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%ब्लैक स्पॉट% पर मौजूद रहेंगी एंबुलेंस

Wed, 29 Jan 2020 10:42 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jan 2020 10:42 PM IST
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ambulence will be on danger jone
‘डेंजर जोन’ पर मौजूद रहेगी एंबुलेंस
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प्रशासन ने तय किए 11 ब्लैक स्पॉट, दुर्घटनाओं में आएगी कमी
शहर में 20 मिनट, ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट में पहुंचेगी एंबुलेंस
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। एक्सीडेंट की बढ़ती घटनाओं और लोगों को हॉस्पिटल तक पहुंचाने की सुविधाओं को देखते हुए जिलाधिकारी ने नया प्रयोग कि या है। जिले के 11 डेंजर जोन के नजदीक एंबुलेंस खड़ी करने के आदेश दिए हैं। इसके पीछे दुर्घटना होने की स्थिति में मरीज को जल्द से जल्द अस्पताल में पहुंचाने व उसे बचाए जाने की मंशा है। एंबुलेंस को शहरी क्षेत्रों में 20 मिनट व ग्रामीण क्षेत्र में 30 मिनट के भीतर एंबुलेंस के पहुंचने की सख्त हिदायत दी गई है।
जिले में उप संभागीय परिवहन विभाग ने 11 ऐसे खतरनाक स्पॉट को चिह्नित किया है, जहां पर सबसे ज्यादा दुर्घटना होती है। अधिकारियों के अनुसार चिह्नित स्पॉट नेशनल हाईवे व राज्यमार्ग पर स्थित हैं। इनमें विकास खंड उसका बाजार के मधवापुर, शोहरतगढ़ ब्लॉक के परसिया, शोहरतगढ़ शहर से सटे मड़वा मोड़, इटवा क्षेत्र के करहिया, इटवा-बांसी मार्ग पर विशुनपुर, जोगिया ब्लॉक के ककरही पुल, बांसी ब्लॉक के असनहरा, बांसी ब्लॉक के रानीगंज, महुआ पेट्रोल पंप, डुमरियागंज ब्लॉक के बेंवा चौराहा व विरावा शामिल हैं। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने डेंजर जोन के स्पॉट समेत नजदीक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पुलिस थाना, पुलिस चौकी, इनमें से जो भी हो वहां पर 108 एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सीएमओ को सख्त निर्देश दिए हैं। आदेश के मुताबिक इन एंबुलेंस में मरीज के प्राथमिक इलाज के पूरे उपकरण होने जरूरी होंगे। ताकि अस्पताल में पहुंचने से पहले 10 से 15 फीसदी इलाज संभव हो सके और उसकी जान को बचाया जा सके। एंबुलेंस की व्यवस्था और इस दुरुस्त करके रखी जाए कि शहरी क्षेत्र में 20 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट में पहुंचा जा सके।
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एंबुलेंस की संख्या पर्याप्त
अधिकारियों की मानें तो जिले में 108 एंबुलेंस की संख्या पर्याप्त मात्रा में हैं। जिले में कुल संख्या 29 है। ऐसे में लोगों को हॉस्पिटल में पहुंचाने में कोई दिक्कत या परेशानी नहीं होगी। वैसे भी सिद्धार्थनगर में कई प्राइवेट हॉस्पिटल और नर्सिग होम हैं। जिनकी अपनी एंबुलेंस सड़कों पर दौड़ रही है।
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दो लाख पर एक एंबुलेंस जरूरी
शासन के आदेशों की मानें तो जिन जनपदों में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की जनसंख्या 30-35 लाख से ऊपर है। उन जनपदों में 3-4 लाख की पॉपुलेशन पर एक एंबुलेंस का प्रावधान किया गया है। अगर बात जिले की करें तो मौजूदा समय में कुल पॉपुलेशन करीब 35 लाख के आसपास है।
ब्लैक स्पॉट की सूची का इंतजार
जिलाधिकारी की ओर से एक पखवारा पूर्व जिला अस्पताल के निरीक्षण में सीएमओ को जिले के ब्लैक स्पॉट के आसपास एंबुलेंस की उपलब्धता के लिए सीएमओ को सख्त निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद एंबुलेंस प्रबंध तंत्र से जुड़े जिम्मेदार को चिह्नित सूची का इंतजार है। जिले के कार्यक्रम प्रबंधक नौमी नाथ यादव का कहना है कि सूची की उपलब्धता होते ही एंबुलेंस के संचालन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

कोट
जिलाधिकारी के निर्देश पर ब्लैक स्पॉट पर एंबुलेंस की उपलब्धता के लिए संबंधित को कड़े निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी शिकायतें मिलीं और पुष्टि हुई तो निश्चय ही दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. सीमा राय, मुख्य चिकित्साधिकारी।
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