{"_id":"655a5fdb565ba78ddb05cf33","slug":"bail-rejected-of-gangrape-accuse-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1034-8469-2023-11-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: सामूहिक दुष्कर्म के अभियुक्त की जमानत अर्जी खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: सामूहिक दुष्कर्म के अभियुक्त की जमानत अर्जी खारिज
Mon, 20 Nov 2023 12:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 20 Nov 2023 12:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जनपद एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार मलिक ने घर में घुसने, बंधक बनाने, सामूहिक दुष्कर्म करने, जानमाल की धमकी देने के मुख्य अभियुक्त की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। घटना का मुख्य अभियुक्त मोहाना थानाक्षेत्र के गोपीजोत निवासी गोलू उर्फ विजय पुत्र श्याम प्रकाश उर्फ गाले वर्तमान में जेल में बंद है।
घटना मोहाना थानाक्षेत्र के एक गांव की है। सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता ने पुलिस को नामजद तहरीर देकर कहा कि छह अक्तूबर की शाम वह अकेली थी। उसी वक्त गोलू पुत्र गाले घर में घुसकर छेड़खानी करने लगा। विरोध करने पर चाकू निकाल कर उसके छोटे बच्चे आयुष के गले पर रख दिया और वादिनी को भयभीत करके गलत कार्य किया और उसके बाद आलमारी में रखे जेवरात हार, टीका, नथिया, झुमका सभी सोने का करधन पायजेब चांदी का और दो लाख रुपये आलमारी खोलकर निकाल लिया।
उसके बाद वादिनी को जबरिया बाइक पर बैठाकर गोरखपुर ले जाकर तीन दिनों तक रखा और उसके साथ गोलू के बहनोई ने भी गलत कार्य किया। उसने तीन दिन बाद गांव में लाकर छोड़ दिया। सारी घटना घर वालों से बताई तो शिकायत करने पर उक्त लोगों ने घर पर चढ़कर गाली दी। मुल्जिमान आज भी धमकी दे रहे थे। उचित कानूनी कार्रवाई करने की कृपा करें।
विज्ञापन
पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना शुरू की और अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता का मेडिकल कराकर उसका न्यायालय में भी बयान दर्ज करवाया। इसमें पीड़िता ने घटना का समर्थन किया है। अभी न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल नहीं है। अभियुक्त ने पट्टीदारी की रंजिश में झूठा फंसाने की बात कहते हुए जमानत अर्जी दाखिल की। राज्य सरकार की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता अखिलेश नारायण श्रीवास्तव ने विरोध किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस सुनकर मामले के गुणदोष पर कोई टिप्पणी किए बगैर जमानत का उपयुक्त आधार नहीं पाया और जमानत अर्जी खारिज कर दी।
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। जनपद एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार मलिक ने घर में घुसने, बंधक बनाने, सामूहिक दुष्कर्म करने, जानमाल की धमकी देने के मुख्य अभियुक्त की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। घटना का मुख्य अभियुक्त मोहाना थानाक्षेत्र के गोपीजोत निवासी गोलू उर्फ विजय पुत्र श्याम प्रकाश उर्फ गाले वर्तमान में जेल में बंद है।
घटना मोहाना थानाक्षेत्र के एक गांव की है। सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता ने पुलिस को नामजद तहरीर देकर कहा कि छह अक्तूबर की शाम वह अकेली थी। उसी वक्त गोलू पुत्र गाले घर में घुसकर छेड़खानी करने लगा। विरोध करने पर चाकू निकाल कर उसके छोटे बच्चे आयुष के गले पर रख दिया और वादिनी को भयभीत करके गलत कार्य किया और उसके बाद आलमारी में रखे जेवरात हार, टीका, नथिया, झुमका सभी सोने का करधन पायजेब चांदी का और दो लाख रुपये आलमारी खोलकर निकाल लिया।
विज्ञापन
उसके बाद वादिनी को जबरिया बाइक पर बैठाकर गोरखपुर ले जाकर तीन दिनों तक रखा और उसके साथ गोलू के बहनोई ने भी गलत कार्य किया। उसने तीन दिन बाद गांव में लाकर छोड़ दिया। सारी घटना घर वालों से बताई तो शिकायत करने पर उक्त लोगों ने घर पर चढ़कर गाली दी। मुल्जिमान आज भी धमकी दे रहे थे। उचित कानूनी कार्रवाई करने की कृपा करें।
विज्ञापन
पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना शुरू की और अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता का मेडिकल कराकर उसका न्यायालय में भी बयान दर्ज करवाया। इसमें पीड़िता ने घटना का समर्थन किया है। अभी न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल नहीं है। अभियुक्त ने पट्टीदारी की रंजिश में झूठा फंसाने की बात कहते हुए जमानत अर्जी दाखिल की। राज्य सरकार की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता अखिलेश नारायण श्रीवास्तव ने विरोध किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस सुनकर मामले के गुणदोष पर कोई टिप्पणी किए बगैर जमानत का उपयुक्त आधार नहीं पाया और जमानत अर्जी खारिज कर दी।