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बुद्ध पूर्णिमा : प्रभातफेरी में गूंजा अहिंसा का संदेश
Sat, 02 May 2026 02:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 02 May 2026 02:24 AM IST
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डुमरियागंज क्षेत्र मे स्थित जमौता-जमौती स्थिति सिद्धार्थ बौद विहार पर बुद्ध पूर्णिमा का त्योहार
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सिद्धार्थनगर/खुनुवां। महात्मा बुद्ध की 2570वीं जयंती के अवसर पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रभातफेरी, प्रार्थना सभा के साथ ही संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
सीमा से सटे नेपाल के कपिलवस्तु में शुक्रवार की सुबह बुद्ध नगरी तौलिहवा में भव्य प्रभातफेरी निकाली गई। इस आयोजन का उद्देश्य भगवान बुद्ध के शांति, अहिंसा और सद्भाव के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना रहा। मुख्य आयोजन समिति-2083 कपिलवस्तु की ओर से कपिलवस्तु नगरपालिका के सहयोग से आयोजित किया गया।
प्रभातफेरी की शुरुआत कपिलवस्तु नगरपालिका कार्यालय से हुई जो जिला प्रशासन कार्यालय चौक, गौढ़ी चौक होते हुए मंगल विहार पहुंचकर विशेष प्रार्थना सभा में परिवर्तित हुई। प्रभातफेरी के दौरान भगवान बुद्ध के उपदेशों से जुड़े नारे लगाए गए और पूरा वातावरण शांति व आध्यात्मिकता से सराबोर रहा।
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वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में जब दुनिया में हिंसा और असहिष्णुता बढ़ रही है, ऐसे में भगवान बुद्ध का करुणा, मैत्री और मध्यम मार्ग का संदेश और भी अधिक प्रासंगिक हो गया है। कपिलवस्तु नगरपालिका के मेयर सुदीप पौडेल ने कहा कि भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को केवल सुनना नहीं बल्कि जीवन में उतारना आवश्यक है। उन्होंने कपिलवस्तु को एक विकसित बौद्ध नगरी के रूप में स्थापित करने की अपील की। लुंबिनी विकास कोष के पूर्व कार्यकारी सदस्य राजेश ग्यावली ने बताया कि लुंबिनी से आए पर्यटकों का स्वागत अल्पाहार के साथ किया गया। नेपाल सद्भावना पार्टी के अध्यक्ष पी. शर्मा (जानसन) ने कहा कि बुद्ध ने चार आर्य सत्य और अष्टांगिक मार्ग के माध्यम से मानव को दुखों से मुक्ति का मार्ग दिखाया।
हर्षोल्लास के साथ मनाई गई बुद्ध पूर्णिमा: भारतभारी। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के जमौता-जमौती स्थित सिद्धार्थ बौद्ध विहार में शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा का पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान बुद्ध के बताए शांति, अहिंसा और करुणा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत राम भरोसे की ओर से भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद बौद्धाचार्य अवधेश गौतम ने उपस्थित लोगों को त्रिशरण और पंचशील ग्रहण कराया। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने एक-एक कर प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।
इसी तरह क्षेत्र के पटखौली, गौहनियाराज, गौराही बुजुर्ग और महुआखुर्द में भी लोगों ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर बुद्ध के संदेश को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर राम नरेश राम, मुरली, विक्रम कुमार, आदर्श सिद्धार्थ, उमेश सिद्धार्थ, अमित सिद्धार्थ, बेचू, कैलाशपति सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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सीमा से सटे नेपाल के कपिलवस्तु में शुक्रवार की सुबह बुद्ध नगरी तौलिहवा में भव्य प्रभातफेरी निकाली गई। इस आयोजन का उद्देश्य भगवान बुद्ध के शांति, अहिंसा और सद्भाव के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना रहा। मुख्य आयोजन समिति-2083 कपिलवस्तु की ओर से कपिलवस्तु नगरपालिका के सहयोग से आयोजित किया गया।
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प्रभातफेरी की शुरुआत कपिलवस्तु नगरपालिका कार्यालय से हुई जो जिला प्रशासन कार्यालय चौक, गौढ़ी चौक होते हुए मंगल विहार पहुंचकर विशेष प्रार्थना सभा में परिवर्तित हुई। प्रभातफेरी के दौरान भगवान बुद्ध के उपदेशों से जुड़े नारे लगाए गए और पूरा वातावरण शांति व आध्यात्मिकता से सराबोर रहा।
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वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में जब दुनिया में हिंसा और असहिष्णुता बढ़ रही है, ऐसे में भगवान बुद्ध का करुणा, मैत्री और मध्यम मार्ग का संदेश और भी अधिक प्रासंगिक हो गया है। कपिलवस्तु नगरपालिका के मेयर सुदीप पौडेल ने कहा कि भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को केवल सुनना नहीं बल्कि जीवन में उतारना आवश्यक है। उन्होंने कपिलवस्तु को एक विकसित बौद्ध नगरी के रूप में स्थापित करने की अपील की। लुंबिनी विकास कोष के पूर्व कार्यकारी सदस्य राजेश ग्यावली ने बताया कि लुंबिनी से आए पर्यटकों का स्वागत अल्पाहार के साथ किया गया। नेपाल सद्भावना पार्टी के अध्यक्ष पी. शर्मा (जानसन) ने कहा कि बुद्ध ने चार आर्य सत्य और अष्टांगिक मार्ग के माध्यम से मानव को दुखों से मुक्ति का मार्ग दिखाया।
हर्षोल्लास के साथ मनाई गई बुद्ध पूर्णिमा: भारतभारी। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के जमौता-जमौती स्थित सिद्धार्थ बौद्ध विहार में शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा का पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान बुद्ध के बताए शांति, अहिंसा और करुणा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत राम भरोसे की ओर से भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद बौद्धाचार्य अवधेश गौतम ने उपस्थित लोगों को त्रिशरण और पंचशील ग्रहण कराया। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने एक-एक कर प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।
इसी तरह क्षेत्र के पटखौली, गौहनियाराज, गौराही बुजुर्ग और महुआखुर्द में भी लोगों ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर बुद्ध के संदेश को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर राम नरेश राम, मुरली, विक्रम कुमार, आदर्श सिद्धार्थ, उमेश सिद्धार्थ, अमित सिद्धार्थ, बेचू, कैलाशपति सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।