पैदल गुजरने के दौरान हायडिल तिराहे से आगे बढ़ते ही गंदे पानी के दुर्गंध से सांस लेना मुश्किल हो जाता है। अगर पक्की नाली का निर्माण होता तो सड़क किनारे दुर्गंध व गंदगी नहीं होती।
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कार्यालयों के सामने है गड्ढे
अशोक मार्ग पर स्थित डीआईओएस, बीएसए कार्यालयों के सामने ही गड्ढे है। कुछ दिनों तक लोग इन गड्ढों से गुजरकर कार्यालय जाते रहे है। अब किनारे से इन कार्यालयों तक आवागमन की व्यवस्था की गई है। इसी मार्ग पर महिला थाना के सामने भी गड्ढा था, जिसे किसी तरह पाटकर आने-जाने लायक बनाया गया है। वहीं केंद्रीय विद्यालय के सामने सड़क की दूसरी तरफ खुला गड्ढा और गंदगी का अंबार लगा है।
यहां अक्सर होते है हादसे
जिला कारागार के पास और पीडब्लूडी इटवा खंड कार्यालय के पास सड़क किनारे अधिक गहरा गड्ढा होने के कारण अक्सर हादसे होते है। वर्तमान में कोहरा के समय सड़क नहीं दिखने के कारण अशोक मार्ग किनारे स्थित इन गहरे गड्ढों में चार पहिया वाहन व बाइक सवार अक्सर गिरकर चोटिल हो जाते है। पिछले वर्ष यहां पर कोहरे के कारण एक कार पलटने से दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
नपा ने छोड़ा अधूरा नाला
नगर पालिका की तरफ से आठ वर्ष पूर्व शहर के मुख्य मार्ग के बाएं तरफ बना नाला हायडिल तिराहे के पास अशोक मार्ग किनारे गड्ढे में लाकर छोड़ दिया गया है। वर्तमान में 1.99 करोड़ रुपये की लागत से मुख्य मार्ग के दाएं तरफ बन रहा नाला भी हायडिल तिराहे के पास अशोक मार्ग तक छोड़ दिया जाएगा। इस नाले से शहर के आजादनगर व सिविल लाइंस समेत सड़क किनारे की दुकानों की जलनिकासी होती है।
एनएच किनारे नाला बनने का इंतजार
एनएच 730 में शहर का अशोक मार्ग भी शामिल है, जिसका अभी निर्माण होना है। इसके दोनों तरफ नाला निर्माण होना है। एनएच का नाला हायडिल तिराहा से पकड़ी प्राकृतिक नाला तक निर्मित होना है। नगर पालिका को एनएच के इसी नाला निर्माण का इंतजार है। साथ ही अशोक मार्ग किनारे भी एनएच का नाला निर्माण होना है, जिसके निर्माण में अभी एक वर्ष इंतजार करना होगा।
एनएच किनारे आबादी क्षेत्र में नाला निर्माण का प्रावधान है, इसके तहत एनएच निर्माण के समय शहर एवं अशोक मार्ग किनारे नाला निर्माण होना है।
-आरके वर्मा, अधिशासी अभियंता, एनएच