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Siddharthnagar News: सारी सेवाएं ऑनलाइन... भुगतान सिर्फ नकद में
Fri, 06 Dec 2024 11:26 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 06 Dec 2024 11:26 PM IST
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सिद्धार्थनगर। संभागीय परिवहन विभाग की ओर से समाधान योजना की शुरूआत की गई है। संभागीय परिवहन विभाग में सारी सेवाएं ऑनलाइन की जा रही है। लेकिन नकद देने के बाद ही समाधान योजना का लाभ मिल रहा है। नकदी लेकर आने पर ही लोग योजना का लाभ पा रहा है।
जिले में पांच हजार से अधिक वाहन स्वामियों पर नौ करोड़ रुपये वाहन टैक्स बकाया है। उनकी सहूलियत के लिए विभाग 100 प्रतिशत छूट दे रहा है। इसमें तय राशि से रजिस्ट्रेशन कराने के बाद योजना का लाभ वाहन स्वामी ले सकते हैं। पर ऑफलाइन भुगतान के कारण लोगों को नकदी की व्यवस्था करके आना पड़ रहा है।
इससे उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। हालांकि यह स्थानीय स्तर से समस्या नहीं है, शासन स्तर से ही ऑफलाइन भुगतान का दिशा-निर्देश दिया। इस योजना का लाभ अबतक सवा सौ वाहन स्वामियों ने लाभ लिया है। जबकि 17 लाख रुपये से अधिक का भुगतान कर चुके हैं।
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सरकार कार्यालय में पेपर लेस व्यवस्था लागू करने के साथ ही सारी व्यवस्थाएं ऑनलाइन कर रही है। जिससे लोगों को सहूलियत मिल सके। लेकिन वाहनों के बकाया टैक्स जमा करने पर एक मुश्त समाधान योजना में ऑनलाइन भुगतान की कोई व्यवस्था नहीं है जो वाहन स्वामियों के लिए परेशानी बन रहा है। कई ऐसे वाहन स्वामी हैं जो रुपये जमा करने के लिए आ रहे हैं, लेकिन यहां आने के बाद पता चला रहा है कि टैक्स का भुगतान में ऑनलाइन पेमेंट की कोई सुविधा नहीं हैं। ऐसे में वाहन स्वामी को नकद लाने जाना पड़ रहा है।
शुल्क भरने आए राकेश कुमार ने बताया कि रजिस्ट्रेशन शुल्क तक तो ठीक है, नकद जमा कर दें। लेकिन लाखों में जिसकी राशि है, उसे नकदी लाने में परेशानी होगी। ऑनलाइन की सुविधा करने की जरूरत है।
इसी प्रकार नगर के निवासी रईस ने बताया कि रजिस्ट्रेशन के लिए नकदी लेकर आना पड़ रहा है। ऑनलाइन पर निर्भरता बढ़ी है, इसलिए भुगतान ऑनलाइन करने की जरूरत है।
इस संबंध में एआरटीओ सुरेश कुमार ने बताया कि शासन के दिशा-निर्देश के अनुसार कार्य किया जा रहा है। वहीं से नकद भुगतान के लिए निर्देश प्राप्त हुआ। बकायेदारों को योजना का लाभ लेना चाहिए।
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जिले में पांच हजार से अधिक वाहन स्वामियों पर नौ करोड़ रुपये वाहन टैक्स बकाया है। उनकी सहूलियत के लिए विभाग 100 प्रतिशत छूट दे रहा है। इसमें तय राशि से रजिस्ट्रेशन कराने के बाद योजना का लाभ वाहन स्वामी ले सकते हैं। पर ऑफलाइन भुगतान के कारण लोगों को नकदी की व्यवस्था करके आना पड़ रहा है।
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इससे उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। हालांकि यह स्थानीय स्तर से समस्या नहीं है, शासन स्तर से ही ऑफलाइन भुगतान का दिशा-निर्देश दिया। इस योजना का लाभ अबतक सवा सौ वाहन स्वामियों ने लाभ लिया है। जबकि 17 लाख रुपये से अधिक का भुगतान कर चुके हैं।
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सरकार कार्यालय में पेपर लेस व्यवस्था लागू करने के साथ ही सारी व्यवस्थाएं ऑनलाइन कर रही है। जिससे लोगों को सहूलियत मिल सके। लेकिन वाहनों के बकाया टैक्स जमा करने पर एक मुश्त समाधान योजना में ऑनलाइन भुगतान की कोई व्यवस्था नहीं है जो वाहन स्वामियों के लिए परेशानी बन रहा है। कई ऐसे वाहन स्वामी हैं जो रुपये जमा करने के लिए आ रहे हैं, लेकिन यहां आने के बाद पता चला रहा है कि टैक्स का भुगतान में ऑनलाइन पेमेंट की कोई सुविधा नहीं हैं। ऐसे में वाहन स्वामी को नकद लाने जाना पड़ रहा है।
शुल्क भरने आए राकेश कुमार ने बताया कि रजिस्ट्रेशन शुल्क तक तो ठीक है, नकद जमा कर दें। लेकिन लाखों में जिसकी राशि है, उसे नकदी लाने में परेशानी होगी। ऑनलाइन की सुविधा करने की जरूरत है।
इसी प्रकार नगर के निवासी रईस ने बताया कि रजिस्ट्रेशन के लिए नकदी लेकर आना पड़ रहा है। ऑनलाइन पर निर्भरता बढ़ी है, इसलिए भुगतान ऑनलाइन करने की जरूरत है।
इस संबंध में एआरटीओ सुरेश कुमार ने बताया कि शासन के दिशा-निर्देश के अनुसार कार्य किया जा रहा है। वहीं से नकद भुगतान के लिए निर्देश प्राप्त हुआ। बकायेदारों को योजना का लाभ लेना चाहिए।