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ब्लॉक: मौर्य एक्सप्रेस कैंसिल...बाघ एक्सप्रेस ठसाठस
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छपरा में यार्ड रिमाॅडलिंग के चलते तीन ट्रेनें कैंसिल हैं, और 11 के बदल गए हैं रूट
गोरखपुर से लखनऊ और गोरखपुर से छपरा रूट की ट्रेनें चल रहीं कैंसिल
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बाराबंकी के बाद अब छपरा जंक्शन पर भी यार्ड रिमाडलिंग का कार्य चल रहा है। इसके चलते मौर्य एक्सप्रेस कैंसिल हो गई है। इसके अलावा दो और ट्रेनें शुक्रवार से कैंसिल हो जाएंगी। इसके अलावा 11 ट्रेनों का अलग-अलग डेट में रूट डायवर्जन भी होगा। इसके चलते यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मौर्य एक्सप्रेस कैंसिल होने से बाघ एक्सप्रेस में भीड़ और बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को इस ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही लोग सीट के लिए धक्का-मुक्की करने लगे।
मौर्य एक्सप्रेस से बड़ी संख्या में लोग बिहार के सीवान, छपरा, हाजीपुर आदि शहरों की यात्रा करते हैं। छपरा में यार्ड रिमाडलिंग के चलते इस ट्रेन को बुधवार से कैंसिल कर दिया गया है। बृहस्पतिवार को इस ट्रेन से यात्रा करने वाले अधिकांश लोग बाघ एक्सप्रेस की तलाश में थे। दोपहर 12.40 बजे जब यह ट्रेन गोरखपुर स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर पहुंची तो यात्रियों की भीड़ दौड़ पड़ी। स्लीपर कोच की हालत जनरल जैसी हो गई। जिसे जहां जगह मिला, वहीं बैठ गया। सीवान जा रहे रामेश्वर शर्मा ने बताया कि मौर्य एक्सप्रेस के कैंसिल होने के बाद बाघ एक्सप्रेस ही सबसे बेहतर विकल्प है।
लखनऊ-दिल्ली जाने के लिए भी बढ़ीं मुश्किलें
बाराबंकी में यार्ड रिमाडलिंग के चलते लखनऊ और दिल्ली की राह भी कठिन हो गई है। बृहस्पतिवार को वैशाली एक्सप्रेस गोरखपुर स्टेशन पर करीब 40 मिनट की देरी से पहुंची। शाम 5.25 बजे इस ट्रेन के पहुंचते ही यात्री जनरल और स्लीपर कोच में टूट पड़े। आरपीएफ के जवानों ने लोगों को कोच में चढ़ने में मदद की। इससे पहले बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस भी करीब आधे घंटे की देरी से स्टेशन पर पहुंची। वहीं गोरखपुर से ही चलने वाली गोरखधाम एक्सप्रेस में भी यात्रियों की भीड़ दिखी।
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कर्मचारियों ने ट्रेन कैंसिल नहीं करने की उठाई मांग
पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री विनोद राय ने लगातार ट्रेनों के कैंसिल करने को रेलवे और आम यात्रियों के लिए कष्टदायक बताया है। उन्होंने कहा कि इस वक्त ट्रेन कैंसिल होने से बहुत से कर्मचारियों को अपने जरूरी कार्य से भी आने-जाने में दिक्कत हो रही है। बीमार कर्मचारियों को लखनऊ, दिल्ली जाने में दिक्कत हो रही है। सबसे अधिक परेशानी मौर्य एक्सप्रेस के यात्रियों को हो रही है। लोगों के आवागमन की दिक्कतों को देखते हुए ट्रेनों को कैंसिल करने के बजाय रूट डायवर्जन कर चलाना चाहिए।
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गोरखपुर से लखनऊ और गोरखपुर से छपरा रूट की ट्रेनें चल रहीं कैंसिल
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बाराबंकी के बाद अब छपरा जंक्शन पर भी यार्ड रिमाडलिंग का कार्य चल रहा है। इसके चलते मौर्य एक्सप्रेस कैंसिल हो गई है। इसके अलावा दो और ट्रेनें शुक्रवार से कैंसिल हो जाएंगी। इसके अलावा 11 ट्रेनों का अलग-अलग डेट में रूट डायवर्जन भी होगा। इसके चलते यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मौर्य एक्सप्रेस कैंसिल होने से बाघ एक्सप्रेस में भीड़ और बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को इस ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही लोग सीट के लिए धक्का-मुक्की करने लगे।
मौर्य एक्सप्रेस से बड़ी संख्या में लोग बिहार के सीवान, छपरा, हाजीपुर आदि शहरों की यात्रा करते हैं। छपरा में यार्ड रिमाडलिंग के चलते इस ट्रेन को बुधवार से कैंसिल कर दिया गया है। बृहस्पतिवार को इस ट्रेन से यात्रा करने वाले अधिकांश लोग बाघ एक्सप्रेस की तलाश में थे। दोपहर 12.40 बजे जब यह ट्रेन गोरखपुर स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर पहुंची तो यात्रियों की भीड़ दौड़ पड़ी। स्लीपर कोच की हालत जनरल जैसी हो गई। जिसे जहां जगह मिला, वहीं बैठ गया। सीवान जा रहे रामेश्वर शर्मा ने बताया कि मौर्य एक्सप्रेस के कैंसिल होने के बाद बाघ एक्सप्रेस ही सबसे बेहतर विकल्प है।
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लखनऊ-दिल्ली जाने के लिए भी बढ़ीं मुश्किलें
बाराबंकी में यार्ड रिमाडलिंग के चलते लखनऊ और दिल्ली की राह भी कठिन हो गई है। बृहस्पतिवार को वैशाली एक्सप्रेस गोरखपुर स्टेशन पर करीब 40 मिनट की देरी से पहुंची। शाम 5.25 बजे इस ट्रेन के पहुंचते ही यात्री जनरल और स्लीपर कोच में टूट पड़े। आरपीएफ के जवानों ने लोगों को कोच में चढ़ने में मदद की। इससे पहले बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस भी करीब आधे घंटे की देरी से स्टेशन पर पहुंची। वहीं गोरखपुर से ही चलने वाली गोरखधाम एक्सप्रेस में भी यात्रियों की भीड़ दिखी।
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कर्मचारियों ने ट्रेन कैंसिल नहीं करने की उठाई मांग
पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री विनोद राय ने लगातार ट्रेनों के कैंसिल करने को रेलवे और आम यात्रियों के लिए कष्टदायक बताया है। उन्होंने कहा कि इस वक्त ट्रेन कैंसिल होने से बहुत से कर्मचारियों को अपने जरूरी कार्य से भी आने-जाने में दिक्कत हो रही है। बीमार कर्मचारियों को लखनऊ, दिल्ली जाने में दिक्कत हो रही है। सबसे अधिक परेशानी मौर्य एक्सप्रेस के यात्रियों को हो रही है। लोगों के आवागमन की दिक्कतों को देखते हुए ट्रेनों को कैंसिल करने के बजाय रूट डायवर्जन कर चलाना चाहिए।