{"_id":"5fca6dcb8ebc3ecf997c993e","slug":"beo-and-three-teachers-found-guilty-during-investigation-siddharthnagar-news-gkp375637398","type":"story","status":"publish","title_hn":"जांच में दोषी मिले बीइओ समेत तीन शिक्षक, होगी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जांच में दोषी मिले बीइओ समेत तीन शिक्षक, होगी कार्रवाई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जांच में दोषी मिले बीईओ और तीन शिक्षकों पर होगी कार्रवाई
ब्लॉक उसका बाजार के पूर्व माध्यमिक विद्यालय गंगाधरपुर का मामला
शिकायत के आधार पर डीएम ने गठित की थी तीन सदस्यीय जांच टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। उसका बाजार अंतर्गत पूर्व माध्यमिक विद्यालय गंगाधरपुर में कक्षोन्नति के बाद टीसी नहीं निर्गत होने, महिला अध्यापक के साथ मारपीट, पंजीकृत मुकदमे की वापसी के लिए धमकी देने, बच्चों के नामांकन में हेराफेरी जैसी गंभीर शिकायतें हुईं। डीएम ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की। सौंपे गए रिपोर्ट में खंड शिक्षा अधिकारी और तीन शिक्षक दोषी पाए गए हैं। सभी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय गंगाधरपुर में कार्यरत सहायक अध्यापक निकेता शंखधार ने डीएम से प्रभारी प्रधानाध्यापक अभय श्रीवास्तव के खिलाफ शिकायत की। उन पर छात्रा उर्मिला और राजन को टीसी निर्गत नहीं करने, हिंसात्मक एवं निंदनीय कार्य, मुकदमे की वापसी का दबाव, रिवाल्वर निकालकर धमकाने, प्रभार हस्तांतरण नहीं करने जैसे आदि गंभीर शिकायतें कीं। डीएम ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की। टीम में अपर उपजिलाधिकारी शिवमूर्ति सिंह, जिला विकास अधिकारी शेषमणि सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक अवधेष नारायण मौर्य शामिल थे। जांचोपरांत सौंपे रिपोर्ट में छात्रा उर्मिला और राजन के मामले में प्रवेश पंजिका पर प्रविष्टियां अत्यंत मनमानी पूर्ण तरीके से की गई हैं। एक ही छात्र को कई वर्षों तक रोका गया है। मारपीट की शिकायत के मामले में उसका बाजार थाने में मुकदमा दर्ज है। सहायक अध्यापक नम्रता सिंह और निकेता शंखधार एक ही स्कूल पर तैनात थीं। नम्रता को प्रभार मिला था, पर आपसी समन्वय नहीं था। नम्रता को इस स्कूल से हटाकर निकेता शंखधार को प्रभारी तैनात कर दिया गया। इसी बीच अभय श्रीवास्तव को कार्यभार दे दिया गया। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारी भी दोषी हैं। विद्यालय की प्रवेश पंजिका की पिछले चार-पांच वर्षों में किसी भी बीईओ ने अवलोकन नहीं किया था। अध्यापकों के आपसी विवाद और अभिलेखों की गड़बड़ियों का दुष्प्रभाव छात्रों को भुगतना पड़ रहा था। गलती संज्ञान में आने के बाद भी बीईओ ने अभिलेखों का ठीक नहीं कराने में लापरवाही बरती। जांच टीम ने प्रकरण में तीनों शिक्षकों को संबंधित विद्यालयों या विकास खंड उसका बाजार से हटाकर अन्य ब्लॉक में अलग-अलग दूरस्थ स्कूलों में तैनात करने, शिक्षा विभाग के अधिकारियों की टीम बनाकर विशेषकर पंजीकरण रजिस्टर ठीक कराकर छात्रों को टीसी बनवाकर समस्या समाधान कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुुति की है।
विज्ञापन
ब्लॉक उसका बाजार के पूर्व माध्यमिक विद्यालय गंगाधरपुर का मामला
शिकायत के आधार पर डीएम ने गठित की थी तीन सदस्यीय जांच टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। उसका बाजार अंतर्गत पूर्व माध्यमिक विद्यालय गंगाधरपुर में कक्षोन्नति के बाद टीसी नहीं निर्गत होने, महिला अध्यापक के साथ मारपीट, पंजीकृत मुकदमे की वापसी के लिए धमकी देने, बच्चों के नामांकन में हेराफेरी जैसी गंभीर शिकायतें हुईं। डीएम ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की। सौंपे गए रिपोर्ट में खंड शिक्षा अधिकारी और तीन शिक्षक दोषी पाए गए हैं। सभी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय गंगाधरपुर में कार्यरत सहायक अध्यापक निकेता शंखधार ने डीएम से प्रभारी प्रधानाध्यापक अभय श्रीवास्तव के खिलाफ शिकायत की। उन पर छात्रा उर्मिला और राजन को टीसी निर्गत नहीं करने, हिंसात्मक एवं निंदनीय कार्य, मुकदमे की वापसी का दबाव, रिवाल्वर निकालकर धमकाने, प्रभार हस्तांतरण नहीं करने जैसे आदि गंभीर शिकायतें कीं। डीएम ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की। टीम में अपर उपजिलाधिकारी शिवमूर्ति सिंह, जिला विकास अधिकारी शेषमणि सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक अवधेष नारायण मौर्य शामिल थे। जांचोपरांत सौंपे रिपोर्ट में छात्रा उर्मिला और राजन के मामले में प्रवेश पंजिका पर प्रविष्टियां अत्यंत मनमानी पूर्ण तरीके से की गई हैं। एक ही छात्र को कई वर्षों तक रोका गया है। मारपीट की शिकायत के मामले में उसका बाजार थाने में मुकदमा दर्ज है। सहायक अध्यापक नम्रता सिंह और निकेता शंखधार एक ही स्कूल पर तैनात थीं। नम्रता को प्रभार मिला था, पर आपसी समन्वय नहीं था। नम्रता को इस स्कूल से हटाकर निकेता शंखधार को प्रभारी तैनात कर दिया गया। इसी बीच अभय श्रीवास्तव को कार्यभार दे दिया गया। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारी भी दोषी हैं। विद्यालय की प्रवेश पंजिका की पिछले चार-पांच वर्षों में किसी भी बीईओ ने अवलोकन नहीं किया था। अध्यापकों के आपसी विवाद और अभिलेखों की गड़बड़ियों का दुष्प्रभाव छात्रों को भुगतना पड़ रहा था। गलती संज्ञान में आने के बाद भी बीईओ ने अभिलेखों का ठीक नहीं कराने में लापरवाही बरती। जांच टीम ने प्रकरण में तीनों शिक्षकों को संबंधित विद्यालयों या विकास खंड उसका बाजार से हटाकर अन्य ब्लॉक में अलग-अलग दूरस्थ स्कूलों में तैनात करने, शिक्षा विभाग के अधिकारियों की टीम बनाकर विशेषकर पंजीकरण रजिस्टर ठीक कराकर छात्रों को टीसी बनवाकर समस्या समाधान कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुुति की है।
विज्ञापन