फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   blood checking machine stopped 1 hour

Siddharthnagar News: ब्लड जांच मशीन एक घंटा रही ठप, दलाल मरीजों का थमाने लगे अपना कार्ड

Mon, 09 Oct 2023 10:45 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Mon, 09 Oct 2023 10:45 PM IST
विज्ञापन
blood checking machine stopped 1 hour
फोटो- है
विज्ञापन

माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में जांच मशीन के खराब होते ही दलालों की हो जाती है चांदी, गुमराह करके निजी जांच केंद्र पर पहुंचा देते हैं मरीज

संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में सोमवार सुबह अचानक ब्लड जांच करने वाली मुख्य मशीन सेलेक्ट्रा में खराबी आ गई। उसे बनने तक करीब एक घंटा तक जांच ठप रही। इसमें दलालों की चांदी हो गई। मरीजों को यह बताते हुए अपने जाल में फंसाने लगे कि मशीन को बनने में पूरा दिन लग जाएगा। ऐसे में इलाज संभव नहीं है। कई मरीज उनके झांसे में आ भी गए और उनके द्वारा दिए गए कार्ड को लेकर जांच करवाने वाले केंद्र की ओर निकल गए।
अवसर का लाभ उठाने वाले दलाल इसी प्रकार से मरीजों का शोषण कर रहे हैं। मशीन के खराब होने और उसके सही होने के समय के बारे में अगर जिम्मेदार बताते तो शायद दलालों की दाल नहीं लगती। पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर नोटिस चस्पा करने के संबंध में कोई कदम नहीं उठाया जाता है।
विज्ञापन


माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में मरीज माफिया की चलने के पीछे स्वास्थ्य महकमा ही बड़ा भूमिका निभा रहा है। उन्हें मरीजों का शोषण करने की पूरी छूट दे रखा है, जिसका फायदा वे हमेशा उठा रहे हैं। दलाल और स्वास्थ्य कर्मियों के गठजोड़ में मरीज की आर्थिक स्थिति बिगड़ जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सोमवार को माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में 1500 से अधिक मरीज ओपीडी में दिखाने के लिए पहुंचे। ओपीडी शुरू हुई थी और चिकित्सक मरीजों को देखना शुरू किए थे। जब मरीज लैब में जांच के लिए पहुंचे तो पता चला कि मुख्य जांच मशीन सेलेक्ट्रा खराब हो गई है। तबतक 9:50 बज चुका था। जब मरीजों को यह पता चला कि जांच मशीन खराब है, तो वे परेशान हो गए। कुछ लोग वापस होने लगे। लौटना भी लाजिमी था, क्योंकि यह जानकारी देने वाला कोई नहीं था कि मशीन कब तक ठीक होगी। खराबी के संबंध में कोई नोटिस भी चस्पा नहीं किया गया था। फिर एक घंटा में जबतक मशीन ठीक हुई, दलाल कई लोगों को अपने झांसे में लेकर निजी जांच केंद्र भेज चुके थे।
सीढि़यों से नीचे उतर रहे नगर निवासी रमेश के पास एक युवक दौड़ते हुए पहुंचा और बोला की जांच करवाना है क्या। रमेश ने हां में जवाब दिया तो वह बोला कि यहां मशीन का कोई भरोसा नहीं है। चलिए हम बताते हैं। इसके बाद उसने एक लैब का कार्ड थमाया और मरीज आगे बढ़ गया। इसी प्रकार उस युवक ने कई लोगों को निजी केंद्र पर भेजा। कोई यह समझ नहीं पाया कि दलाल है फिर स्वास्थ्यकर्मी। कारण यह कि आउटसोर्सिंग के जरिए भर्ती स्वास्थ्यकर्मी ड्रेस पहनते ही नहीं हैं।
अवसर का लाभ उठाने वाले दलालों पर कार्रवाई करने की बजाय जिम्मेदार पकड़े जाने पर भी उन्हें अभयदान दे रहे हैं। इस संबंध में प्राचार्य डॉ. एके झा ने बताया कि मशीन बहुत ही कम समय तक खराब थी। बनते ही जांच शुरू कर दी गई। मशीन बनने में देर होती तो सूचना चस्पा की जाती।



बोले मरीज

मेडिकल कॉलेज नाम के लिए है। यहां लैब की मशीन में हमेशा खराबी होती है। कभी इसे सही नहीं किया गया। बुखार में चिकित्सक ने जांच लिखी थी। पहुंचे तो मशीन खराब होने की जानकारी मिली। अब बाहर जांच करवाने जा रहे हैं।


-मेराज अहमद, तेतरी बाजार

मेडिकल कॉलेज में दलालों की संख्या बढ़ गई है। आज तो मशीन खराब थी, दलाल मरीजों को गुमराह करके निजी केंद्र पर भेज रहे थे। केबिन में बैठकर दलाली करते हैं। इसमें स्वास्थ्य विभाग के लोग मिले रहते हैं। मशीन खराबी के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी जा रही थी। इसलिए कई लोगों को वापस हो जाना पड़ा।

-मो. अरशद, निवासी मोहाना
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed