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स्थाई बीडीओ न होने से भटक रहे ग्रामीण
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 06 Sep 2016 10:41 PM IST
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जोगिया में बीडीओ कार्यालय पर लटक रहा ताला।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सिद्धार्थनगर। जोगिया ब्लाक पर स्थाई बीडीओ की तैनाती न होने से काम-काज प्रभावित हो रहा है। लगभग दो माह पहले इस ब्लाक से बीडीओ का ट्रांसफर हो गया था, जिसके बाद डीआरडीए के परियोजना निदेशक को यहां का चार्ज दे दिया गया। इस ब्लाक से 72 ग्राम पंचायत जुड़े हैं।
स्थाई बीडीओ न होने से ग्राम पंचायतों का विकास कार्य भी प्रभावित हो रहा है। इन दिनों आम जनता से लेकर जनप्रतिनिधि तक बीडीओ की खोज में भटकते रहते हैं। दोहरा काम होने के कारण परियोजना निदेशक जोगिया ब्लाक पर समय से उपस्थित नहीं हो पाते हैं। अक्सर ग्रामीण अपने निजी कार्य से बीडीओ से मिलने आते हैं, मगर कार्यालय पर बंद ताला देखकर निराश होकर वापस लौट जाते हैं। यही नही ब्लाक के अधिकारी के न होने से कर्मचारी भी मनमानी तरीके से काम करतें हैं।
यहां जनता की समस्या सुननेवाला कोई नही है, न ही कर्मचारियों के आने-जाने सही समय भी नही रहता है। ब्लाक क्षेत्र के करौंदा मसिना, कटहना, बकरहुआं, देवरा बाजार और नगपरा आदि के ग्रामीण अपनी समस्या को लेकर ब्लाक का चक्कर लगाते हैं मगर इनका सुनने वाला कोई नहीं है।
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स्थाई बीडीओ न होने से ग्राम पंचायतों का विकास कार्य भी प्रभावित हो रहा है। इन दिनों आम जनता से लेकर जनप्रतिनिधि तक बीडीओ की खोज में भटकते रहते हैं। दोहरा काम होने के कारण परियोजना निदेशक जोगिया ब्लाक पर समय से उपस्थित नहीं हो पाते हैं। अक्सर ग्रामीण अपने निजी कार्य से बीडीओ से मिलने आते हैं, मगर कार्यालय पर बंद ताला देखकर निराश होकर वापस लौट जाते हैं। यही नही ब्लाक के अधिकारी के न होने से कर्मचारी भी मनमानी तरीके से काम करतें हैं।
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यहां जनता की समस्या सुननेवाला कोई नही है, न ही कर्मचारियों के आने-जाने सही समय भी नही रहता है। ब्लाक क्षेत्र के करौंदा मसिना, कटहना, बकरहुआं, देवरा बाजार और नगपरा आदि के ग्रामीण अपनी समस्या को लेकर ब्लाक का चक्कर लगाते हैं मगर इनका सुनने वाला कोई नहीं है।
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