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Siddharthnagar News: नेपाल में बर्ड फ्लू... सीमावर्ती इलाकों में अलर्ट
Sun, 05 Apr 2026 12:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 05 Apr 2026 12:36 AM IST
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चिल्हिया क्षेत्र में स्थित पोल्ट्री फार्म- संवाद
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सिद्धार्थनगर। नेपाल में फैले बर्ड फ्लू के बाद जिले में भी इसका खतरा मंडराने लगा है। जनपद में अभी इस बीमारी के संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन, नेपाल में फैली बीमारी के मद्देनजर सीमावर्ती इलाकों के चार ब्लॉक लोटन, बर्डपुर, शोहरतगढ़ और बढ़नी में अलर्ट जारी किया गया है। जिला स्तरीय टास्क फोर्स का गठन कर कंट्रोल रूम भी स्थापित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, फार्म में मुर्गे के मरने या अन्य पक्षी के मौत की बात सामने आने पर सूचना देने के साथ तत्काल टीम को मौके पर जाकर जांच करने के लिए निर्देशित किया गया है। डीएम की ओर से बैठक करके सीएमओ को भी अस्पताल में अतिरिक्त व्यवस्था के निर्देश दिए हैं, जिससे अगर संक्रमण का प्रसार ही हो तो त्वरित इलाज किया जा सके। पड़ोसी देश नेपाल में बर्ड फ्लू दस्तक दे चुका है। ऐसे में इसी बीमारी के यहां प्रसार होने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है। नेपाल में खतरे को देखते हुए जिले में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।
डीएम ने टास्क फोर्स गठित की है, जो बतख और कुक्कट फाॅर्मों के संचालकों से संपर्क कर उनकी जांच करेगी ताकि बीमारी के फैलाव को रोका जा सके। नेपाल बाॅर्डर से लगने वाले लोटन, बर्डपुर, शोहरतगढ़ और बढ़नी ब्लॉक क्षेत्र में खास निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा इसलिए कि सीमावर्ती इलाके से लोग नेपाल और भारत दाेनों जगह बाजार करने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यहां से प्रसार का खतरा अधिक है। यहां मुर्गी फार्म या फिर अन्य स्थानों पर अगर पक्षी मरा हुआ मिलता है तो उसकी जांच की जाएगी।
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सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा। रिपोर्ट में अगर पुष्टि होती है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जनपद में मुर्गा पालन का कारोबार ठीक-ठाक चलता है। यहां स्थानीय के अलावा बाहर से भी बड़े कारोबारी मुर्गा मंगाते हैं। कारोबार से जुड़े मोहम्मद हनीफ ने बताया कि मुर्गा पालन में पैसा है, लेकिन बीमारी होने, ठंड और गर्मी से मरने का डर बना रहता है। उत्पादन कितनी भी हो जाए, खपत हो जाएगी। मुर्गा फाॅर्म के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में लोग पालन बढ़ा है। खपत की बात करें तो हजारों क्विंटल मुर्गा की बिक्री हो जाती है। कारण फाॅर्म से लेकर जाने वाले जहां 80-100 किलो उठाते हैं। बीमार शुरू होने पर यह 50 से 70 रुपये में गांव-गांव जाकर लोग बेचते हैं, जिससे पकड़ में न आएं। कारोबार से जुड़े रियाज ने बताया कि बीमारी की बात करें तो लगभग हर साल अलर्ट होता है। प्रसार के बाद बिक्री पर कुछ दिन तक असर रहता है।
संक्रमित होने के बाद इंसान को समस्या होगी : विशेषज्ञों के अनुसार, इंसान की तरह से पक्षी भी कई प्रकार की बीमारी के शिकार होते हैं। इनमें ऐसी बीमारी होती है जो इनके लिए जानलेवा साबित होती है।
इसमें सबसे खतरनाक बीमारी बर्ड फ्लू है जो मुर्गी और बतख में तेजी से फैलती है। आमतौर पर इसकी चपेट में हर साल आकर मुर्गे और बतख जान गंवाते हैं, लेकिन इसका सबसे अधिक खतरा इंसान पर है। चिकित्सकों के मुताबिक बर्ड फ्लू सामान्य फ्लू जैसा होता है।
मगर धीरे-धीरे रोगी के लिए यह खतरनाक साबित हो सकता है। बीमारी का प्रमुख लक्षण हमेशा कफ रहना, नाक बहना, सिर में दर्द रहना, गले में सूजन, मांसपेशियों में दर्द, दस्त होना, हर वक्त उल्टी महसूस होना, पेट के निचले हिस्से में दर्द होना, सांस लेने में समस्या, सांस न आना और निमोनिया, आंख में दिक्कत जैसे प्रमुख लक्षण हैं। बर्ड फ्लू से बचाव के लिए संक्रमित पक्षियों से दूर रहें। इसमें खासकर मरे हुए पक्षियों से दूर रहने की कोशिश करें। बर्ड फ्लू का संक्रमण फैला है तो मांसाहारी भोजन न करें। मांस खरीदते समय सफाई पर विशेष ध्यान दें। संक्रमण वाले इलाके में न जाएं और अगर जाते हैं तो मास्क जरूर लगाएं।
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वहीं, फार्म में मुर्गे के मरने या अन्य पक्षी के मौत की बात सामने आने पर सूचना देने के साथ तत्काल टीम को मौके पर जाकर जांच करने के लिए निर्देशित किया गया है। डीएम की ओर से बैठक करके सीएमओ को भी अस्पताल में अतिरिक्त व्यवस्था के निर्देश दिए हैं, जिससे अगर संक्रमण का प्रसार ही हो तो त्वरित इलाज किया जा सके। पड़ोसी देश नेपाल में बर्ड फ्लू दस्तक दे चुका है। ऐसे में इसी बीमारी के यहां प्रसार होने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है। नेपाल में खतरे को देखते हुए जिले में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।
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डीएम ने टास्क फोर्स गठित की है, जो बतख और कुक्कट फाॅर्मों के संचालकों से संपर्क कर उनकी जांच करेगी ताकि बीमारी के फैलाव को रोका जा सके। नेपाल बाॅर्डर से लगने वाले लोटन, बर्डपुर, शोहरतगढ़ और बढ़नी ब्लॉक क्षेत्र में खास निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा इसलिए कि सीमावर्ती इलाके से लोग नेपाल और भारत दाेनों जगह बाजार करने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यहां से प्रसार का खतरा अधिक है। यहां मुर्गी फार्म या फिर अन्य स्थानों पर अगर पक्षी मरा हुआ मिलता है तो उसकी जांच की जाएगी।
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सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा। रिपोर्ट में अगर पुष्टि होती है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जनपद में मुर्गा पालन का कारोबार ठीक-ठाक चलता है। यहां स्थानीय के अलावा बाहर से भी बड़े कारोबारी मुर्गा मंगाते हैं। कारोबार से जुड़े मोहम्मद हनीफ ने बताया कि मुर्गा पालन में पैसा है, लेकिन बीमारी होने, ठंड और गर्मी से मरने का डर बना रहता है। उत्पादन कितनी भी हो जाए, खपत हो जाएगी। मुर्गा फाॅर्म के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में लोग पालन बढ़ा है। खपत की बात करें तो हजारों क्विंटल मुर्गा की बिक्री हो जाती है। कारण फाॅर्म से लेकर जाने वाले जहां 80-100 किलो उठाते हैं। बीमार शुरू होने पर यह 50 से 70 रुपये में गांव-गांव जाकर लोग बेचते हैं, जिससे पकड़ में न आएं। कारोबार से जुड़े रियाज ने बताया कि बीमारी की बात करें तो लगभग हर साल अलर्ट होता है। प्रसार के बाद बिक्री पर कुछ दिन तक असर रहता है।
संक्रमित होने के बाद इंसान को समस्या होगी : विशेषज्ञों के अनुसार, इंसान की तरह से पक्षी भी कई प्रकार की बीमारी के शिकार होते हैं। इनमें ऐसी बीमारी होती है जो इनके लिए जानलेवा साबित होती है।
इसमें सबसे खतरनाक बीमारी बर्ड फ्लू है जो मुर्गी और बतख में तेजी से फैलती है। आमतौर पर इसकी चपेट में हर साल आकर मुर्गे और बतख जान गंवाते हैं, लेकिन इसका सबसे अधिक खतरा इंसान पर है। चिकित्सकों के मुताबिक बर्ड फ्लू सामान्य फ्लू जैसा होता है।
मगर धीरे-धीरे रोगी के लिए यह खतरनाक साबित हो सकता है। बीमारी का प्रमुख लक्षण हमेशा कफ रहना, नाक बहना, सिर में दर्द रहना, गले में सूजन, मांसपेशियों में दर्द, दस्त होना, हर वक्त उल्टी महसूस होना, पेट के निचले हिस्से में दर्द होना, सांस लेने में समस्या, सांस न आना और निमोनिया, आंख में दिक्कत जैसे प्रमुख लक्षण हैं। बर्ड फ्लू से बचाव के लिए संक्रमित पक्षियों से दूर रहें। इसमें खासकर मरे हुए पक्षियों से दूर रहने की कोशिश करें। बर्ड फ्लू का संक्रमण फैला है तो मांसाहारी भोजन न करें। मांस खरीदते समय सफाई पर विशेष ध्यान दें। संक्रमण वाले इलाके में न जाएं और अगर जाते हैं तो मास्क जरूर लगाएं।